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कृपाल की रीढ़ की हड्डी में फंसी मिली गोली
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रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव उम्मेदपुर डांडा के जंगल में हुई दो हत्याओं के मामले में कारण जानने के लिए पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कृपाल सिंह की मौत गोली लगने से हुई है। उसकी रीढ़ की हड्डी में गोली फंसी मिली है। वहीं किरण की मौत का कारण पता नहीं चल पाया है। दोनों के परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार बुलंदशहर के अनूपशहर में गंगाघाट पर किया है।
मंगलवार को रजपुरा के गांव उम्मेदपुर डांडा में मिले शवों की शिनाख्त कृपाल सिंह निवासी अचौरा थाना उझानी बदायूं व महिला की शिनाख्त किरण सोन निवासी मोहल्ला न्यू चांद, गांधी नगर दिल्ली के रूप में हुई थी। दोनों के शवों का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कृपाल सिंह की मौत गोली लगने से हुई है। उनके पेट में आगे गोली लगी थी और पीछे रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। वहीं मृतका किरण सोन की मौत का कारण पता नहीं चल पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी बॉडी डी-कंपोज हो गई थी। ऐसे में शरीर पर किसी भी तरह के चोट व अन्य निशान नहीं मिले हैं। सहमति के बाद दोनों के परिजन शवों को अंतिम संस्कार के बुलंदशहर के अनूपशहर में श्मशान घाट ले गए। दोनों की चिताएं आसपास सजाई गईं और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बीमारी में कृपाल ने की थी किरण की मदद
चंदौसी। बदायूं जनपद के कस्बा उझानी के गांव अचौरा निवासी कृपाल सिंह की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद दिल्ली के गांधी नगर में रह कर कपड़ा सिलाई फैक्टरी में काम करता था। वहीं पर गांधीनगर के न्यू चांद मोहल्ला निवासी किरण सोम फैक्टरी में सिलाई के बाद कपड़ों के धागा काटने का काम करती थी। परिजनों ने बताया कि किरण सोन के पति की 2014 में मौत हो गई थी, बेटा कोई काम नहीं करता था। फैक्टरी में ही किरण व कृपाल की मुलाकात हुई थी। करीब दो साल पहले किरण सोन बीमार हो गईं थीं। कृपाल ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था और उसका इलाज कराया था। वही देखभाल करता था। दोनों विधुर थे। दोनों एक दूसरे का सहारा बन गए और साथ रहने लगे। वहां से करीब डेढ़ साल पहले दोनों दिल्ली से आ गए थे और बदायूं के कस्बा इस्लामनगर में किराए के मकान में आकर रहने लगे थे। छह माह में बाद पति की पैतृक संपत्ति बेचकर महिला ने इस्लामनगर में मकान खरीदा था। मकान में ही बाहरी ओर के कमरे में कॉस्मेटिक की दुकान खोल ली और दोनों मृतक उसकी दुकान पर बैठते थे।
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मंगलवार को रजपुरा के गांव उम्मेदपुर डांडा में मिले शवों की शिनाख्त कृपाल सिंह निवासी अचौरा थाना उझानी बदायूं व महिला की शिनाख्त किरण सोन निवासी मोहल्ला न्यू चांद, गांधी नगर दिल्ली के रूप में हुई थी। दोनों के शवों का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक कृपाल सिंह की मौत गोली लगने से हुई है। उनके पेट में आगे गोली लगी थी और पीछे रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई थी। वहीं मृतका किरण सोन की मौत का कारण पता नहीं चल पाया है। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी बॉडी डी-कंपोज हो गई थी। ऐसे में शरीर पर किसी भी तरह के चोट व अन्य निशान नहीं मिले हैं। सहमति के बाद दोनों के परिजन शवों को अंतिम संस्कार के बुलंदशहर के अनूपशहर में श्मशान घाट ले गए। दोनों की चिताएं आसपास सजाई गईं और उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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बीमारी में कृपाल ने की थी किरण की मदद
चंदौसी। बदायूं जनपद के कस्बा उझानी के गांव अचौरा निवासी कृपाल सिंह की पत्नी का निधन हो गया था। इसके बाद दिल्ली के गांधी नगर में रह कर कपड़ा सिलाई फैक्टरी में काम करता था। वहीं पर गांधीनगर के न्यू चांद मोहल्ला निवासी किरण सोम फैक्टरी में सिलाई के बाद कपड़ों के धागा काटने का काम करती थी। परिजनों ने बताया कि किरण सोन के पति की 2014 में मौत हो गई थी, बेटा कोई काम नहीं करता था। फैक्टरी में ही किरण व कृपाल की मुलाकात हुई थी। करीब दो साल पहले किरण सोन बीमार हो गईं थीं। कृपाल ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था और उसका इलाज कराया था। वही देखभाल करता था। दोनों विधुर थे। दोनों एक दूसरे का सहारा बन गए और साथ रहने लगे। वहां से करीब डेढ़ साल पहले दोनों दिल्ली से आ गए थे और बदायूं के कस्बा इस्लामनगर में किराए के मकान में आकर रहने लगे थे। छह माह में बाद पति की पैतृक संपत्ति बेचकर महिला ने इस्लामनगर में मकान खरीदा था। मकान में ही बाहरी ओर के कमरे में कॉस्मेटिक की दुकान खोल ली और दोनों मृतक उसकी दुकान पर बैठते थे।
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