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अमरनाथ यात्रा : अपनों के लिए फिक्रमंद हैं परिवार वाले
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 11 Jul 2016 01:02 AM IST
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amarnath yatra
- फोटो : Amar Ujala
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बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गए जिले के दौ सौ अमरनाथ यात्री दूसरे दिन भी जम्मू कश्मीर में हो रहे बवाल में फंसे रहे। अभी तक स्थानीय लोगों को रोड पर कब्जा है। सरकार भी कोई हल नहीं निकाल पाई है। इससे यात्री अनंतनाग-बालटाल में ही फंसे हुए हैं। आर्मी के भरोसे ही यात्री खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। खाने पीने के साथ रहने की भी दिक्कतें बढ़ गईं हैं। सबसे बड़ी दिक्कत है कि यात्रियों की वापसी के ट्रेनों और हेलीकॉप्टर से जाने आने के रिजर्वेशन निरस्त हो रहे हैं।
तमाम अमरनाथ यात्रियों ने गुफा तक पहुंचने और वहां से वापसी के लिए हेलीकॉप्टर का रिजर्वेशन कराया था। वहीं तमाम ने वापसी के लिए ट्रेनों में सीटें आरक्षित कराई थीं। लेकिन शनिवार सुबह से रुकी अमरनाथ यात्रा रविवार देर शाम तक सुचारू नहीं हो सकी। दो दिन रास्ते में ही बीत गए हैं।
इससे अधिकांश यात्रियों को हेलीकॉप्टर व ट्रेन के रिजर्वेशन समय निकलने लगे हैं। कुछ ने बीच में घूमने का समय सुरक्षित किया था लेकिन घूमना भी सपना बनकर रह गया है। इधर, यात्रा पर गए लोगों के परिजन काफी परेशान हैं। लोग पल-पल की अपनों की जानकारी ले रहे हैं। वहीं तमाम श्रद्धालुओं के फोन नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं।
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शनिवार की सुबह सात बजे जब हम लोग लद्दाख से श्रीनगर से सत्तर किमी दूरी पर सोनमर्ग पहुंचे तो वहां रास्ते पहले से ही बंद था। तब से लेकर अब यहीं पर फंसे हैं, मुझे तो होटल मिल गया है लेकिन पांच सौ रुपये रोजाना की बजाय चार हजार रुपये रोजाना में मिला है। -अतुल सिंह अमरनाथ यात्री टीटीई चंदौसी
सबसे बड़ी समस्या यह है कि यात्रियों ने दिनों के हिसाब से ही हेलीकॉप्टर व ट्रेनों में वापसी का रिजर्वेशन कराया था लेकिन दो दिन तो यहीं गुजर गए हैं तो तय तिथि पर हमारी यात्रा पूरी नहीं हो पाएगी। इससे काफी दिक्कतें हो सकती है। सरकार को उसी आरक्षण को आगे बढ़ा देना चाहिए। -ग्रीश सैनी अमरनाथ यात्री चंदौसी
सभी रोड पर श्रीनगर के स्थानीय लोगों का कब्जा है, वह पूरी तरह आतंकी के समर्थन में हैं। बसों पर पथराव कर रहे हैं। रोड पर टायरों को जला रहे हैं। एक तो बीएसएफ के जवान को उसकी गाड़ी सहित झेलम नदीं में फेंक दिया है। -शेखर विमल अमरनाथ यात्री चंदौसी
श्रीनगर घूमने के दिन भी दो दिन का समय लेकर रिजर्वेशन कराया था, यदि यात्रा आज रात को शुरू हो जाती है तो श्रीनगर घूमना तो नहीं हो पाएगा लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद रिजर्वेशन समय पर मिल सकता है। - चंद्र विजय सिंह अमरनाथ यात्री चंदौसी
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तमाम अमरनाथ यात्रियों ने गुफा तक पहुंचने और वहां से वापसी के लिए हेलीकॉप्टर का रिजर्वेशन कराया था। वहीं तमाम ने वापसी के लिए ट्रेनों में सीटें आरक्षित कराई थीं। लेकिन शनिवार सुबह से रुकी अमरनाथ यात्रा रविवार देर शाम तक सुचारू नहीं हो सकी। दो दिन रास्ते में ही बीत गए हैं।
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इससे अधिकांश यात्रियों को हेलीकॉप्टर व ट्रेन के रिजर्वेशन समय निकलने लगे हैं। कुछ ने बीच में घूमने का समय सुरक्षित किया था लेकिन घूमना भी सपना बनकर रह गया है। इधर, यात्रा पर गए लोगों के परिजन काफी परेशान हैं। लोग पल-पल की अपनों की जानकारी ले रहे हैं। वहीं तमाम श्रद्धालुओं के फोन नहीं मिलने से परिजन परेशान हैं।
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शनिवार की सुबह सात बजे जब हम लोग लद्दाख से श्रीनगर से सत्तर किमी दूरी पर सोनमर्ग पहुंचे तो वहां रास्ते पहले से ही बंद था। तब से लेकर अब यहीं पर फंसे हैं, मुझे तो होटल मिल गया है लेकिन पांच सौ रुपये रोजाना की बजाय चार हजार रुपये रोजाना में मिला है। -अतुल सिंह अमरनाथ यात्री टीटीई चंदौसी
सबसे बड़ी समस्या यह है कि यात्रियों ने दिनों के हिसाब से ही हेलीकॉप्टर व ट्रेनों में वापसी का रिजर्वेशन कराया था लेकिन दो दिन तो यहीं गुजर गए हैं तो तय तिथि पर हमारी यात्रा पूरी नहीं हो पाएगी। इससे काफी दिक्कतें हो सकती है। सरकार को उसी आरक्षण को आगे बढ़ा देना चाहिए। -ग्रीश सैनी अमरनाथ यात्री चंदौसी
सभी रोड पर श्रीनगर के स्थानीय लोगों का कब्जा है, वह पूरी तरह आतंकी के समर्थन में हैं। बसों पर पथराव कर रहे हैं। रोड पर टायरों को जला रहे हैं। एक तो बीएसएफ के जवान को उसकी गाड़ी सहित झेलम नदीं में फेंक दिया है। -शेखर विमल अमरनाथ यात्री चंदौसी
श्रीनगर घूमने के दिन भी दो दिन का समय लेकर रिजर्वेशन कराया था, यदि यात्रा आज रात को शुरू हो जाती है तो श्रीनगर घूमना तो नहीं हो पाएगा लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने के बाद रिजर्वेशन समय पर मिल सकता है। - चंद्र विजय सिंह अमरनाथ यात्री चंदौसी