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Sambhal News: पुलिस के जाते ही मजदूरों को घेरकर कर दिया था हमला
Wed, 20 Aug 2025 02:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:51 AM IST
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जुनावई (संभल)। लिंटर डालने के बाद मजदूरी के पैसे मांगने पर मजदूरों को ठेकेदार से विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस और बबराला थाने का सिपाही विनीत मजदूरों छोड़ने के गए थे। जैसे ही पुलिस मजदूरों को बीच रास्ते में छोड़कर वापस गया, वैसे ही पीछा कर रहे ठेकेदार ने साथियों के साथ मजूदरों पथराव कर दिया। आरोपियों ने मजूदरों को हाईवे पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जुनावई में मैन चौराहे पर आरोपियों ने गांव नगला अजमेरी निवासी योगेश उर्फ दुर्गेश को ट्रैक्टर से खींच लिया और पीट-पीटकर मार डाला।
नगला अजमेरी गांव निवासी योगेश कुमार उर्फ दुर्गेश अपने भाई भुवेनश कुमार के साथ मशीन से लिंटर डालने का काम करता था। सोमवार को योगेश कुमार और भुवनेश कुमार गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर ढाय निवासी ठेकेदार श्रीनिवास के कहने पर बबराला में एक व्यक्ति के यहां राम खिलाड़ी, रोहदास, चंद्रभान, प्रेम सिंह, संजू यादव, रामप्रसाद, बाबूराम, नौवेश कुमार, सुखराम, धर्मवीर, कालेराम के साथ लिंटर डालने के लिए गया था।
रात करीब नौ बजे लिंटर डालने के बाद योगेश और भुवनेश ने पैसे की मांग की तो ठेकेदार ने कहा कि तुमने दो दिन पहले जो लिंटर डाला था, वह सही नहीं था। इसलिए तुम्हे पैसे नहीं दूंगा। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर नगला अजमेरी गांव निवासी मजदूर धर्मवीर ने डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने बबराला थाने को सूचना दिए बिना ही थाने के सिपाही विनीत कुमार को बुला लिया। सिपाही विनीत कुमार और डायल 112 पुलिस मजदूरों को छोड़ने के लिए घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी लेते हुए मजदूरों के ट्रैक्टर के पीछे चलने लगे, लेकिन पुलिस मजदूरों को सेंजना मुस्लिम तक छोड़कर पीछे लौट गई। तभी सेंजना मुस्लिम गांव से निकलने के बाद बाइकों पर सवार होकर पीछे से आए ठेकेदार और दो दर्जन से अधिक साथियों ने मजदूरों पर पथराव और मारपीट करना शुरू कर दिया। तभी जान बचाते हुए सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर परवाह किए बगैर ही ट्रैक्टर को तेज गति चलते हुए जुनावई कस्बे तक पहुंच गए।
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कस्बे के प्रथमा ग्रामीण बैंक के सामने पहुंचने पर ठेकेदार के दो दर्जन भर असलाह व लाठी डंडों से लैस लोगों ने जान से मारने की धमकी देते हुए योगेश उर्फ दुर्गेश को ट्रैक्टर से नीचे गिरा लिया। भाई भुवनेश चीखते चिल्लाते हुए देर रात 11 बजे करीब जुनावई थाने में पहुंचा और उसने पुलिस को घटना से अवगत कराया। थाना प्रभारी उमेश सिंह सोलंकी ने घायल योगेश उर्फ दुर्वेश को तुरंत ही सीएचसी में एडमिट करा कर उपचार शुरू कराया। रेफर स्लिप बनने के बाद ही योगेश ने दम तोड़ दिया। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है।
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बबराला से जुनावई तक मजदूरों को दौड़ते रहे हमलावर
लिंटर डालने के बाद जब योगेश उर्फ दुर्गेश अपने भाई भुवनेश व अन्य मजदूरों के साथ बबराला से निकले ही थे कि ठेकेदार श्रीनिवास ने बाइकों पर सवार अपने साथियों के साथ पीछा किया। ट्रैक्टर चला रहे चालक ने धमकाने पर भी ट्रैक्टर नहीं रोका। इतना ही नहीं बाइक को ट्रैक्टर के आगे गिरा दिया लेकिन चालक ने सड़क पर पड़ी एक बाइक को रौंद दिया और जुनावई थाने पहुंचा। बबराला से जुनावई थाना करीब 10 किलोमीटर दूर है। दस किलोमीटर तक ठेकेदार दहशत का मंजर फैलाते हुए मजदूरों का पीछा करता रहा और उसके साथी मजदूरों पर पत्थर फेंकते रहे। बबराला और जुनावई थाना के बीच में गुन्नौर थाना भी पड़ता है। कहीं भी पुलिस नजर नहीं आयी। यदि पुलिस गश्त पर होती तो शायद योगेश की मौत नहीं होती।
