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Sambhal News: शराब ने संजय का घर बिगाड़ा, फिर जिंदगी ढाती रही सितम
Fri, 09 May 2025 11:44 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 09 May 2025 11:44 PM IST
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संभल।
संजय कई साल पहले तक इस्लामनगर में स्टेशनरी की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी थी जो शराब का नशा करने से खफा रहती थी। औलाद नहीं होने के चलते भी झगड़ा होता था। पत्नी से विवाद तलाक तक पहुंच गया। तलाक होने के बाद संजय की शराब की लत बढ़ती चली गई और स्टेशनरी का काम पूरी तरह खराब हो गया था। आखिर में संजय सहारा पाने के लिए छोटे भाई नवीन के घर आकर रहने लगे। नवीन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। सितंबर 2023 में अपने डाकिया दोस्त राजू और अधिवक्ता अखिलेश को अपनी परेशानी बताई थी। अखिलेश अधिवक्ता के साथ बीमा करने का भी काम करता था। अखिलेश और राजू ने कहा कि संजय का परिवार नहीं है। इसलिए उसकी बीमा पॉलिसी करा लो और फिर हत्या कर देना। हत्या ऐसे करना जिससे हादसा लगे। जो भी पॉलिसी चलेंगी उनका प्रीमियम भरते रहना। लाखों रुपये आएंगे तो कर्ज भी चुका देना और हमारा हिस्सा भी दे देना।
नवीन ने बताया कि जनवरी 2024 में अचानक उसके भाई संजय को लकवा हो गया था। 20 जून 2024 को अखिलेश और राजू मिलने के लिए पहुंचे थे और कहा कि हत्या कर दो लेकिन हादसा लगना चाहिए। उनके कहने के बाद ई-रिक्शा में लेकर घर से निकल गया था। गांव मऊ कठेर के नजदीक अचानक से ई-रिक्शा से गिरा दिया था। इसके बाद हत्या कर दी थी।
ई-रिक्शा चालक ने कहा अस्पताल ले चलो तो उसे डांटा और भगा दिया
नवीन ने पुलिस को पूछताछ में यह भी बताया कि जब उसने ई-रिक्शा से अपने भाई संजय को गिराया तो वह गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन जिंदा था। ई-रिक्शा चालक चाहता था कि वह अस्पताल ले जाए लेकिन ई-रिक्शा चालक पर लापरवाही से ई-रिक्शा चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी तो वह भाग गया।
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बदायूं जिले का दूसरा मामला संभल पुलिस ने पकड़ा
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। दरियाब भी दिव्यांग थे और सड़क हादसा चंदौसी के आटा-पतरौआ मार्ग दिखाया गया था। पुलिस ने इस हत्या के मामले में भी 29 दिसंबर 2024 को कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। बीमा कंपनी टाटा एआईए के इन्वेस्टीगेटर को घटना संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद चंदौसी और बहजोई थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जानकारी सामने आई कि दरियाब के नाम पर टाटा एआईए, बजाज एलियांस, आईसीआईसीआई, रिलायंस जनरल और किसान बीमा सहित कुल 50,68,000 रुपये की पॉलिसी थी। जबकि वह दिव्यांग होने के साथ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे। इसके बाद भी उनकी पॉलिसी की प्रीमियम लगातार भरी जा रही थीं। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला हत्या का सामने आया। तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
कई हादसे अब पुलिस की जांच में शामिल
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में टीम काम कर रही है। कई हादसे पुलिस की जांच में शामिल हो गए हैं। यह वह हादसे हैं जिसमें किसी की जान गई और बीमा धनराशि क्लेम की गई है। एसपी का कहना है कि जांच जिस तरह से आगे बढ़ रही है। उससे तय है कि आगे खुलासे हो सकते हैं। एसपी का कहना है कि यह गंभीर मामले हैं कि बीमा धनराशि पाने के लिए हत्या की साजिश रची जा रही है और इसमें परिवार के लोग भी शामिल मिल रहे हैं। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
- फर्जी बीमा कर धनराशि हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसमें गंभीर मामले भी सामने आए हैं। इस पूरे गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अभी इस गिरोह के खिलाफ जांच चल रही है।-कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल
