{"_id":"6ac1696c3f3a8d8f6c037698","slug":"approval-granted-bsa-office-to-get-a-permanent-building-after-15-years-sambhal-news-c-275-1-smbd1034-141401-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: मिली मंजूरी... 15 साल बाद बीएसए दफ्तर को मिलेगा स्थायी भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: मिली मंजूरी... 15 साल बाद बीएसए दफ्तर को मिलेगा स्थायी भवन
विज्ञापन
बहजोई। संभल जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को 15 साल बाद अपना स्थायी भवन मिल सकेगा। शासन ने इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपये के एस्टीमेट को मंजूरी दे दी है। यह कार्यालय अब तक काठ बाजार स्थित परिषदीय विद्यालय के अस्थायी परिसर में संचालित हो रहा है।
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने इस भवन के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किया था। जिला समन्वयक (निर्माण) सचिन सक्सेना ने बताया कि एस्टीमेट माह अप्रैल 2026 में शासन को भेजा गया था। माह सितंबर में शासन स्तर से इसे स्वीकृति मिल गई है। अब डीपीआर तैयार करने और तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
संभल जिले का सृजन 28 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा मुरादाबाद और बदायूं को मिलाकर किया गया था। शुरुआत में इसका नाम भीमनगर था, जिसे बाद में बदलकर संभल कर दिया गया। जिला बनने के बाद से ही बीएसए कार्यालय के पास अपना स्थायी भवन नहीं था। यह कार्यालय पिछले 15 वर्षों से कांठ बाजार स्थित परिषदीय विद्यालय में चल रहा है। बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि नया स्थायी भवन उसी जमीन पर बनेगा जहां अभी अस्थायी कार्यालय है।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था आरईडी ने बीएसए कार्यालय के निर्माण के लिए 4 करोड़ 99 लाख 14 हजार रुपये की लागत का एस्टीमेट बनाया था। इस एस्टीमेट को शासन ने अपनी मंजूरी दे दी है। यह राशि कार्यालय के आधुनिक और स्थायी निर्माण में उपयोग की जाएगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) ने इस भवन के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किया था। जिला समन्वयक (निर्माण) सचिन सक्सेना ने बताया कि एस्टीमेट माह अप्रैल 2026 में शासन को भेजा गया था। माह सितंबर में शासन स्तर से इसे स्वीकृति मिल गई है। अब डीपीआर तैयार करने और तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
संभल जिले का सृजन 28 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा मुरादाबाद और बदायूं को मिलाकर किया गया था। शुरुआत में इसका नाम भीमनगर था, जिसे बाद में बदलकर संभल कर दिया गया। जिला बनने के बाद से ही बीएसए कार्यालय के पास अपना स्थायी भवन नहीं था। यह कार्यालय पिछले 15 वर्षों से कांठ बाजार स्थित परिषदीय विद्यालय में चल रहा है। बीएसए अलका शर्मा ने बताया कि नया स्थायी भवन उसी जमीन पर बनेगा जहां अभी अस्थायी कार्यालय है।
विज्ञापन
कार्यदायी संस्था आरईडी ने बीएसए कार्यालय के निर्माण के लिए 4 करोड़ 99 लाख 14 हजार रुपये की लागत का एस्टीमेट बनाया था। इस एस्टीमेट को शासन ने अपनी मंजूरी दे दी है। यह राशि कार्यालय के आधुनिक और स्थायी निर्माण में उपयोग की जाएगी। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को इस कार्य के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।