{"_id":"642347eae34b3c32bc0af904","slug":"along-with-the-course-parents-will-also-bear-the-financial-burden-of-dress-change-sambhal-news-c-15-1-99925-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: कोर्स के साथ अब ड्रेस बदलाव का भी आर्थिक बोझ उठाएंगे अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: कोर्स के साथ अब ड्रेस बदलाव का भी आर्थिक बोझ उठाएंगे अभिभावक
विज्ञापन
संभल। पहली अप्रैल से शिक्षा का सत्र शुरू होने जा रहा है। इस सत्र में बच्चों की पढ़ाई महंगी हो गई है। किताबों की महंगाई होने के साथ ही अब कई स्कूलों में ड्रेस का बदलाव किया गया है। इससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। इस जानकारी के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ी हुई है। 2023-24 के नए शिक्षा सत्र में सभी निजी स्कूलों के कोर्स काफी महंगे हो गए हैं। पिछले शिक्षा सत्र से इस बार 20 से 25 प्रतिशत कोर्स पर महंगाई है। अब नई चिंता ड्रेस की अभिभावकों के सिर चढ़ गई है। प्रतिष्ठित स्कूलों ने 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं की ड्रेस में बदलाव किया है। एक बच्चे के लिए दो ड्रेस तैयार करानी हैं। करीब दो से ढ़ाई हजार रुपये का खर्च बढ़ गया है।
क्या बोले अभिभावक
दो बच्चे पढ़ते हैं। पहले से कोर्स में बदलाव कर दिया है और किताबों के दाम भी बढ़कर आए हैं। साथ ही स्कूल ड्रेस में बदलाव होने पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। पढ़ाई दिनों दिन महंगी हो रही है।
त्रिलोकी सिंह, अभिभावक, संभल।
स्कूल में पहले ही दो तरह की ड्रेस हैं। जिसमें बुधवार और शनिवार की अलग है। अब एक तरह की ड्रेस में बदलाव हुआ होता तो इतना नहीं झेलना पड़ता है। किताबों के साथ साथ हर वस्तु में दाम बढ़े हैं। अब दो तरह की ड्रेस लेने में काफी पेरशानी होगी।
विज्ञापन
अशोक पवांर, अभिभावक, संभल।
मेरा बेटा हाईस्कूल का छात्र है। जैसे तैसे अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोर्स और फीस भी पहले से बढ़ी हुई है। निजी स्कूल वालों ने हद कर रखी है। पिछले साल भी ड्रेस खरीदी थी और अब भी ड्रेस में बदलाव कर दिया गया है।
आसिफ, अभिभावक, संभल।
मेरे दो बच्चे पढ़ते हैं। इस स्कूल में दो ड्रेस पहले भी थीं। अब उनमें इस वर्ष बदलाव कर दिया है। दो ड्रेसों के बदलाव से आर्थि क बोझ बढ़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई मुश्किल से कराई जा रही है।
इकराम हुसैन, अभिभावक, संभल।
विज्ञापन
क्या बोले अभिभावक
दो बच्चे पढ़ते हैं। पहले से कोर्स में बदलाव कर दिया है और किताबों के दाम भी बढ़कर आए हैं। साथ ही स्कूल ड्रेस में बदलाव होने पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। पढ़ाई दिनों दिन महंगी हो रही है।
विज्ञापन
त्रिलोकी सिंह, अभिभावक, संभल।
स्कूल में पहले ही दो तरह की ड्रेस हैं। जिसमें बुधवार और शनिवार की अलग है। अब एक तरह की ड्रेस में बदलाव हुआ होता तो इतना नहीं झेलना पड़ता है। किताबों के साथ साथ हर वस्तु में दाम बढ़े हैं। अब दो तरह की ड्रेस लेने में काफी पेरशानी होगी।
विज्ञापन
अशोक पवांर, अभिभावक, संभल।
मेरा बेटा हाईस्कूल का छात्र है। जैसे तैसे अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं। कोर्स और फीस भी पहले से बढ़ी हुई है। निजी स्कूल वालों ने हद कर रखी है। पिछले साल भी ड्रेस खरीदी थी और अब भी ड्रेस में बदलाव कर दिया गया है।
आसिफ, अभिभावक, संभल।
मेरे दो बच्चे पढ़ते हैं। इस स्कूल में दो ड्रेस पहले भी थीं। अब उनमें इस वर्ष बदलाव कर दिया है। दो ड्रेसों के बदलाव से आर्थि क बोझ बढ़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई मुश्किल से कराई जा रही है।
इकराम हुसैन, अभिभावक, संभल।