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आयुषी ने भारत सरकार और अधिकारियों को बार- बार दिया धन्यवाद
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बहजोई में यूक्रेन से लौटी छात्रा का स्वागत करते परिजन व अन्य नागरिक
- फोटो : CHANDAUSI
यूक्रेन में हमले से दहशत का आलम है। दस घंटे के हवाई सफर के बाद रोमानिया से दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंची बहजोई की छात्रा आयुषी वार्ष्णेय ने लंबी सांस ली। उसे लगा कि अब जीवन पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बहजोई घर पहुंचने पर परिजन और शहर के लोगों ने आयुषी का फूल माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
बृहस्पतिवार की शाम करीब आठ बजे बहजोई निवासी आयुषी वार्ष्णेय घर पहुंची। पिता रजनीश वार्ष्णेय, भाजपा नेता राजेश शंकर राजू, मंजू दिलेर व अन्य परिजनों ने फूल माला पहनाकर आयुषी का स्वागत किया। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। मां व अन्य परिजन भावुक हो गए। आयुषी वार्ष्णेय ने बताया कि रोमानिया में पहुंचने के बाद वहां रह रहे भारतीय मूल के आडवाणी प्रमोद सभी छात्रों की सेवा में जुटे हुए हैं। खाने, रहने की सभी सुविधा स्वयं मुहैया करा रहे हैं। घर तक सुरक्षित पहुंचने के लिए भारत सरकार और अधिकारियों का बार बार धन्यवाद करती हूं। उन्हें घर तक निशुल्क सभी सुविधाओं के साथ पहुंचाने का काम किया है। आयुषी ने बताया कि रोमानिया और हंगरी एंबेसी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि किसी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। यदि यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने में दिक्कत आती है, तो छात्रों को रोमानिया व हंगरी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।
यूक्रेन में फंसे नगर के विकासनगर निवासी छात्र रजत जोहल ने अपने साथियों के साथ बुधवार की दोपहर हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए थे। रजत जोहल ने अपने पिता ज्ञानेंद्र सिंह को फोन पर बताया कि करीब पांच घंटे इंतजार के बाद अब प्रवेश मिल जाएगा। रजत जोहल की बुधवार की शाम अपने पिता ज्ञानेंद्र सिंह से फोन पर बात हुई थी। पिता को फोन पर बताया कि वह अपने करीब 50 साथियों के बुधवार की दोपहर 12.40 पर हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए थे। शाम चार बजे तक प्रवेश नहीं मिला है। करीब एक घंटे का समय और लगने का अनुमान हैं। इसके बाद से रजत से संपर्क नहीं हो पाया है। पिता व अन्य परिजन बेटे को लेकर चिंतित है। बेटे ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
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यूक्रेन में फंसे जुनावई के एमबीबीएस के छात्र सम्राट यादव बुधवार की शाम घर लौट आए हैं। घर पहुंचने पर परिजनों की खुुशी का ठिकाना नहीं है। सम्राट को अब डिग्री की चिंता हैं। बोले, जल्द हालात सामान्य होने मुश्किल हैं, पर ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा होने की संभावना है।
सम्राट यादव ने बताया कि दो दिन पहले यानि 28 फरवरी की शाम करीब सात बजे रोमानिया में प्रवेश कर गए थे। वहां से अधिकांश छात्रों को रोमानिया की राजधानी में बने शेल्टर होम व होटल में भेजा गया था। रोमानिया में प्रवेश के बाद भारतीय अधिकारियों ने किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी। मैं अन्य साथियों के साथ सीधे एयरपोर्ट पहुंच गया। वहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट मंगलवार की 12 बजे से थी, पर रात में करीब दो बजे फ्लाइट उड़ी। बुधवार की दोपहर 12 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गए। घर पहुंचने पर सम्राट ने बताया कि सरकार ने घर तक भेजने की सुविधा दी है। मेरी एमबीबीएस की पढ़ाई का छठा साल है। परीक्षा होनी बाकी थी। हालात ठीक नहीं है। संभावना है कि अब ऑनलाइन परीक्षा होगी। उनके घर पहुंचने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।
