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क्लर्क की टिप्पणी पर भड़के प्रशिक्षु, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:37 AM IST
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पुलिस ने लिपिक को बंधन मुक्त कराया। रोकने पर लिपिक के अभद्रता करने से नाराज शिक्षकाें ने कार्य बहिष्कार का एलान किया है।
चंदौसी आईटीआई से आईटीआई बबराला भी संबद्ध है। इसमें करीब 128 छात्र व छात्राएं पंजीकृत है। इनमें अधिकांश बबराला से रोजाना ट्रेन से आते हैं। ट्रेन का चंदौसी पहुंचने का समय कालेज के समय से पहले है, इसलिए विद्यार्थी समय से पूर्व आईटीआई पहुंच जाते हैं।
बुधवार को सभी मौखिक परीक्षा होनी थी। इसलिए वे जल्दी आईटीआई परिसर पहुंच गए लेकिन कक्ष बंद होने के कारण सभी बाहर बैठे हुए थे। छात्रों का आरोप है कि आईटीआई के प्रधान सहायक श्रीपाल सिंह यादव व वरिष्ठ सहायक गोपाल सिंह चौहान वहां पहुंचे और प्रशिक्षुओं पर अभद्र टिप्पणी कर दी। अनुदेशक अमित कुमार शुक्ला व अन्य शिक्षक पहुंचे तो लिपिक से अभद्रता न करने को कहा। आरोप है कि इस पर लिपिक ने चप्पल निकाल ली। इस पर प्रशिक्षुओं ने नारेबाजी करते हुए न सिर्फ हंगामा किया बिल्क उसको कक्ष से खींचने का प्रयास करने लगे। प्रशिक्षुओं ने दो घंटे तक लिपिकों को कमरे में बंधक बना लिया। शिक्षक भी वहां पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने लिपिकों को बाहर निकाला तो दोनों पक्षों से अलग-अलग बात की। अनुदेशक शिक्षकों का कहना है कि लिपिक पहले भी लोगों से अभद्रता करता रहा है। आक्रोश देखकर प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश सिंह चाहर लिपिकों को कालेज से बाहर भेज दिया। इधर, प्रशिक्षुओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आरोपी लिपिक के स्थानांतरण की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालो में अमित कुमार शुक्ला, मुकेश गौतम, महिपाल सिंह, सोमपाल सिंह, सुधाकर मिश्रा, अमरपाल सिंह, उपेंद्र कुमार, अजय कुमार आदि रहे।
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वहीं, प्रधान सहायक श्रीपाल सिंह यादव ने बताया कि वह प्रशिक्षुओं से नहीं बल्कि वह साथी गोपाल सिंह चौहान से बात कर रहा था। जब प्रशिक्षुओं को ऐसा लगा कि यह बात उनसे कही गई है तो बाहर जाकर मैंने गलती मान ली है। इधर, उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के अनुदेशक अमित कुमार शुक्ला, मुकेश कुमार गौतम, महिपाल, अमरपाल सिंह, विपिनचंद्र, सूरजपाल आदि ने प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपकर लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक कार्य बहिष्कार करने का एलान किया है।
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चंदौसी आईटीआई से आईटीआई बबराला भी संबद्ध है। इसमें करीब 128 छात्र व छात्राएं पंजीकृत है। इनमें अधिकांश बबराला से रोजाना ट्रेन से आते हैं। ट्रेन का चंदौसी पहुंचने का समय कालेज के समय से पहले है, इसलिए विद्यार्थी समय से पूर्व आईटीआई पहुंच जाते हैं।
बुधवार को सभी मौखिक परीक्षा होनी थी। इसलिए वे जल्दी आईटीआई परिसर पहुंच गए लेकिन कक्ष बंद होने के कारण सभी बाहर बैठे हुए थे। छात्रों का आरोप है कि आईटीआई के प्रधान सहायक श्रीपाल सिंह यादव व वरिष्ठ सहायक गोपाल सिंह चौहान वहां पहुंचे और प्रशिक्षुओं पर अभद्र टिप्पणी कर दी। अनुदेशक अमित कुमार शुक्ला व अन्य शिक्षक पहुंचे तो लिपिक से अभद्रता न करने को कहा। आरोप है कि इस पर लिपिक ने चप्पल निकाल ली। इस पर प्रशिक्षुओं ने नारेबाजी करते हुए न सिर्फ हंगामा किया बिल्क उसको कक्ष से खींचने का प्रयास करने लगे। प्रशिक्षुओं ने दो घंटे तक लिपिकों को कमरे में बंधक बना लिया। शिक्षक भी वहां पहुंच गए।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने लिपिकों को बाहर निकाला तो दोनों पक्षों से अलग-अलग बात की। अनुदेशक शिक्षकों का कहना है कि लिपिक पहले भी लोगों से अभद्रता करता रहा है। आक्रोश देखकर प्रभारी निरीक्षक इंद्रेश सिंह चाहर लिपिकों को कालेज से बाहर भेज दिया। इधर, प्रशिक्षुओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आरोपी लिपिक के स्थानांतरण की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालो में अमित कुमार शुक्ला, मुकेश गौतम, महिपाल सिंह, सोमपाल सिंह, सुधाकर मिश्रा, अमरपाल सिंह, उपेंद्र कुमार, अजय कुमार आदि रहे।
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वहीं, प्रधान सहायक श्रीपाल सिंह यादव ने बताया कि वह प्रशिक्षुओं से नहीं बल्कि वह साथी गोपाल सिंह चौहान से बात कर रहा था। जब प्रशिक्षुओं को ऐसा लगा कि यह बात उनसे कही गई है तो बाहर जाकर मैंने गलती मान ली है। इधर, उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ के अनुदेशक अमित कुमार शुक्ला, मुकेश कुमार गौतम, महिपाल, अमरपाल सिंह, विपिनचंद्र, सूरजपाल आदि ने प्रधानाचार्य को ज्ञापन सौंपकर लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने तक कार्य बहिष्कार करने का एलान किया है।