फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Advocate said: Police should make adequate security arrangements

अधिवक्ता बोले : सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे पुलिस

Fri, 29 Nov 2024 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Fri, 29 Nov 2024 01:45 AM IST
विज्ञापन
Advocate said: Police should make adequate security arrangements
चंदौसी (संभल)। संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए अदालत में पेश किए गए दावा को लेकर न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई की तिथि नीयत की है। जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जहां एक ओर हरिहर मंदिर के वादकारियों व अधिवक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करना पुलिस का दायित्व है, वहीं दूसरी ओर हड़ताल से न्यायालय की ओर से पहले से लगी मुकदमों की तारीखों में आने वाले वादकारियों को न्यायालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा। कड़ी सुरक्षा में दूर-दराज से आने वाले वादकारियों के न्यायालय में प्रवेश पर प्रतिबंध से न्यायालय का कार्य भी प्रभावित होगा। हालांकि बार एसोसिएशन चंदौसी द्वारा कलम बंद हड़ताल होने से प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर राहत महसूस कर रहा है। वहीं कुछ अधिवक्ता हड़ताल के इस निर्णय से संतुष्ट नजर नहीं आए। जिससे कुछ अधिवक्ता हड़ताल के पक्ष में दिखे तो कुछ अधिवक्ताओं ने सवाल भी खड़े किए।
विज्ञापन






संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा देश का संवेदनशील मामला है। दावे की नीयत तिथि पर सुरक्षा के चाक चौबंद प्रबंध में लोगों को सहयोग करना चाहिए। वादकारियों का न्यायालय में प्रवेश पर प्रतिबंध का प्रशासन का निर्णय सही है। जिससे अमन चैन कायम रहेगा।
विज्ञापन

- नवनीत सिंह यादव, पूर्व सचिव बार एसोसिएशन चंदौसी




पहली तिथि है, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन का यह प्रयास सही है। आगे पड़ने वाली तारीखों पर इतनी सख्ती न बरती जाए। आगे की तारीखों पर न्यायिक कार्य सुचारु रहना चाहिए। न्यायालय का कार्य नहीं रुकना चाहिए। अधिवक्ताओं और वादकारियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

-विनोद कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता





न्यायालय के लिए सभी वादकारी समान होते हैं। किसी विशेष के लिए सुरक्षा की दृष्टि से इतना बड़ा कदम नहीं उठाना चाहिए। ज्यादा प्रतिबंध से वादकारियों और अधिवक्ताओं को परेशानी होगी। प्रतिबंध से कई मुकदमों में वादकारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

-दीपक गुप्ता, अधिवक्ता


यह मामला दीवानी का है। शहर के लिए संवेदनशील है। इससे समयावधि के मुकदमों के वादकारी परेशान होंगे। इस मामले में प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में अधिवक्ताओं का पूर्ण सहयोग है, लेकिन सुरक्षा उस तरह रखी जानी चाहिए कि किसी वादकारी व अधिवक्ता को परेशानी न हो सके।
-सगीर सैफी, पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन चंदौसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed