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Sambhal: उपचार के दौरान काले हिरन की मौत, पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार, 14 दिनों के भीतर ये दूसरी घटना

Tue, 20 Dec 2022 09:18 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 20 Dec 2022 09:18 PM IST
सार

संभल जिले के पवांसा और बहजोई ब्लॉक क्षेत्र के जंगल में नर और मादा हिरनों की संख्या अधिक है, लेकिन इनके संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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Black buck died during treatment in Sambhal s Pavanas
घायल हिरन को देखते वनकर्मी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

संभल के पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव औरंगाबाद देवरी के जंगल में सोमवार को कुत्तों के हमले में घायल हुए काले हिरन की उपचार के 19 घंटे बाद मौत हो गई। वन कर्मियों की लापरवाही यह रही कि वह सूचना मिलने के छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे थे, जिस कारण उसकी सही से देखभाल नहीं हो पाई और जान चली गई। 14 दिनों के भीतर यह दूसरी घटना है, जिसमें काले हिरन की मौत हुई।

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संभल जिले के पवांसा और बहजोई ब्लॉक क्षेत्र के जंगल में नर और मादा हिरनों की संख्या अधिक है, लेकिन इनके संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। आए दिन नर और मादा हिरन कभी खूंखार कुत्तों का शिकार हो जाते हैं तो कभी अन्य हादसों का शिकार हो रहे हैं। बीते पांच वर्ष में 29 नर और मादा की खूंखार कुत्ते के हमले में और सड़क हादसे के दौरान मौत हुई है। हैरानी की बात यह है कि खूंखार कुत्तों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो जाने की सूचना वन विभाग को समय से दी जाती है, लेकिन वन कर्मी कई घंटे की देरी से पहुंचते हैं। यही स्थिति रही तो हिरन क्षेत्र से पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।

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हादसे हो रहे हैं, लेकिन नहीं चल रहा है जागरूकता अभियान 
नर और मादा हिरन न सिर्फ हादसों में मारे जा रहे हैं, बल्कि खेतों में लगे कीटनाशक पदार्थों की वजह से भी मारे जा रहे हैं। चार दिसंबर को जिस काले हिरन की मौत हुई, उसकी वजह यह थी कि उसने एक आलू के खेत में भरे पानी को पी लिया था। उसमें कीटनाशक पड़ा हुआ था, जिस कारण उसकी मौत हो गई। इस सबके बावजूद वन विभाग की ओर से किसानों को जागरूक करने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया जा रहा है। वहीं, मुख्य मार्गों पर भी ऐसे कोई संकेतांक नहीं लगाए जा रहे हैं, जिससे कि राहगीरों को पता चले कि यहां पर हिरनों का वास हैं।

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आंकड़ों पर एक नजर

वर्ष- मृतक हिरनों की संख्या
2018- 5
2019- 9
2020- 5
2021- 8
2022-2

घायल काले हिरन की उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद उसे दबवा दिया गया है। वन विभाग के कर्मी सूचना मिलने पर देरी से पहुंचते हैं तो इस मामले की जांच कराई जाएगी। -अरविंद कुमार, डीएफओ संभल

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