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गुन्नौर के दो सौ गांवों को दिन में नहीं मिल पा रही बिजली, लोग परेशान
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Mon, 18 Jun 2018 01:03 AM IST
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गुन्नौर तहसील में अलग-अलग बिजली घरों से जुड़े करीब दौ सौ गांवों को शड्यूल के तहत बिजली नहीं मिल रही है। धनारी, जुनावई, रजपुरा व गुन्नौर बिजली घरों से जुड़े गांवों में पूरे दिन बिजली गुल रहती है तो रात में बार-बार ट्रिपिंग से लोगों का बुरा हाल है।
कभी पंखे चलते हैं तो कभी बिजली आने के इंतजार में लोग गर्मी से निजात पाने के लिए छतों पर सोते है। देेहात क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। जिसका मुख्य कारण लगातार शटडाउन और जर्जर लाइनों को होना माना जा रहा है।
कस्बा रजपुरा स्थित बिजली घर से लगभग सत्तर से अधिक गांव जुडे़ है। इन गांवों में जर्जर लाइनें है। तार टूटने से हादसे होते हैं। शटडाउन लेने के कारण देहात के गांवों को बिजली नहीं मिल रही है। गुन्नौर बिजली घर से जुड़े लगभग पचास गांवों का भी कशमकश यही हाल है।
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यहां शेड्यूल के अनुसार 18 घंटे में मात्र सात से आठ घंटे बिजली मिल रही है। दिनभर गर्मी में बिजली गायब रहती है। नलकूप नहीं चल पाते खेतों की सिचाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता परेशान है। जुनावई क्षेत्र में करीब पचास से अधिक गांवों में बिजली रात में कटौती करते हुए सात से आठ घंटे मिल रही है।
जबकि दिन में मात्र दो घंटे की आपूर्ति पंद्रह-पंद्रह मिनट के अंतराल के बाद होती है। धनारी बिजली घर से करीब तीस गांवों में रात को बिना कटौती बिजली मिल जाती है लेकिन दिन की आपूर्ति पूरी तरह शटडाउन की भेंट चढ़ जाती है। वहीं विभाग के अधिकारी पूरी बिजली देने का दावा करते है तो हकीकत कम दिखावा ज्यादा है।
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कभी पंखे चलते हैं तो कभी बिजली आने के इंतजार में लोग गर्मी से निजात पाने के लिए छतों पर सोते है। देेहात क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। जिसका मुख्य कारण लगातार शटडाउन और जर्जर लाइनों को होना माना जा रहा है।
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कस्बा रजपुरा स्थित बिजली घर से लगभग सत्तर से अधिक गांव जुडे़ है। इन गांवों में जर्जर लाइनें है। तार टूटने से हादसे होते हैं। शटडाउन लेने के कारण देहात के गांवों को बिजली नहीं मिल रही है। गुन्नौर बिजली घर से जुड़े लगभग पचास गांवों का भी कशमकश यही हाल है।
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यहां शेड्यूल के अनुसार 18 घंटे में मात्र सात से आठ घंटे बिजली मिल रही है। दिनभर गर्मी में बिजली गायब रहती है। नलकूप नहीं चल पाते खेतों की सिचाई नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता परेशान है। जुनावई क्षेत्र में करीब पचास से अधिक गांवों में बिजली रात में कटौती करते हुए सात से आठ घंटे मिल रही है।
जबकि दिन में मात्र दो घंटे की आपूर्ति पंद्रह-पंद्रह मिनट के अंतराल के बाद होती है। धनारी बिजली घर से करीब तीस गांवों में रात को बिना कटौती बिजली मिल जाती है लेकिन दिन की आपूर्ति पूरी तरह शटडाउन की भेंट चढ़ जाती है। वहीं विभाग के अधिकारी पूरी बिजली देने का दावा करते है तो हकीकत कम दिखावा ज्यादा है।