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बृहस्पतिवार की शाम करीब आठ बजे बहजोई निवासी आयुषी वार्ष्णेय घर पहुंची। पिता रजनीश वार्ष्णेय, भाजपा नेता राजेश शंकर राजू, मंजू दिलेर व अन्य परिजनों ने फूल माला पहनाकर आयुषी का स्वागत किया। परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है। मां व अन्य परिजन भावुक हो गए। आयुषी वार्ष्णेय ने बताया कि रोमानिया में पहुंचने के बाद वहां रह रहे भारतीय मूल के आडवाणी प्रमोद सभी छात्रों की सेवा में जुटे हुए हैं। खाने, रहने की सभी सुविधा स्वयं मुहैया करा रहे हैं। घर तक सुरक्षित पहुंचने के लिए भारत सरकार और अधिकारियों का बार बार धन्यवाद करती हूं। उन्हें घर तक निशुल्क सभी सुविधाओं के साथ पहुंचाने का काम किया है। आयुषी ने बताया कि रोमानिया और हंगरी एंबेसी के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि किसी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। यदि यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने में दिक्कत आती है, तो छात्रों को रोमानिया व हंगरी से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कराई जाएगी।
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यूक्रेन में फंसे नगर के विकासनगर निवासी छात्र रजत जोहल ने अपने साथियों के साथ बुधवार की दोपहर हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए थे। रजत जोहल ने अपने पिता ज्ञानेंद्र सिंह को फोन पर बताया कि करीब पांच घंटे इंतजार के बाद अब प्रवेश मिल जाएगा। रजत जोहल की बुधवार की शाम अपने पिता ज्ञानेंद्र सिंह से फोन पर बात हुई थी। पिता को फोन पर बताया कि वह अपने करीब 50 साथियों के बुधवार की दोपहर 12.40 पर हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए थे। शाम चार बजे तक प्रवेश नहीं मिला है। करीब एक घंटे का समय और लगने का अनुमान हैं। इसके बाद से रजत से संपर्क नहीं हो पाया है। पिता व अन्य परिजन बेटे को लेकर चिंतित है। बेटे ने बताया कि उन्हें अभी तक कोई सुविधा नहीं मिल रही है।
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यूक्रेन में फंसे जुनावई के एमबीबीएस के छात्र सम्राट यादव बुधवार की शाम घर लौट आए हैं। घर पहुंचने पर परिजनों की खुुशी का ठिकाना नहीं है। सम्राट को अब डिग्री की चिंता हैं। बोले, जल्द हालात सामान्य होने मुश्किल हैं, पर ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा होने की संभावना है।
सम्राट यादव ने बताया कि दो दिन पहले यानि 28 फरवरी की शाम करीब सात बजे रोमानिया में प्रवेश कर गए थे। वहां से अधिकांश छात्रों को रोमानिया की राजधानी में बने शेल्टर होम व होटल में भेजा गया था। रोमानिया में प्रवेश के बाद भारतीय अधिकारियों ने किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी। मैं अन्य साथियों के साथ सीधे एयरपोर्ट पहुंच गया। वहां से दिल्ली के लिए फ्लाइट मंगलवार की 12 बजे से थी, पर रात में करीब दो बजे फ्लाइट उड़ी। बुधवार की दोपहर 12 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतर गए। घर पहुंचने पर सम्राट ने बताया कि सरकार ने घर तक भेजने की सुविधा दी है। मेरी एमबीबीएस की पढ़ाई का छठा साल है। परीक्षा होनी बाकी थी। हालात ठीक नहीं है। संभावना है कि अब ऑनलाइन परीक्षा होगी। उनके घर पहुंचने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है।