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अब रेलवे स्टेशनों पर छतों पर बिजली बनाएगा भारतीय रेलवे
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चंदौसी। भारतीय रेल मंत्रालय ने अपने स्टेशन भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन करने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया है। जिससे रेलवे स्टेशनों को चौबीस घंटे बिजली तो मिलेगी ही, साथ ही स्टेशनों का विद्युत बिल भी सत्तर से अस्सी फीसदी तक कम हो जाएगा।
मुरादाबाद डिवीजन में आने वाले चंदौसी, बहजोई, मुरादाबाद, बरेली, आंवला, फर्रुखाबाद, हरदोई, शाहजहांपुर समेत 17 रेलवे स्टेशनों की छतों पर 990 किलो वाट का प्लांट स्थापित करके पांच हजार यूनिट से अधिक बिजली रोजाना उत्पादित की जाएगी। इससे रेलवे स्टेशन तो जगमगाएंगे ही, साथ ही जो बिजली बचेगी, उसे विद्युत बोर्ड को बेच दिया जाएगा।
अभी तक भारतीय रेल की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिजली पर व्यय होता है। क्योंकि रेलवे स्टेशन पर चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति आवश्यक होती है। लेकिन अब रेलवे ने सौर ऊर्जा से स्वयं की बिजली उत्पादित करने की कवायद शुरू कर दी है। देश के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाने हैं। इसके लिए रेलवे ने एक इंडियन वेस्ड अमेरिकन सोलर एनर्जी कंपनी अज्यूर पावर से अनुबंध किया है।
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कार्यदायी संस्था ने एक अन्य कंपनी को मुरादाबाद डिवीजन के 17 रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने को अधिकृत किया गया। सौर ऊर्जा प्लांट के डिजाइनिंग इंजीनियर सौरभ कुमार ने चंदौसी पहुंचने पर बताया कि मुरादाबाद डिवीजन में आने वाले मुरादाबाद, चंदौसी, बहजोई, बरेली, बबराला, दबतरा, डिबाई, आसफपुर, आंवला, कन्नौज, कासगंज, फार्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, बालामऊ व मिलक रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इसकी डिजाइनिंग का कार्य जनवरी 2018 में शुरू हुआ था जो पूर्ण हो गया है। इन सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर 990 किलो वाट के सौर ऊर्जा पावर संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनसे 4000 से 5200 यूनिट बिजली पैदा होगी। जिससे रेलवे स्टेशन जगमगाएंगे। अन्य विद्युत संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद जो बिजली बचेगी, उसके विद्युत बोर्ड को बेच दिया जाएगा। जिससे अतिरिक्त आय भी शुरू हो जाएगी। स्टेशन की बिजली बिल काफी हद तक कम हो जाएगा।
चंदौसी रेलवे स्टेशन पर बनेगी 450 यूनिट बिजली
एक किलो वाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर औसतन 4.2 से 5.6 यूनिट तक बिजली उत्पादित होती है। इसी को आधार मानकर कार्यदायी संस्था सभी रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लेटें लगा रही है। चंदौसी रेलवे स्टेशन की डिजाइनिंग कुछ इस तरह की गई है। जिसमें प्लेटफार्म की छत पर 40 किलोवाट, टिकट घर व आरसीसी की छत पर 40 किलो वाट, रेलवे ट्रेनिंग सेंटर की छत पर 25 किलो वाट यानी 135 किलोवाट का प्लांट स्थापित किया जाएगा। जिससे 400 से 450 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। सोलर प्लांट स्थापना का कार्य डेढ़ से दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
-सौरभ कुमार, डिजाइन इंजीनियर सोलर पावर।
-चंदौसी रेलवे जंक्शन पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है। कार्यदायी संस्था द्वारा यहां पर बड़ी संख्या में सोलर प्लेट्स व अन्य संयंत्र भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। डिजाइनिंग इंजीनियर व अन्य अधिकारियों ने भी कई बार निरीक्षण किया है, इसी सप्ताह प्लांट स्थापित करने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे रेलवे की स्व उत्पादित बिजली से ही रेलवे स्टेशन चौबीस घंटे जगमगाएंगे।