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बबराला पुलिस की लापरवाही के चलते घटी घटना
नगला अजमेरी निवासी मजदूर सुखराम और रोहदास सिंह ने बताया लिंटर डालने के बाद मजदूरी के पैसे मांगने पर बबराला में ही झगड़ा शुरू हुआ था। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस और बबराला थाने के एक सिपाही विनीत ने उन्हें घर सुरक्षित छोड़ने की बात कही थी, लेकिन पुलिस उन्हें सेंजना मुस्लिम गांव तक छोड़कर वापस लौट गई। इसके बाद आरोपियों ने सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बबराला थाना प्रभारी रोशन सिंह ने बताया इस संबंध में विनीत कुमार सिपाही से बात की गई है। सिपाही ने बताया कि वह डायल 112 पुलिस की सूचना पर पीड़ित लोगों को गुन्नौर से आगे तक छोड़ने गया था। इससे पहले सिपाही ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी, जबकि एक हजार रुपये लेने के आरोप में थाना प्रभारी ने बताया इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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जुनावई क्षेत्र में पीएसी तैनात
मजदूर की हत्या के बाद से लोगों में पुलिस और हत्यारोपियों के खिलाफ रोष है। माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जुनावई थाना क्षेत्र में एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है।
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एएसपी उत्तरी ने घटनास्थल पर पहुंचे, सीओ को सौंपी जांच
मंगलवार की दोपहर एएसपी उत्तरी राजेश कुमार थाना जुनावई पहुंचे और थाना प्रभारी उमेश सिंह सोलंकी से जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि मजदूर और ठेकेदार से विवाद के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची थी, जबकि सिपाही विनीत कुमार द्वारा मजदूरों को सुरक्षित जुनावई थाना क्षेत्र में पहुंचाने की बात सामने आई है। सिपाही थाना प्रभारी को बिना बताए ही अकेले मजदूरों छोड़ने आया था, लेकिन बीच में ही छोड़कर वापस चला गया। सीओ को जांच सौंपी गई है। दोषी पाए जाने कार्रवाई अमल लाई जाएगी।
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नगला अजमेरी गांव निवासी योगेश कुमार उर्फ दुर्गेश अपने भाई भुवेनश कुमार के साथ मशीन से लिंटर डालने का काम करता था। सोमवार को योगेश कुमार और भुवनेश कुमार गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर ढाय निवासी ठेकेदार श्रीनिवास के कहने पर बबराला में एक व्यक्ति के यहां राम खिलाड़ी, रोहदास, चंद्रभान, प्रेम सिंह, संजू यादव, रामप्रसाद, बाबूराम, नौवेश कुमार, सुखराम, धर्मवीर, कालेराम के साथ लिंटर डालने के लिए गया था।
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रात करीब नौ बजे लिंटर डालने के बाद योगेश और भुवनेश ने पैसे की मांग की तो ठेकेदार ने कहा कि तुमने दो दिन पहले जो लिंटर डाला था, वह सही नहीं था। इसलिए तुम्हे पैसे नहीं दूंगा। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर नगला अजमेरी गांव निवासी मजदूर धर्मवीर ने डायल 112 पर सूचना देकर पुलिस बुला ली। मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने बबराला थाने को सूचना दिए बिना ही थाने के सिपाही विनीत कुमार को बुला लिया। सिपाही विनीत कुमार और डायल 112 पुलिस मजदूरों को छोड़ने के लिए घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी लेते हुए मजदूरों के ट्रैक्टर के पीछे चलने लगे, लेकिन पुलिस मजदूरों को सेंजना मुस्लिम तक छोड़कर पीछे लौट गई। तभी सेंजना मुस्लिम गांव से निकलने के बाद बाइकों पर सवार होकर पीछे से आए ठेकेदार और दो दर्जन से अधिक साथियों ने मजदूरों पर पथराव और मारपीट करना शुरू कर दिया। तभी जान बचाते हुए सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर परवाह किए बगैर ही ट्रैक्टर को तेज गति चलते हुए जुनावई कस्बे तक पहुंच गए।
