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Sambhal News: सपा सांसद बर्क समेत 23 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
Thu, 19 Jun 2025 12:53 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 19 Jun 2025 12:53 AM IST
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संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में आरोपी बनाए गए सांसद जियाउर्रहमान बर्क सहित 23 आरोपियों के खिलाफ एसआईटी ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। सांसद बर्क के अलावा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में नामजद आरोपी बनाया गया था। अन्य अज्ञात आरोपी भी शामिल थे। इसी मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका प्रकाश में आने के बाद उनकी भी गिरफ्तारी कर ली गई थी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि एसआईटी ने तथ्याें के आधार पर विवेचना पूरी कर ली है। बुधवार को न्यायालय में विवेचक द्वारा चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
मालूम हो कि 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल के बाद संभल कोतवाली और नखासा थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें हत्या के चार मामले शामिल थे। एसआईटी को इन मुकदमों की जांच सौंपी गई थी। 10 मुकदमों की चार्जशीट तो एसआईटी द्वारा न्यायालय में दाखिल कर दी गई थी। सांसद बर्क सहित विधायक इकबाल के बेटे सुहेल जिस मुकदमे में नामजद आरोपी बनाए गए थे, उसी को इस पूरे बवाल को मुख्य मुकदमा पुलिस द्वारा भी माना जा रहा था।
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सांसद के भाषण से बवाल हुआ, विवेचना में इसका जिक्र
जामा मस्जिद के नजदीक हुए बवाल को सांसद द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण से जोड़कर पुलिस ने देखा था। आरोप था कि सांसद ने बवाल से पहले जामा मस्जिद पर पहुंचकर जो भाषण दिया था, इससे ही बवाल की शुरुआत हुई। इसके अलावा जब टीम सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचनी थी तो उससे एक रात पहले भीड़ को एकत्र करने और सर्वे नहीं होने की बात भी सांसद ने कही थी। इसके अलावा सर्वे से रोकने की बात भी सांसद ने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट से कही थी। 24 नवंबर की सुबह जब टीम पहुंची तो भीड़ साजिशन पहले से तैयार थी और उसी भीड़ ने बवाल किया था। वहीं, दूसरी ओर जब मुकदमा दर्ज किया गया था तो सुहेल पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट पर भी बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने का भी आरोप है। सदर को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से वह जेल में हैं।
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24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ था, उसमें पांच लोगों की जान गई थी लेकिन चार मामले दर्ज हुए थे। एक मृतक के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया था। जो चार मामले दर्ज किए गए थे, वह अज्ञात में दर्ज हुए थे, लेकिन बाद में शारिक साटा गिरोह द्वारा उनकी हत्या किए जाने की जानकारी पुलिस द्वारा दी गई। शारिक साटा गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। उन चार हत्या के मामले की चार्जशीट पुलिस पहले ही दाखिल कर चुकी है।
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मालूम हो कि 24 नवंबर 2024 को हुए बवाल के बाद संभल कोतवाली और नखासा थाने में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें हत्या के चार मामले शामिल थे। एसआईटी को इन मुकदमों की जांच सौंपी गई थी। 10 मुकदमों की चार्जशीट तो एसआईटी द्वारा न्यायालय में दाखिल कर दी गई थी। सांसद बर्क सहित विधायक इकबाल के बेटे सुहेल जिस मुकदमे में नामजद आरोपी बनाए गए थे, उसी को इस पूरे बवाल को मुख्य मुकदमा पुलिस द्वारा भी माना जा रहा था।
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सांसद के भाषण से बवाल हुआ, विवेचना में इसका जिक्र
जामा मस्जिद के नजदीक हुए बवाल को सांसद द्वारा दिए गए भड़काऊ भाषण से जोड़कर पुलिस ने देखा था। आरोप था कि सांसद ने बवाल से पहले जामा मस्जिद पर पहुंचकर जो भाषण दिया था, इससे ही बवाल की शुरुआत हुई। इसके अलावा जब टीम सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचनी थी तो उससे एक रात पहले भीड़ को एकत्र करने और सर्वे नहीं होने की बात भी सांसद ने कही थी। इसके अलावा सर्वे से रोकने की बात भी सांसद ने जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट से कही थी। 24 नवंबर की सुबह जब टीम पहुंची तो भीड़ साजिशन पहले से तैयार थी और उसी भीड़ ने बवाल किया था। वहीं, दूसरी ओर जब मुकदमा दर्ज किया गया था तो सुहेल पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट पर भी बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने का भी आरोप है। सदर को 23 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से वह जेल में हैं।
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24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ था, उसमें पांच लोगों की जान गई थी लेकिन चार मामले दर्ज हुए थे। एक मृतक के परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के शव को सुपुर्द ए खाक कर दिया था। जो चार मामले दर्ज किए गए थे, वह अज्ञात में दर्ज हुए थे, लेकिन बाद में शारिक साटा गिरोह द्वारा उनकी हत्या किए जाने की जानकारी पुलिस द्वारा दी गई। शारिक साटा गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। उन चार हत्या के मामले की चार्जशीट पुलिस पहले ही दाखिल कर चुकी है।