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एक साथ दफन हुए मासूम भाई, पति-पत्नी की चिता एक साथ जली
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जुनावई क्षेत्र के गांव उमरा में पांच शव पहुंचने पर जुटी भीड़
- फोटो : CHANDAUSI
जुनावई/गुन्नौर/चंदौसी(संभल)। श्मशान घाट में दो मासूम भाइयों को एक साथ दफनाया गया। वहीं पास में ही पति-पत्नी की एक साथ चिता सजाई गई, दूसरी चिता मासूम बच्चों के दादा की जली। श्मशान घाट में एक साथ पांच लोगों के शव देखकर हर किसी की आंख नम हो गई। मृतक रामनिवास के दूसरे बेटे दानवीर ने पिता, भाई-भाभी की चिता की मुखाग्नि दी।
एक साथ श्मशान का नजारा देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंख नम हो गई। हादसे में जैसे जान गई, वैसे ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
गुन्नौर क्षेत्र के गांव उमरा निवासी एक ही परिवार के रामनिवास, उसके बेटे विपनेश, पुत्रवधु प्रीति, पोते अनिकेत और आरके की बुधवार को मौत हो गई थी। गुरुवार को सभी के शव अंतिम संस्कार के लिए राजघाट गंगा किनारे ले जाए गए। उनके साथ भारी संख्या में ग्रामीण, परिजन व अन्य लोग गए थे। हादसे में दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, उन्हें सीएचसी गुन्नौर में मृत घोषित किया था। परिजनों ने चार साल के अनिकेत, डेढ़ साल के आरके के शवों को दफनाया गया। दोनों मासूमों के लिए एक ही गड्ढा खोदा गया। वैदिक रीति के साथ उनके शवों को दफनाया गया। प्रीति व उसके पति विपनेश ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा था। परिजनों ने आखिरी समय में भी उन्हें अलग नहीं किया।
श्मशान में दोनों के शवों को एक ही चिता पर लिटाया गया। बगल में विपनेश के पिता और मासूम बच्चों के दादा रामनिवास की चिता को जलाया गया। रामनिवास के छोटे बेटे दानवीर ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी। दंपती की एक साथ चिता जलने और मासूम को पास में ही दफन देखकर हर किसी की आंख नम हो गईं। उस दौरान श्मशान में एक अजीत की शांति छाई थी, हर किसी के चेहरे पर दुख, वेदना की झलक दिख रही थी।
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एक साथ श्मशान का नजारा देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंख नम हो गई। हादसे में जैसे जान गई, वैसे ही उनका अंतिम संस्कार किया गया।
गुन्नौर क्षेत्र के गांव उमरा निवासी एक ही परिवार के रामनिवास, उसके बेटे विपनेश, पुत्रवधु प्रीति, पोते अनिकेत और आरके की बुधवार को मौत हो गई थी। गुरुवार को सभी के शव अंतिम संस्कार के लिए राजघाट गंगा किनारे ले जाए गए। उनके साथ भारी संख्या में ग्रामीण, परिजन व अन्य लोग गए थे। हादसे में दोनों मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, उन्हें सीएचसी गुन्नौर में मृत घोषित किया था। परिजनों ने चार साल के अनिकेत, डेढ़ साल के आरके के शवों को दफनाया गया। दोनों मासूमों के लिए एक ही गड्ढा खोदा गया। वैदिक रीति के साथ उनके शवों को दफनाया गया। प्रीति व उसके पति विपनेश ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा था। परिजनों ने आखिरी समय में भी उन्हें अलग नहीं किया।
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श्मशान में दोनों के शवों को एक ही चिता पर लिटाया गया। बगल में विपनेश के पिता और मासूम बच्चों के दादा रामनिवास की चिता को जलाया गया। रामनिवास के छोटे बेटे दानवीर ने दोनों चिताओं को मुखाग्नि दी। दंपती की एक साथ चिता जलने और मासूम को पास में ही दफन देखकर हर किसी की आंख नम हो गईं। उस दौरान श्मशान में एक अजीत की शांति छाई थी, हर किसी के चेहरे पर दुख, वेदना की झलक दिख रही थी।
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