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Sambhal News: जनपद में लहराई मोटे अनाज की फसलें
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चंदौसी। आधुनिक अनाज गेहूं, चावल को छोड़कर कृषि विभाग फिर से मोटे अनाजों की बुआई के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रहा है। मोटे अनाज यानी मिलेट्स में शामिल रागी, कोदो और सांवा जैसी फसले जिले में लहराती दिखाई दे रही है। इन तीनों फसलों का करीब 34.38 क्विंटल बीज किसानों को बांटा गया है। ये मोटे अनाज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और कई बीमारियों को दूर रखते हैं। इनके अलावा उड़द, मूंग, बाजरा, ज्वार की फसलों की बुआई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
जिले में वर्तमान में गन्ना, गेहूं, धान के अलावा मोटे अनाज में बाजरे की बुआई है। इसके अलावा अन्य मोटे अनाज की बुआई किसान काफी समय पहले छोड़ चुके हैं। फिर से मोटे अनाज यानी मिलेट्स की ओर लौटने के लिए केंद्र सरकार ने 2023-24 को मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। इसी तहत जनपदों में मोटे अनाजाें की बुआई को बढ़ा दिया जा रहा है।
संभल जनपद में कृषि विभाग ने रागी यानी मडुआ का करीब 30 क्विंटल बीज, सांवा यानी समाई का करीब 2.40 क्विंटल बीज, कोदा का 1.98 क्विंटल बीज की किट बनाकर किसानों को बांटी है। तीनों की फसले के वितरित किए गए बीज से करीब 240 हेक्टेअर क्षेत्र में बुआई हो सकती है। जिले में जगह जगह रागी व सांवा की फसल लहराती दिखाई दे रही है। आने वाला समय फिर से मिलेट्स यानी मोटे अनाज की ओर लौट रहा है।
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जिले में वर्तमान में गन्ना, गेहूं, धान के अलावा मोटे अनाज में बाजरे की बुआई है। इसके अलावा अन्य मोटे अनाज की बुआई किसान काफी समय पहले छोड़ चुके हैं। फिर से मोटे अनाज यानी मिलेट्स की ओर लौटने के लिए केंद्र सरकार ने 2023-24 को मिलेट्स वर्ष घोषित किया है। इसी तहत जनपदों में मोटे अनाजाें की बुआई को बढ़ा दिया जा रहा है।
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संभल जनपद में कृषि विभाग ने रागी यानी मडुआ का करीब 30 क्विंटल बीज, सांवा यानी समाई का करीब 2.40 क्विंटल बीज, कोदा का 1.98 क्विंटल बीज की किट बनाकर किसानों को बांटी है। तीनों की फसले के वितरित किए गए बीज से करीब 240 हेक्टेअर क्षेत्र में बुआई हो सकती है। जिले में जगह जगह रागी व सांवा की फसल लहराती दिखाई दे रही है। आने वाला समय फिर से मिलेट्स यानी मोटे अनाज की ओर लौट रहा है।
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