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कस्बे के प्रथमा ग्रामीण बैंक के सामने पहुंचने पर ठेकेदार के दो दर्जन भर असलाह व लाठी डंडों से लैस लोगों ने जान से मारने की धमकी देते हुए योगेश उर्फ दुर्गेश को ट्रैक्टर से नीचे गिरा लिया। भाई भुवनेश चीखते चिल्लाते हुए देर रात 11 बजे करीब जुनावई थाने में पहुंचा और उसने पुलिस को घटना से अवगत कराया। थाना प्रभारी उमेश सिंह सोलंकी ने घायल योगेश उर्फ दुर्वेश को तुरंत ही सीएचसी में एडमिट करा कर उपचार शुरू कराया। रेफर स्लिप बनने के बाद ही योगेश ने दम तोड़ दिया। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है।
बबराला से जुनावई तक मजदूरों को दौड़ते रहे हमलावर
लिंटर डालने के बाद जब योगेश उर्फ दुर्गेश अपने भाई भुवनेश व अन्य मजदूरों के साथ बबराला से निकले ही थे कि ठेकेदार श्रीनिवास ने बाइकों पर सवार अपने साथियों के साथ पीछा किया। ट्रैक्टर चला रहे चालक ने धमकाने पर भी ट्रैक्टर नहीं रोका। इतना ही नहीं बाइक को ट्रैक्टर के आगे गिरा दिया लेकिन चालक ने सड़क पर पड़ी एक बाइक को रौंद दिया और जुनावई थाने पहुंचा। बबराला से जुनावई थाना करीब 10 किलोमीटर दूर है। दस किलोमीटर तक ठेकेदार दहशत का मंजर फैलाते हुए मजदूरों का पीछा करता रहा और उसके साथी मजदूरों पर पत्थर फेंकते रहे। बबराला और जुनावई थाना के बीच में गुन्नौर थाना भी पड़ता है। कहीं भी पुलिस नजर नहीं आयी। यदि पुलिस गश्त पर होती तो शायद योगेश की मौत नहीं होती।
बबराला पुलिस की लापरवाही के चलते घटी घटना
नगला अजमेरी निवासी मजदूर सुखराम और रोहदास सिंह ने बताया लिंटर डालने के बाद मजदूरी के पैसे मांगने पर बबराला में ही झगड़ा शुरू हुआ था। सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस और बबराला थाने के एक सिपाही विनीत ने उन्हें घर सुरक्षित छोड़ने की बात कही थी, लेकिन पुलिस उन्हें सेंजना मुस्लिम गांव तक छोड़कर वापस लौट गई। इसके बाद आरोपियों ने सभी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बबराला थाना प्रभारी रोशन सिंह ने बताया इस संबंध में विनीत कुमार सिपाही से बात की गई है। सिपाही ने बताया कि वह डायल 112 पुलिस की सूचना पर पीड़ित लोगों को गुन्नौर से आगे तक छोड़ने गया था। इससे पहले सिपाही ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी थी, जबकि एक हजार रुपये लेने के आरोप में थाना प्रभारी ने बताया इसकी जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जुनावई क्षेत्र में पीएसी तैनात
मजदूर की हत्या के बाद से लोगों में पुलिस और हत्यारोपियों के खिलाफ रोष है। माहौल को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जुनावई थाना क्षेत्र में एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है।
एएसपी उत्तरी ने घटनास्थल पर पहुंचे, सीओ को सौंपी जांच
मंगलवार की दोपहर एएसपी उत्तरी राजेश कुमार थाना जुनावई पहुंचे और थाना प्रभारी उमेश सिंह सोलंकी से जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि मजदूर और ठेकेदार से विवाद के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची थी, जबकि सिपाही विनीत कुमार द्वारा मजदूरों को सुरक्षित जुनावई थाना क्षेत्र में पहुंचाने की बात सामने आई है। सिपाही थाना प्रभारी को बिना बताए ही अकेले मजदूरों छोड़ने आया था, लेकिन बीच में ही छोड़कर वापस चला गया। सीओ को जांच सौंपी गई है। दोषी पाए जाने कार्रवाई अमल लाई जाएगी।