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आशाओं ने किया टीकाकरण और पल्स पोलियो का बहिष्कार
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 26 Sep 2016 04:58 PM IST
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जिलाध्यक्ष नीतू सिंह के नेतृत्व में कुसुम, माया, कविता, अरुणा, अनुराधा, ऊषा देवी, गीता, रूपक, हेमलता समेत कई आशाओं ने रविवार को संभल सीएचसी पर प्रदर्शन किया।
वहीं, असमोली में असमोली ब्लाक की आशाओं ने प्रदर्शन किया। असमोली में शाम चार बजे सीएमओ डा. उमराव सिंह पहुंचे। आशाओं ने सीएमओ की गाड़ी के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में उनके प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ से अपनी मांगों के संदर्भ में वार्ता की।
आशाओं ने प्रसव कराने तथा टीकाकरण कराने के बदले मिलने वाले प्रोत्साहन भत्ते में कटौती किए जाने के आरोप लगाए।
आंदोलन के चलते पल्स पोलियो अभियान तथा टीकाकरण के अलावा गर्भवती महिलाओं के प्रसव की सेवाएं प्रभावित हो गईं। जबकि सीएमओ का कहना था कि पल्स पोलियो अभियान प्रभावित नहीं हुआ है।
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यह हैं मांगें ः प्रोत्साहन भत्ता के स्थान पर वेतन तय किया जाए।
प्रोत्साहन भत्तों में कमीशनखोरी का खेल बंद किया जाए। वेतन कम से कम दस हजार रुपये महीने दिया जाए। आशाओं का दुर्घटना बीमा लाभ दिया जाए। आशा बहुओं को सीएचसी स्तर पर आवास दिए जाएं।
आशाओं की अधिकतर मांगें शासन से संबंधित हैं। इसके लिए प्रांतीय स्तर पर इनके संगठन और शासन में वार्ता हुई है। शासन ने एक समिति का गठन किया है। केंद्र सरकार से आशाओं के मानदेय और प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोत्तरी के लिए प्रदेश सरकार बातचीत कर रही है। उम्मीद है कि कोई न कोई समाधान निकलेगा। जनपद स्तर पर आशाओं की जो समस्याएं सामने आएंगी उनका समाधान कराया जाएगा।
डा. उमराव सिंह, सीएमओ।
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वहीं, असमोली में असमोली ब्लाक की आशाओं ने प्रदर्शन किया। असमोली में शाम चार बजे सीएमओ डा. उमराव सिंह पहुंचे। आशाओं ने सीएमओ की गाड़ी के सामने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में उनके प्रतिनिधिमंडल ने सीएमओ से अपनी मांगों के संदर्भ में वार्ता की।
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आशाओं ने प्रसव कराने तथा टीकाकरण कराने के बदले मिलने वाले प्रोत्साहन भत्ते में कटौती किए जाने के आरोप लगाए।
आंदोलन के चलते पल्स पोलियो अभियान तथा टीकाकरण के अलावा गर्भवती महिलाओं के प्रसव की सेवाएं प्रभावित हो गईं। जबकि सीएमओ का कहना था कि पल्स पोलियो अभियान प्रभावित नहीं हुआ है।
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यह हैं मांगें ः प्रोत्साहन भत्ता के स्थान पर वेतन तय किया जाए।
प्रोत्साहन भत्तों में कमीशनखोरी का खेल बंद किया जाए। वेतन कम से कम दस हजार रुपये महीने दिया जाए। आशाओं का दुर्घटना बीमा लाभ दिया जाए। आशा बहुओं को सीएचसी स्तर पर आवास दिए जाएं।
आशाओं की अधिकतर मांगें शासन से संबंधित हैं। इसके लिए प्रांतीय स्तर पर इनके संगठन और शासन में वार्ता हुई है। शासन ने एक समिति का गठन किया है। केंद्र सरकार से आशाओं के मानदेय और प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोत्तरी के लिए प्रदेश सरकार बातचीत कर रही है। उम्मीद है कि कोई न कोई समाधान निकलेगा। जनपद स्तर पर आशाओं की जो समस्याएं सामने आएंगी उनका समाधान कराया जाएगा।
डा. उमराव सिंह, सीएमओ।