-आशीष कुमार मिश्रा, स्टेशन अधीक्षक चंदौसी रेलवे जंक्शन।
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मुरादाबाद डिवीजन में आने वाले चंदौसी, बहजोई, मुरादाबाद, बरेली, आंवला, फर्रुखाबाद, हरदोई, शाहजहांपुर समेत 17 रेलवे स्टेशनों की छतों पर 990 किलो वाट का प्लांट स्थापित करके पांच हजार यूनिट से अधिक बिजली रोजाना उत्पादित की जाएगी। इससे रेलवे स्टेशन तो जगमगाएंगे ही, साथ ही जो बिजली बचेगी, उसे विद्युत बोर्ड को बेच दिया जाएगा।
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अभी तक भारतीय रेल की कमाई का एक बड़ा हिस्सा बिजली पर व्यय होता है। क्योंकि रेलवे स्टेशन पर चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति आवश्यक होती है। लेकिन अब रेलवे ने सौर ऊर्जा से स्वयं की बिजली उत्पादित करने की कवायद शुरू कर दी है। देश के अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाए जाने हैं। इसके लिए रेलवे ने एक इंडियन वेस्ड अमेरिकन सोलर एनर्जी कंपनी अज्यूर पावर से अनुबंध किया है।
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कार्यदायी संस्था ने एक अन्य कंपनी को मुरादाबाद डिवीजन के 17 रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने को अधिकृत किया गया। सौर ऊर्जा प्लांट के डिजाइनिंग इंजीनियर सौरभ कुमार ने चंदौसी पहुंचने पर बताया कि मुरादाबाद डिवीजन में आने वाले मुरादाबाद, चंदौसी, बहजोई, बरेली, बबराला, दबतरा, डिबाई, आसफपुर, आंवला, कन्नौज, कासगंज, फार्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई, बालामऊ व मिलक रेलवे स्टेशन पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इसकी डिजाइनिंग का कार्य जनवरी 2018 में शुरू हुआ था जो पूर्ण हो गया है। इन सभी 17 रेलवे स्टेशनों पर 990 किलो वाट के सौर ऊर्जा पावर संयंत्र लगाए जाएंगे, जिनसे 4000 से 5200 यूनिट बिजली पैदा होगी। जिससे रेलवे स्टेशन जगमगाएंगे। अन्य विद्युत संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद जो बिजली बचेगी, उसके विद्युत बोर्ड को बेच दिया जाएगा। जिससे अतिरिक्त आय भी शुरू हो जाएगी। स्टेशन की बिजली बिल काफी हद तक कम हो जाएगा।
चंदौसी रेलवे स्टेशन पर बनेगी 450 यूनिट बिजली
एक किलो वाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने पर औसतन 4.2 से 5.6 यूनिट तक बिजली उत्पादित होती है। इसी को आधार मानकर कार्यदायी संस्था सभी रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा प्लेटें लगा रही है। चंदौसी रेलवे स्टेशन की डिजाइनिंग कुछ इस तरह की गई है। जिसमें प्लेटफार्म की छत पर 40 किलोवाट, टिकट घर व आरसीसी की छत पर 40 किलो वाट, रेलवे ट्रेनिंग सेंटर की छत पर 25 किलो वाट यानी 135 किलोवाट का प्लांट स्थापित किया जाएगा। जिससे 400 से 450 यूनिट बिजली उत्पादित होगी। सोलर प्लांट स्थापना का कार्य डेढ़ से दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
-सौरभ कुमार, डिजाइन इंजीनियर सोलर पावर।
-चंदौसी रेलवे जंक्शन पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है। कार्यदायी संस्था द्वारा यहां पर बड़ी संख्या में सोलर प्लेट्स व अन्य संयंत्र भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। डिजाइनिंग इंजीनियर व अन्य अधिकारियों ने भी कई बार निरीक्षण किया है, इसी सप्ताह प्लांट स्थापित करने का कार्य शुरू हो जाएगा। जिससे रेलवे की स्व उत्पादित बिजली से ही रेलवे स्टेशन चौबीस घंटे जगमगाएंगे।
-आशीष कुमार मिश्रा, स्टेशन अधीक्षक चंदौसी रेलवे जंक्शन।