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Sambhal News: दीवार गिरने से बच्चा घायल, सीएचसी में इलाज नहीं मिलने से चली गई जान
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बबराला(संभल)। बबराला के गांव नूरपूर में रविवार दोपहर दुर्गेश का बेटा अमित (7) कच्ची दीवार गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बेटे को पिता गोदी में लेकर गुन्नौर सीएचसी पहुंचे। सीएचसी में इलाज न मिलने पर घायल बच्चा 30 मिनट तक उपचार के लिए तड़पता रहा। मजबूरी में पिता उसे बाइक से अलीगढ़ उपचार के लिए ले जाने लगे। तो उपचार से पहले ही बालक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। बालक की मौत से परिवार में चीख पुकार मच गई है।
पिता दुर्गेश के मुताबिक अमित रविवार दोपहर करीब 12 बजे घर में नल पर नहा रहा था। इसी दौरान अचानक घर की कच्ची दीवार भरभरा कर उसके ऊपर गिर गई। हादसे में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। पिता दुर्गेश जैसी हालत में घर में वैसे ही खून से लथपथ बेटे को लेकर अपने भाई के साथ बाइक से गुन्नौर सीएचसी पहुंचे लेकिन वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। वार्ड बाॅय ने उन्हें बताया कि डॉक्टर बबराला में आरोग्य मेले में ड्यूटी पर गए हैं। जबकि सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मेटरनिटी विंग में मौजूद थे।
पिता अस्पताल में चीखता-चिल्लाता रहा कि मेरे बेटे का इलाज कर दो, मगर उसे कोई मदद नहीं मिली। करीब आधे घंटे तक मासूम बिना उपचार के तड़पता रहा। आखिरकार मजबूर पिता बेटे को गोद में उठाकर बाइक से अलीगढ़ इलाज के लिए ले जाने लगा। रास्ते में अतरौली के पास बच्चे ने दम तोड़ दिया। अतरौली के सरकारी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया।
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बेटे का शव लेकर जब पिता गांव लौटा तो मां प्रीति बेटे का शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना के बाद ग्रामीणों ने गुन्नौर सीएचसी की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो मासूम की जान बच सकती थी। इस मामले में जब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राज किशोर से जब फोन पर दो बार संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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जिस समय बच्चे का पिता बच्चे को घायलावस्था में सीएचसी पहुंचा तो डॉ. विनय गंगवार मेटरनिटी विंग में थे। वार्ड बॉय ने थोड़ी देर में डॉक्टर के आने की बात कही लेकिन 15-20 मिनट इंतजार के बाद ही पिता अपने बच्चे को लेकर वापस लौट गए। फिलहाल जांच की जाएगी।
डॉ. राज किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी गुन्नौर।
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पिता दुर्गेश के मुताबिक अमित रविवार दोपहर करीब 12 बजे घर में नल पर नहा रहा था। इसी दौरान अचानक घर की कच्ची दीवार भरभरा कर उसके ऊपर गिर गई। हादसे में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। पिता दुर्गेश जैसी हालत में घर में वैसे ही खून से लथपथ बेटे को लेकर अपने भाई के साथ बाइक से गुन्नौर सीएचसी पहुंचे लेकिन वहां कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। वार्ड बाॅय ने उन्हें बताया कि डॉक्टर बबराला में आरोग्य मेले में ड्यूटी पर गए हैं। जबकि सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर मेटरनिटी विंग में मौजूद थे।
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पिता अस्पताल में चीखता-चिल्लाता रहा कि मेरे बेटे का इलाज कर दो, मगर उसे कोई मदद नहीं मिली। करीब आधे घंटे तक मासूम बिना उपचार के तड़पता रहा। आखिरकार मजबूर पिता बेटे को गोद में उठाकर बाइक से अलीगढ़ इलाज के लिए ले जाने लगा। रास्ते में अतरौली के पास बच्चे ने दम तोड़ दिया। अतरौली के सरकारी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया।
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बेटे का शव लेकर जब पिता गांव लौटा तो मां प्रीति बेटे का शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना के बाद ग्रामीणों ने गुन्नौर सीएचसी की लापरवाही पर आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो मासूम की जान बच सकती थी। इस मामले में जब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राज किशोर से जब फोन पर दो बार संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
जिस समय बच्चे का पिता बच्चे को घायलावस्था में सीएचसी पहुंचा तो डॉ. विनय गंगवार मेटरनिटी विंग में थे। वार्ड बॉय ने थोड़ी देर में डॉक्टर के आने की बात कही लेकिन 15-20 मिनट इंतजार के बाद ही पिता अपने बच्चे को लेकर वापस लौट गए। फिलहाल जांच की जाएगी।
डॉ. राज किशोर, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी गुन्नौर।