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Sambhal News: खंभे से नरसिंह अवतार प्रकट होते ही गूंजे श्री हरि के जयकारे
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सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक के किसौली गांव स्थित खेड़े वाली देवी मंदिर परिसर में सोमवार को भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां भगवान श्री कृष्ण लीला में कलाकारों ने भक्त प्रहलाद की कथा का सजीव मंचन किया। इसे देखकर पूरा पंडाल श्रद्धा और भक्ति में डूब गया।
भगवान विष्णु के प्रति प्रहलाद की अटूट भक्ति देखकर उपस्थित महिलाओं ने जयकारे लगाए। व्यास विकास कृष्ण कन्हैया ने कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्त प्रहलाद बचपन से ही भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकशिपु स्वयं को भगवान मानने वाले अत्याचारी राजा थे।
हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद को हरि भक्ति छोड़ने के लिए बहुत प्रताड़ित किया लेकिन प्रहलाद ने कहा कि विष्णु ही संसार के पालनहार हैं और कण-कण में विराजमान हैं। इस अवसर पर मंदिर के महंत विष्णु गिरि महाराज, मुनेश यादव, अमिताभ यादव, मलखान, विजय सिंह, सत्येंद्र कुमार, अंशुल यादव, राकेश कुमार, दिनेश यादव, झम्मन सिंह, रेवाराम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भगवान विष्णु ने की भक्त की रक्षा
क्रोधित हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद से पूछा कि उसका भगवान कहां है। प्रहलाद ने कहा कि वह कण-कण में है। हिरण्यकशिपु ने खंभे की ओर इशारा कर पूछा, क्या इसमें भी है? प्रहलाद के हां कहने पर हिरण्यकशिपु ने खंभे पर वार किया। उसी क्षण भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए और अत्याचारी हिरण्यकशिपु का वध कर भक्त प्रहलाद की रक्षा की।
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भगवान विष्णु के प्रति प्रहलाद की अटूट भक्ति देखकर उपस्थित महिलाओं ने जयकारे लगाए। व्यास विकास कृष्ण कन्हैया ने कथा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्त प्रहलाद बचपन से ही भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे। उनके पिता हिरण्यकशिपु स्वयं को भगवान मानने वाले अत्याचारी राजा थे।
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हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद को हरि भक्ति छोड़ने के लिए बहुत प्रताड़ित किया लेकिन प्रहलाद ने कहा कि विष्णु ही संसार के पालनहार हैं और कण-कण में विराजमान हैं। इस अवसर पर मंदिर के महंत विष्णु गिरि महाराज, मुनेश यादव, अमिताभ यादव, मलखान, विजय सिंह, सत्येंद्र कुमार, अंशुल यादव, राकेश कुमार, दिनेश यादव, झम्मन सिंह, रेवाराम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भगवान विष्णु ने की भक्त की रक्षा
क्रोधित हिरण्यकशिपु ने प्रहलाद से पूछा कि उसका भगवान कहां है। प्रहलाद ने कहा कि वह कण-कण में है। हिरण्यकशिपु ने खंभे की ओर इशारा कर पूछा, क्या इसमें भी है? प्रहलाद के हां कहने पर हिरण्यकशिपु ने खंभे पर वार किया। उसी क्षण भगवान विष्णु नरसिंह अवतार में प्रकट हुए और अत्याचारी हिरण्यकशिपु का वध कर भक्त प्रहलाद की रक्षा की।