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Sambhal News: फार्मासिस्ट की मौत का कारण स्पष्ट नहीं, विसरा सुरक्षित
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चंदौसी। सीएचसी के खाली क्वार्टर में चार दिन से लापता चल रहे फार्मासिस्ट का सड़ा गला शव में मिला था। पोस्टमार्टम में फार्मासिस्ट की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित किया गया है। परिजनों के अनुसार फार्मासिस्ट को काफी समय से ऑनलाइन गेमिंग (सट्टा) की लत लग गई थी।
उत्तराखंड के रानी खेत के निरकोट के रहने वाले मोहन पाठक 2014 से सीएचसी चंदौसी में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। तब से वह यहीं सीएचसी के सरकारी क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी हेमा पाठक भी सीएचसी चंदौसी फॉर्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार फार्मासिस्ट मोहन पाठक को ऑनलाइन गेमिंग (सट्टा) की लत थी। 14 अप्रैल से वह लापता चल रहे थे। उनका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा था। बृहस्पतिवार को पत्नी ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
इसी बीच शुक्रवार की दोपहर सीएचसी परिसर में खाली पड़े क्वार्टर फार्मासिस्ट का सड़ा गला शव मिला था। दरवाजा अंदर से बंद था। जिससे पुलिस ने आत्महत्या मानते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। कोतवाल अनुज कुमार तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। संवाद
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उत्तराखंड के रानी खेत के निरकोट के रहने वाले मोहन पाठक 2014 से सीएचसी चंदौसी में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत थे। तब से वह यहीं सीएचसी के सरकारी क्वार्टर में अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनकी पत्नी हेमा पाठक भी सीएचसी चंदौसी फॉर्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों के अनुसार फार्मासिस्ट मोहन पाठक को ऑनलाइन गेमिंग (सट्टा) की लत थी। 14 अप्रैल से वह लापता चल रहे थे। उनका मोबाइल नंबर भी बंद जा रहा था। बृहस्पतिवार को पत्नी ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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इसी बीच शुक्रवार की दोपहर सीएचसी परिसर में खाली पड़े क्वार्टर फार्मासिस्ट का सड़ा गला शव मिला था। दरवाजा अंदर से बंद था। जिससे पुलिस ने आत्महत्या मानते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। कोतवाल अनुज कुमार तोमर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। संवाद
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