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भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत बोले- किसान आंदोलन पर केंद्र सरकार का रवैया जिद्दी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2021 01:52 AM IST
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Central Government's stubborn attitude: Naresh Tikait
संभल। किसान आंदोलन पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा केंद्र सरकार का जिद्दी रवैया है। न कानून रद्द हो रहे हैं न एमएसपी की गारंटी दी जा रही है। इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री ने संसद में स्पष्ट कहा है कि न एमएसपी बंद हुई है और न ही मंडियां बंद की जा रहीं हैं। सरकार बातचीत के लिए भी राजी है, तो फिर गतिरोध क्या है? इस पर उन्होंने कहा कि सिर्फ बातों से काम नहीं चलता। आमने-सामने बैठकर बात हो तो काम चले।
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भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बिलारी जाने से पहले सिंहपुरसानी में सचिन चाहल के आवास पर पत्रकारों से वार्ता की। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या किसान आंदोलन में कुछ गलत लोग घुस गए हैं? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार तरह-तरह के आरोप लगा रही है, किसानों को कभी जमाती कहा जा रहा है तो कभी खालिस्तानी आतंकवादी और आंदोलनजीवी जैसे शब्दों से नवाजा जा रहा है। किसान सबसे पहले किसान है और अपना सम्मान चाहता है। बातचीत तो बाद की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के लिए कहां से पैसा आ रहा है? यह सवाल उठाकर किसान आंदोलन को बदनाम किया जा रहा है। अब क्या सारा हिसाब हम इन्हें (सरकार को) देंगे? कुछ किसान संगठनों ने 18 फरवरी को रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया है। उन्होंने कहा- हम इसमें साथ नहीं है। जनता को कम से कम असुविधा हो। यही मंशा है। हमें जनता के हित का भी ध्यान रखना है। किसानों की समस्या तो हर सरकार में रही है। इस सरकार में भी है, लेकिन बातचीत हो जाए, कुछ बात मान ली जाए। किसी मांग पर आश्वासन मिल जाए तो आंदोलन खत्म हो जाए, लेकिन सरकार जिद पर अड़ी है और आंदोलन को बदनाम कर रही है।
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इन मुद्दों पर होनी है सरकार से वार्ता
1- तीनों कृषि कानूनों को निरस्त किया जाए।
2- एमएसपी पर खरीद की गारंटी के लिए कानून पारित किया।
3- किसानों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं।
किसानों से वार्ता के लिए मंत्रियों को आजादी दे सरकार
संभल। किसान आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से क्या संकेत हैं? इस सवाल पर भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि हम चाहते हैं कि अच्छी तरह से समाधान निकल जाए, लेकिन किसानों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन तो पहले भी हुए हैं और आगे भी होंगे तो फिर इसी आंदोलन में ऐसा क्या है जो समाधान नहीं निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रधानमंत्री की ओर से वार्ता का कोई बुलावा नहीं आया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने मंत्रियों को आजादी दें। ब्यूरो
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भाजपा ने ही करवाया तिरंगे का अपमान
संभल। भाकियू के राष्ट्रीय नरेश टिकैत ने लाल किले की घटना के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप था कि लाल किले की सुरक्षा में कहां चूक हुई। सब रास्ते कैसे खुलते चले गए। इन सवालों पर जांच हो। उनकी नजर में तिरंगे का अपमान तो भाजपा ने ही करवाया है। अगर दीप सिद्धू का पूरा इतिहास खंगाला जाए तो स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ब्यूरो
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