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प्रदूषण फैलाने की शिकायतों पर प्रशासन चेता- संभल जिले के चिमियावली में प्रशासन ने चार बोन मिल सील किए
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चिमियावली में बोन मिलों का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम दीपेंद्र यादव व पुलिस क्षेत्राधिकारी अर?
- फोटो : SAMBHAL
संभल। वायु प्रदूषण फैलाने वाली चार बोन मिलों को प्रशासन ने मंगलवार को सील कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों की टीम ने मिलों का निरीक्षण किया। मौजूद कर्मचारियों से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति का प्रमाणपत्र, स्टॉक रजिस्टर तथा खरीद-बिक्री के अभिलेख मांगे गए, लेकिन किसी मिल में अभिलेख पूरे नहीं मिले। विस्तृत जांच होने तक चारों मिल सील रहेंगे। इनमें जानवरों की हड्डी प्रॉसिस की जाती है। हड्डी का चूरा बनाकर दूसरे शहरों में भेजा जाता है।
उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव व सीओ अरुण कुमार सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुरादाबाद, खाद्य सुरक्षा विभाग, पशु पालन विभाग की संयुक्त टीम के साथ चिमियावली में चार बोन मिलों को सील करने की कार्रवाई की है। टीम ने सबसे पहले डायमंड बोन मिल का निरीक्षण किया। मिल में स्टॉक तो था पर मौजूद मैनेजर स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत न कर सका। न ही खरीद बिक्री के अभिलेख। एआर बोन मिल में मौजूद कर्मचारियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति तो दिखाई, लेकिन खरीद और बिक्री के अभिलेख पेश न कर सकेा। इंडियन बोन मिल और हिंदुस्तान बोन मिल की भी चेकिंग की गई। उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि किसी भी बोन मिलों में अभिलेख पूरे नहीं थे। मिलों के कर्मचारियों और मैनेजर से बातचीत की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए बोन मिलों को सील किया गया है। मिल संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति, खरीद-बिक्री के जो अभिलेख प्रस्तुत करेंगे। उनकी जांच संबंधित विभाग करेंगे। जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी।
बोन मिल के पीछे खेत में भरा मिला लाल पानी
संभल। उपजिलाधिकारी ने बताया कि एक बोन मिल के पीछे खेत में लाल पानी भरा मिला है। इसे लेकर मौके पर मिल वाले एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कहा गया है कि वे चिमियावली में लगी तीनों मीट फैक्टरी और चारों बोन मिलों में जांच करें। यह भी देखें कि ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं या नहीं।
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बोन मिल में धोया जाता है चमड़ा
संभल। मिल में बड़ी मात्रा में नमक की बोरी रखीं थीं। चमड़ा रखा था। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां पर चमड़ा धोया जाता है। एसडीएम ने बताया कि बोन मिल में चमड़ा रखने और उसे धोने आदि का कोई लाइसेंस नहीं है। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा।
वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन सामने आया है। चारों बोन मिलों को इसके लिए बुधवार को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के 15 दिन में जवाब देना होगा। जवाब का परीक्षण करने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
जेएन तिवारी, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुरादाबाद
इस शर्त का हुआ उल्लंघन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता ने बताया गीली हड्डी खुले में नहीं रखी जा सकती है, लेकिन चारों बोन मिलों में खुले में हड्डी रखी थीं, जिससे दूर-दूर तक बदबू फैल रही थी। यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति में दी गईं शर्तों का उल्लंघन है।
मीट फैक्टरी मालिकों को दी गई सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी
संभल। उपजिलाधिकारी ने मीट फैक्टरी मालिकों के साथ चिमियावली में बैठक की। उन्होंने कहा कि चिमियावली से संभल को जोड़ने वाली सड़क के गड्ढे हादसों की वजह बन सकते हैं। इसलिए फैक्टरी संचालक अपने संसाधनों से सड़क को गड्ढा मुक्त कराएं। साथ ही उन्होंने तीन प्राइमरी स्कूलों को गोद लेने का आग्रह भी फैक्टरी संचालकों से किया, जिस पर फैक्टरी संचालकों ने सहमति जाहिर की।
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उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव व सीओ अरुण कुमार सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मुरादाबाद, खाद्य सुरक्षा विभाग, पशु पालन विभाग की संयुक्त टीम के साथ चिमियावली में चार बोन मिलों को सील करने की कार्रवाई की है। टीम ने सबसे पहले डायमंड बोन मिल का निरीक्षण किया। मिल में स्टॉक तो था पर मौजूद मैनेजर स्टॉक रजिस्टर प्रस्तुत न कर सका। न ही खरीद बिक्री के अभिलेख। एआर बोन मिल में मौजूद कर्मचारियों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति तो दिखाई, लेकिन खरीद और बिक्री के अभिलेख पेश न कर सकेा। इंडियन बोन मिल और हिंदुस्तान बोन मिल की भी चेकिंग की गई। उपजिलाधिकारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि किसी भी बोन मिलों में अभिलेख पूरे नहीं थे। मिलों के कर्मचारियों और मैनेजर से बातचीत की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए बोन मिलों को सील किया गया है। मिल संचालक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति, खरीद-बिक्री के जो अभिलेख प्रस्तुत करेंगे। उनकी जांच संबंधित विभाग करेंगे। जांच के बाद अगली कार्रवाई होगी।
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बोन मिल के पीछे खेत में भरा मिला लाल पानी
संभल। उपजिलाधिकारी ने बताया कि एक बोन मिल के पीछे खेत में लाल पानी भरा मिला है। इसे लेकर मौके पर मिल वाले एक-दूसरे पर आरोप लगाते नजर आए। इसलिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से कहा गया है कि वे चिमियावली में लगी तीनों मीट फैक्टरी और चारों बोन मिलों में जांच करें। यह भी देखें कि ट्रीटमेंट प्लांट काम कर रहे हैं या नहीं।
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बोन मिल में धोया जाता है चमड़ा
संभल। मिल में बड़ी मात्रा में नमक की बोरी रखीं थीं। चमड़ा रखा था। आसपास के लोगों ने बताया कि यहां पर चमड़ा धोया जाता है। एसडीएम ने बताया कि बोन मिल में चमड़ा रखने और उसे धोने आदि का कोई लाइसेंस नहीं है। इस मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई करेगा।
वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 का उल्लंघन सामने आया है। चारों बोन मिलों को इसके लिए बुधवार को नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के 15 दिन में जवाब देना होगा। जवाब का परीक्षण करने के बाद अगली कार्रवाई होगी।
जेएन तिवारी, अवर अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुरादाबाद
इस शर्त का हुआ उल्लंघन
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता ने बताया गीली हड्डी खुले में नहीं रखी जा सकती है, लेकिन चारों बोन मिलों में खुले में हड्डी रखी थीं, जिससे दूर-दूर तक बदबू फैल रही थी। यह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति में दी गईं शर्तों का उल्लंघन है।
मीट फैक्टरी मालिकों को दी गई सामाजिक कार्यों की जिम्मेदारी
संभल। उपजिलाधिकारी ने मीट फैक्टरी मालिकों के साथ चिमियावली में बैठक की। उन्होंने कहा कि चिमियावली से संभल को जोड़ने वाली सड़क के गड्ढे हादसों की वजह बन सकते हैं। इसलिए फैक्टरी संचालक अपने संसाधनों से सड़क को गड्ढा मुक्त कराएं। साथ ही उन्होंने तीन प्राइमरी स्कूलों को गोद लेने का आग्रह भी फैक्टरी संचालकों से किया, जिस पर फैक्टरी संचालकों ने सहमति जाहिर की।