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चंदौसी को नए वर्ष में मिलेगी न्यायिक सौगात
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:31 AM IST
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अदालत।
- फोटो : amar ujala
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यह दीगर बात है कि संभल जिला इस साल भी मुख्यालय की बाट जोहता रहा लेकिन मुख्यालय निर्माण की दिशा में एक कदम भी सरकार आगे नहीं बढ़ सकी लेकिन आने वाले नव नूतन वर्ष से चंदौसी को जरूर जिला न्यायालय की स्थापना की उम्मीद है। जिसे लेकर न्यायालय परिसर में तैयारियां भी देखने को मिल रही हैं।
28 सितंबर-2011 को मुरादाबाद की दो तहसीले चंदौसी व संभल तथा बदायूं जिले की गुन्नौर तहसील को मिलाकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने भीमनगर के नाम से नए जिले का ऐलान किया था। लेकिन उन्होंने मुख्यालय का ऐलान नहीं किया, जो जिले के नासूर साबित हो रहा है। बाद में केंद्र बिंदु पर जिला स्तरीय अधिकारियों के बैठने की बात हुई, जिससे बहजोई से अस्थायी मुख्यालय संचालित हो गया। जिला स्तरीय कार्यालय पूरे जिले में बिखरे हैं। परिसीमन का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है। सपा सरकार ने जिले का नाम बदलकर संभल रख दिया।
मुख्यालय को पवांसा में बनाने की अधिसूचना जारी कर दी लेकिन अभी तक मुख्यालय निर्माण की ओर एक कदम भी नहीं बढ़ सका है। यूपी के योगी सरकार ने भी अभी तक इसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया है। जिससे पिछले सालों की तरह यह साल भी मुख्यालय के लिए संघर्ष करते ही गुजर गया है, जिससे संभल व चंदौसी के लिए अभी यह दंश बना हुआ है लेकिन जाते जाते वर्ष-2017 में चंदौसी को एक खुशी दी, जिसमें चंदौसी में जिला न्यायालय की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई।
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स्थानीय अधिवक्ताओं को उम्मीद हैकि नव नूतन वर्ष-2018 के प्रथम माह जनवरी के पहले ही हफ्ते में चंदौसी में जिला न्यायाधीश के बैठने की उम्मीद की जा रही है। चंदौसी न्यायालय परिसर में चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी के लिए सांसद सत्यपाल सैनी की निधि से 12 लाख रुपये की लागत से बार रूम बनकर तैयार हो गया है।
-चंदौसी में जनपद न्यायालय की स्थापित की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जनवरी के प्रथम सप्ताह में जिला न्यायाधीश के चंदौसी में बैठने की पूरी संभावना है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। हाईकोर्ट से जिला जज की नियुक्ति होते ही चंदौसी से जिला न्यायालय शुरू हो जाएगा। यातायात की दृष्टि से चंदौसी इसके लिए ठीक रहेगा। वादकारियों को सस्ता सुलभ न्याय व महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा।
-नवनीत सिंह यादव, सचिव चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी
-जिला न्यायालय तो चंदौसी में बन ही रहा है, जो जिला मुख्यालय भी चंदौसी क्षेत्र में ही बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को अलग अलग भागना नहीं पड़ेगा। स्थायी मुख्यालय को शीघ्र बनाया जाना चाहिए।
-छत्रपाल सिंह यादव पूर्व सचिव तहसील बार एसोसिएशन चंदौसी
-मुख्यालय के निर्माण में
शिथिलता बरती जा रही है, यह ठीक नहीं है, मुख्यालय निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए, शासन को इसके लिए पर्याप्त धन रिलीज करना चाहिए, जिले से पचास गांव काटकर मुरादाबाद व अमरोहा में जोेड़े जा रहे हैं, उनके बदले में सौंधन क्षेत्र से जुड़े खरगरानी आदि संभल की सीमा से जुडे़ पचास गांवों को संभल जिले में जोड़ा जाना चाहिए।
-प्रदीप कुमार गुप्ता सचिव संभल बार एसोसिएशन संभल
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28 सितंबर-2011 को मुरादाबाद की दो तहसीले चंदौसी व संभल तथा बदायूं जिले की गुन्नौर तहसील को मिलाकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने भीमनगर के नाम से नए जिले का ऐलान किया था। लेकिन उन्होंने मुख्यालय का ऐलान नहीं किया, जो जिले के नासूर साबित हो रहा है। बाद में केंद्र बिंदु पर जिला स्तरीय अधिकारियों के बैठने की बात हुई, जिससे बहजोई से अस्थायी मुख्यालय संचालित हो गया। जिला स्तरीय कार्यालय पूरे जिले में बिखरे हैं। परिसीमन का कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है। सपा सरकार ने जिले का नाम बदलकर संभल रख दिया।
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मुख्यालय को पवांसा में बनाने की अधिसूचना जारी कर दी लेकिन अभी तक मुख्यालय निर्माण की ओर एक कदम भी नहीं बढ़ सका है। यूपी के योगी सरकार ने भी अभी तक इसमें कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया है। जिससे पिछले सालों की तरह यह साल भी मुख्यालय के लिए संघर्ष करते ही गुजर गया है, जिससे संभल व चंदौसी के लिए अभी यह दंश बना हुआ है लेकिन जाते जाते वर्ष-2017 में चंदौसी को एक खुशी दी, जिसमें चंदौसी में जिला न्यायालय की स्थापना की अधिसूचना जारी की गई।
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स्थानीय अधिवक्ताओं को उम्मीद हैकि नव नूतन वर्ष-2018 के प्रथम माह जनवरी के पहले ही हफ्ते में चंदौसी में जिला न्यायाधीश के बैठने की उम्मीद की जा रही है। चंदौसी न्यायालय परिसर में चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी के लिए सांसद सत्यपाल सैनी की निधि से 12 लाख रुपये की लागत से बार रूम बनकर तैयार हो गया है।
-चंदौसी में जनपद न्यायालय की स्थापित की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जनवरी के प्रथम सप्ताह में जिला न्यायाधीश के चंदौसी में बैठने की पूरी संभावना है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। हाईकोर्ट से जिला जज की नियुक्ति होते ही चंदौसी से जिला न्यायालय शुरू हो जाएगा। यातायात की दृष्टि से चंदौसी इसके लिए ठीक रहेगा। वादकारियों को सस्ता सुलभ न्याय व महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिलेगा।
-नवनीत सिंह यादव, सचिव चंदौसी बार एसोसिएशन चंदौसी
-जिला न्यायालय तो चंदौसी में बन ही रहा है, जो जिला मुख्यालय भी चंदौसी क्षेत्र में ही बनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को अलग अलग भागना नहीं पड़ेगा। स्थायी मुख्यालय को शीघ्र बनाया जाना चाहिए।
-छत्रपाल सिंह यादव पूर्व सचिव तहसील बार एसोसिएशन चंदौसी
-मुख्यालय के निर्माण में
शिथिलता बरती जा रही है, यह ठीक नहीं है, मुख्यालय निर्माण शीघ्र कराया जाना चाहिए, शासन को इसके लिए पर्याप्त धन रिलीज करना चाहिए, जिले से पचास गांव काटकर मुरादाबाद व अमरोहा में जोेड़े जा रहे हैं, उनके बदले में सौंधन क्षेत्र से जुड़े खरगरानी आदि संभल की सीमा से जुडे़ पचास गांवों को संभल जिले में जोड़ा जाना चाहिए।
-प्रदीप कुमार गुप्ता सचिव संभल बार एसोसिएशन संभल