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Sambhal News: जांच को पहुंची सीओ बिलारी, रामजलेबी के लिए बयान
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जुनावई। सीएम योगी से मिलकर चर्चाओं में आई गांव अहरोला निवासी रामजलेबी के मामले में सीओ बिलारी जांच को पहुंची और उसके बयान दर्ज किए। रामजलेबी ने मारपीट के मामले में मुकदमे से नाम निकालने के नाम पर दो दरोगाओं पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। दोनों दरोगा निलंबित चल रहे हैं। सीओ ने मामले की जांच डीआईजी को देने की बात कही है।
जुनावई क्षेत्र के गांव अहरोला नवाजी निवासी रामजलेबी की जमीन पर पूर्व प्रधान ने अवैध कब्जा कर लिया था। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने रामजलेबी, उसके देवर, देवरानी पर छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। एक अन्य ग्रामीण से घर में घुसकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन मामलों की विवेचना के नाम पर पर तत्कालीन दरोगा राजेश पांडे व उनके बाद आए वीरेंद्र कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद भी मुकदमे में नाम बाहर न होने और जमीन पर कब्जा रहने पर रामजलेबी ने 21 दिसंबर को सीएम योगी से मिलकर शिकायत की थी।
दोनों दरोगाओं का ट्रांसफर मुरादाबाद हो गया था। सीएम के संज्ञान में आने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया था। अब जांच सीओ बिलारी सलोनी अग्रवाल कर रही हैं। बुधवार को सीओ सलोनी जुनावई पहुंची और रामजलेबी, उसके देवर सूरजपाल, देवरानी कृष्णा से मिली। उनसे जानकारी ली तथा बयान भी दर्ज किए। अपने बयान में रामजलेबी व कृष्णा ने दोनों दरोगाओं पर मुकदमे में से नाम हटाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। ब्लॉक परिसर में जहां दरोगा रहते थे, सीओ सलोनी अग्रवाल वहां भी पहुंचीं और पूरी घटना की जानकारी ली है।
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जुनावई क्षेत्र के गांव अहरोला नवाजी निवासी रामजलेबी की जमीन पर पूर्व प्रधान ने अवैध कब्जा कर लिया था। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने रामजलेबी, उसके देवर, देवरानी पर छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। एक अन्य ग्रामीण से घर में घुसकर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन मामलों की विवेचना के नाम पर पर तत्कालीन दरोगा राजेश पांडे व उनके बाद आए वीरेंद्र कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। इसके बाद भी मुकदमे में नाम बाहर न होने और जमीन पर कब्जा रहने पर रामजलेबी ने 21 दिसंबर को सीएम योगी से मिलकर शिकायत की थी।
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दोनों दरोगाओं का ट्रांसफर मुरादाबाद हो गया था। सीएम के संज्ञान में आने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया था। अब जांच सीओ बिलारी सलोनी अग्रवाल कर रही हैं। बुधवार को सीओ सलोनी जुनावई पहुंची और रामजलेबी, उसके देवर सूरजपाल, देवरानी कृष्णा से मिली। उनसे जानकारी ली तथा बयान भी दर्ज किए। अपने बयान में रामजलेबी व कृष्णा ने दोनों दरोगाओं पर मुकदमे में से नाम हटाने के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। ब्लॉक परिसर में जहां दरोगा रहते थे, सीओ सलोनी अग्रवाल वहां भी पहुंचीं और पूरी घटना की जानकारी ली है।
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