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संभल जिले के पांच गांवों में जमीन का पानी जहरीला होने की पुष्टि
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 13 Dec 2017 02:20 AM IST
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जलाशय
- फोटो : self
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संभल जिले के तीस से अधिक गांवों की जनता प्रदूषित पानी से पीड़ित है। कई गांवों में कैंसर से मौतों का सिलसिला है। इस बीच जल निगम की एक जांच रिपोर्ट आई है, जिसमें पांच गांवों के पानी में आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्रा अधिक पाई गई है। इस पानी को अगर लंबे समय तक पीएंगे तो बीमार पड़ जाएंगे।
जल निगम ने संभल जिले के शहबाजपुरकला, सैंदरी तेलीपुरा, राया बुजुर्ग, बाघऊ, पाठकपुर समेत 11 गांवों के 250 सरकारी हैंडपंपों से पानी के नमूने लिए थे। छह गांवों की जांच में पानी सही पाया गया लेकिन शहबाजपुरकला, सैंदरी तेलीपुरा, रायाबुजुर्ग, बाघऊ और पाठकपुर का पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
शहबाजपुरकला में आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्रा अधिक थी। जल निगम से मिली जानकारी के मुताबिक आर्सेनिक की मात्रा एक लीटर पानी में 0.010 मिलीग्राम होनी चाहिए लेकिन शहबाजपुर कला गांव के सरकारी हैंडपंपों के पानी में यह मात्रा 0.016 मिलीग्राम तक पाई गई है।
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इसी तरह नाइट्रेट की मात्रा 45 मिलीग्राम प्रतिलीटर तक होनी चाहिए यह मात्रा 45-75 मिलीग्राम तक पाई गई है। जबकि सैंदरी तेलीपुरा, बागऊ, पाठकपुर और रायाबुजुर्ग के पानी में भी नाइट्रेट और आर्सेनिक खतरनाक स्तर तक है। जिन गांवों का पानी मानकों पर खरा उतरा है, उसमें दहेरी जग्गू, मवई ढोल, रतूपुरा, सिंहपुर, नगला भूड़, चाटन शामिल हैं। जल निगम ने इन गांवों के सरकारी हैंडपंपों का पानी भी परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा था। जिसकी जांच रिपोर्ट आ गई है।
आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्र खतरनाक स्तर तक पाई गई। यह खुलासा जल निगम की रिपोर्ट में हुआ है।
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जल निगम ने संभल जिले के शहबाजपुरकला, सैंदरी तेलीपुरा, राया बुजुर्ग, बाघऊ, पाठकपुर समेत 11 गांवों के 250 सरकारी हैंडपंपों से पानी के नमूने लिए थे। छह गांवों की जांच में पानी सही पाया गया लेकिन शहबाजपुरकला, सैंदरी तेलीपुरा, रायाबुजुर्ग, बाघऊ और पाठकपुर का पानी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
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शहबाजपुरकला में आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्रा अधिक थी। जल निगम से मिली जानकारी के मुताबिक आर्सेनिक की मात्रा एक लीटर पानी में 0.010 मिलीग्राम होनी चाहिए लेकिन शहबाजपुर कला गांव के सरकारी हैंडपंपों के पानी में यह मात्रा 0.016 मिलीग्राम तक पाई गई है।
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इसी तरह नाइट्रेट की मात्रा 45 मिलीग्राम प्रतिलीटर तक होनी चाहिए यह मात्रा 45-75 मिलीग्राम तक पाई गई है। जबकि सैंदरी तेलीपुरा, बागऊ, पाठकपुर और रायाबुजुर्ग के पानी में भी नाइट्रेट और आर्सेनिक खतरनाक स्तर तक है। जिन गांवों का पानी मानकों पर खरा उतरा है, उसमें दहेरी जग्गू, मवई ढोल, रतूपुरा, सिंहपुर, नगला भूड़, चाटन शामिल हैं। जल निगम ने इन गांवों के सरकारी हैंडपंपों का पानी भी परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा था। जिसकी जांच रिपोर्ट आ गई है।
आर्सेनिक और नाइट्रेट की मात्र खतरनाक स्तर तक पाई गई। यह खुलासा जल निगम की रिपोर्ट में हुआ है।