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Sambhal News: केमिस्ट एसोसिएशन के बीच नहीं बनी सहमति, कहीं खुले मेडिकल स्टोर तो कहीं बंद कर विरोध जताया
Thu, 21 May 2026 02:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 21 May 2026 02:12 AM IST
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संभल। केमिस्ट एसोसिएशन की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध किया जा रहा है। इन एसोसिएशन के बीच भी आपसी रार पैदा हो गई है। एक गुट मेडिकल स्टोर खोलने का समर्थन कर रहा था और दूसरे गुट ने मेडिकल बंद कर विरोध जताने का आह्वान किया था। बुधवार को इसका नतीजा यह निकला कि कहीं मेडिकल बंद रखे गए तो कहीं खुले रहे। हालांकि, दोनों ही केमिस्ट एसोसिएशन ने अपने-अपने दावे भरपूर किए हैं। एक ओर जहां ऑनलाइन दवाई बिक्री के विरोध में बंदी सफल रहने का दावा किया गया है, तो दूसरी ओर इसे विफल माना गया है।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रखे मेडिकल स्टोर, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
संभल। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर देशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स द्वारा अवैध और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री व जन स्वास्थ्य और अस्तित्व से जुड़े गंभीर मुद्दों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संभल में केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को सर्वसम्मति से समर्थन प्रदान किया। हड़ताल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा। इसमें मांग की है कि दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री न होने दी जाए। बिना वैध व सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स द्वारा अत्यधिक छूट की अनुचित नीति, जिससे छोटे व लाइसेंसधारी केमिस्ट्स गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही, जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। कहा गया कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। ऐसे में उचित सत्यापन के बिना उनकी अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत स्थापित नियामकीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। बाद में बाइक रैली भी निकाली। अध्यक्षता नवनीत कुमार शर्मा ने की। इस दौरान अध्यक्ष प्रदीप रस्तोगी, अंकुर महरोत्रा, महावीर मोंगिया, मयूर वार्ष्णेय, राजीव रस्तोगी, सईद अहमद, मोहम्मद शम्सी, गौरव टंडन, कौशल वार्ष्णेय, विशाल पाठक, नफीस अहमद, अजय पाल यादव, मुजम्मिल चौधरी, सिद्धांत त्रिवेदी, साजिद अंसारी आदि रहे।
केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बैठक की। इसमें बंदी विफल करने का दावा किया गया। बताया गया कि सुबह 11:00 बजे से 12:00 बजे के बीच में सभी मेडिकल एक-दूसरे को देखकर खोले गए और हड़ताल को बेअसर करके दिखाया। सत्यवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ से औषधि नियंत्रक विभाग का प्रदेश भर के सभी औषधि आयुक्तों तथा औषधि निरीक्षकों को मेडिकल स्टाेर हड़ताल न होने देने के लिए आया आदेश, मेडिकल एसोसिएशन का सार्वजनिक आह्वान तथा सभी केमिस्ट साथियों की समझदारी से मेडिकल की हड़ताल बेअसर साबित हुई है। कोई भी मेडिकल बंद होता हुआ दिखाई नहीं दिया, बल्कि सभी ने समाज की सेवा में बिना भ्रमित हुए अपना कार्य बखूबी किया है। बताया गया कि कुछ मेडिकल स्वामियों ने मेडिकल जितनी देर भी बंद रखे, वह आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन माना जाना चाहिए और सामूहिक रूप से मेडिकल बंद रखना तथा सामूहिक रूप और संगठित रूप से रैली निकालकर नगर में अफरा-तफरी फैलाने के दोष में समुचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान दुर्वेश सैनी, राहिल भारतीय, मोहम्मद नसीम, मनोज गुप्ता, चंद्रभान, रोहित कुमार, जीतपाल सिंह, अजय शर्मा, अतुल त्यागी, पंकज आर्य, दिलीप नगीना, राजेश गुप्ता आदि रहे।
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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बंद रखे मेडिकल स्टोर, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा
संभल। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर देशभर के केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स द्वारा अवैध और अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री व जन स्वास्थ्य और अस्तित्व से जुड़े गंभीर मुद्दों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल सफलतापूर्वक संपन्न हुई। संभल में केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट्स ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को सर्वसम्मति से समर्थन प्रदान किया। हड़ताल के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन को सौंपा। इसमें मांग की है कि दवाओं की अवैध एवं अनियमित ऑनलाइन बिक्री न होने दी जाए। बिना वैध व सत्यापित चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी नहीं होनी चाहिए। ऑनलाइन दवा प्लेटफॉर्म्स द्वारा अत्यधिक छूट की अनुचित नीति, जिससे छोटे व लाइसेंसधारी केमिस्ट्स गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं। साथ ही, जीएसआर 817(ई) और जीएसआर 220(ई) को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की गई है। कहा गया कि दवाएं सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं हैं। ऐसे में उचित सत्यापन के बिना उनकी अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री जन स्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा एवं ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत स्थापित नियामकीय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। बाद में बाइक रैली भी निकाली। अध्यक्षता नवनीत कुमार शर्मा ने की। इस दौरान अध्यक्ष प्रदीप रस्तोगी, अंकुर महरोत्रा, महावीर मोंगिया, मयूर वार्ष्णेय, राजीव रस्तोगी, सईद अहमद, मोहम्मद शम्सी, गौरव टंडन, कौशल वार्ष्णेय, विशाल पाठक, नफीस अहमद, अजय पाल यादव, मुजम्मिल चौधरी, सिद्धांत त्रिवेदी, साजिद अंसारी आदि रहे।
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केमिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बैठक की। इसमें बंदी विफल करने का दावा किया गया। बताया गया कि सुबह 11:00 बजे से 12:00 बजे के बीच में सभी मेडिकल एक-दूसरे को देखकर खोले गए और हड़ताल को बेअसर करके दिखाया। सत्यवीर सिंह ने कहा कि लखनऊ से औषधि नियंत्रक विभाग का प्रदेश भर के सभी औषधि आयुक्तों तथा औषधि निरीक्षकों को मेडिकल स्टाेर हड़ताल न होने देने के लिए आया आदेश, मेडिकल एसोसिएशन का सार्वजनिक आह्वान तथा सभी केमिस्ट साथियों की समझदारी से मेडिकल की हड़ताल बेअसर साबित हुई है। कोई भी मेडिकल बंद होता हुआ दिखाई नहीं दिया, बल्कि सभी ने समाज की सेवा में बिना भ्रमित हुए अपना कार्य बखूबी किया है। बताया गया कि कुछ मेडिकल स्वामियों ने मेडिकल जितनी देर भी बंद रखे, वह आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन माना जाना चाहिए और सामूहिक रूप से मेडिकल बंद रखना तथा सामूहिक रूप और संगठित रूप से रैली निकालकर नगर में अफरा-तफरी फैलाने के दोष में समुचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इस दौरान दुर्वेश सैनी, राहिल भारतीय, मोहम्मद नसीम, मनोज गुप्ता, चंद्रभान, रोहित कुमार, जीतपाल सिंह, अजय शर्मा, अतुल त्यागी, पंकज आर्य, दिलीप नगीना, राजेश गुप्ता आदि रहे।
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