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संजय कई साल पहले तक इस्लामनगर में स्टेशनरी की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी थी जो शराब का नशा करने से खफा रहती थी। औलाद नहीं होने के चलते भी झगड़ा होता था। पत्नी से विवाद तलाक तक पहुंच गया। तलाक होने के बाद संजय की शराब की लत बढ़ती चली गई और स्टेशनरी का काम पूरी तरह खराब हो गया था। आखिर में संजय सहारा पाने के लिए छोटे भाई नवीन के घर आकर रहने लगे। नवीन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। सितंबर 2023 में अपने डाकिया दोस्त राजू और अधिवक्ता अखिलेश को अपनी परेशानी बताई थी। अखिलेश अधिवक्ता के साथ बीमा करने का भी काम करता था। अखिलेश और राजू ने कहा कि संजय का परिवार नहीं है। इसलिए उसकी बीमा पॉलिसी करा लो और फिर हत्या कर देना। हत्या ऐसे करना जिससे हादसा लगे। जो भी पॉलिसी चलेंगी उनका प्रीमियम भरते रहना। लाखों रुपये आएंगे तो कर्ज भी चुका देना और हमारा हिस्सा भी दे देना।
नवीन ने बताया कि जनवरी 2024 में अचानक उसके भाई संजय को लकवा हो गया था। 20 जून 2024 को अखिलेश और राजू मिलने के लिए पहुंचे थे और कहा कि हत्या कर दो लेकिन हादसा लगना चाहिए। उनके कहने के बाद ई-रिक्शा में लेकर घर से निकल गया था। गांव मऊ कठेर के नजदीक अचानक से ई-रिक्शा से गिरा दिया था। इसके बाद हत्या कर दी थी।
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ई-रिक्शा चालक ने कहा अस्पताल ले चलो तो उसे डांटा और भगा दिया
नवीन ने पुलिस को पूछताछ में यह भी बताया कि जब उसने ई-रिक्शा से अपने भाई संजय को गिराया तो वह गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन जिंदा था। ई-रिक्शा चालक चाहता था कि वह अस्पताल ले जाए लेकिन ई-रिक्शा चालक पर लापरवाही से ई-रिक्शा चलाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी तो वह भाग गया।
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बदायूं जिले का दूसरा मामला संभल पुलिस ने पकड़ा
31 जुलाई को बदायूं जिले के थाना बिसौली अंतर्गत गांव दिलवारी निवासी दरियाब (38) की गाड़ी से कुचलकर व हथौड़े से पीटकर हत्या की थी। दरियाब भी दिव्यांग थे और सड़क हादसा चंदौसी के आटा-पतरौआ मार्ग दिखाया गया था। पुलिस ने इस हत्या के मामले में भी 29 दिसंबर 2024 को कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। बीमा कंपनी टाटा एआईए के इन्वेस्टीगेटर को घटना संदिग्ध लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद चंदौसी और बहजोई थाना पुलिस ने जांच शुरू की। जानकारी सामने आई कि दरियाब के नाम पर टाटा एआईए, बजाज एलियांस, आईसीआईसीआई, रिलायंस जनरल और किसान बीमा सहित कुल 50,68,000 रुपये की पॉलिसी थी। जबकि वह दिव्यांग होने के साथ आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थे। इसके बाद भी उनकी पॉलिसी की प्रीमियम लगातार भरी जा रही थीं। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो मामला हत्या का सामने आया। तीन आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।
कई हादसे अब पुलिस की जांच में शामिल
एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में टीम काम कर रही है। कई हादसे पुलिस की जांच में शामिल हो गए हैं। यह वह हादसे हैं जिसमें किसी की जान गई और बीमा धनराशि क्लेम की गई है। एसपी का कहना है कि जांच जिस तरह से आगे बढ़ रही है। उससे तय है कि आगे खुलासे हो सकते हैं। एसपी का कहना है कि यह गंभीर मामले हैं कि बीमा धनराशि पाने के लिए हत्या की साजिश रची जा रही है और इसमें परिवार के लोग भी शामिल मिल रहे हैं। इसलिए इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
- फर्जी बीमा कर धनराशि हड़पने वाले गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसमें गंभीर मामले भी सामने आए हैं। इस पूरे गिरोह के सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अभी इस गिरोह के खिलाफ जांच चल रही है।-कृष्ण कुमार विश्नोई, एसपी, संभल