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जुनावई में खसरे से 24 घंटे में दो मासूमों की मौत, 15 बीमार
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Thu, 07 Jun 2018 01:31 AM IST
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जुनावई के पतेई कास्त गांव में खसरे से मरे बच्चे के विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुनावई क्षेत्र के गांव पतेई कास्त में खसरा की बीमारी के चलते चौबीस घंटे में दो मासूमों ने दम तोड़ दिया। खसरे की चपेट में आकर लगभग 15 बच्चे बीमार पड़ गए है। मासूम बच्चों की मौत के बाद गांव में परिजन अपने अपने बच्चों को लेकर दहशत के साये में जी रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग को खसरे के प्रकोप से बेखबर बना हुआ है।
मौसम के बदलाव का असर दिखने लगा है। बदलते मौसम से मौसमी बीमारियां भी पनपने लगी है। जुनावई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गांवों में खसरा व चिकन पाक्स आदि का प्रकोप फैलने लगा है। क्षेत्र के गांव पतेई कास्त के मुनेश ने बताया कि दो दिन से उसकी पांच वर्षीय बेटी छाया के शरीर पर लाल लाल दाने और खांसी जुकाम हो रहा था, लेकिन मंगलवार की सुबह ही अचानक उसने दम तोड़ दिया। उसे खसरे से पीड़ित बताया जा रहा है।
इसी बीमारी के चलते गांव के ही रामगोपाल का इकलौटा बेटा सात वर्षीय पंकज भी खसरे की चपेट में आकर बुधवार दोपहर को काल के गाल में समा गया।
जिसके चलते गांव में खसरे के प्रकोप से ग्रामीणों में डर बैठ गया है। गांव के लोगों ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम हमारे गांव में नहीं पहुंची है।
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मौसम के बदलाव का असर दिखने लगा है। बदलते मौसम से मौसमी बीमारियां भी पनपने लगी है। जुनावई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गांवों में खसरा व चिकन पाक्स आदि का प्रकोप फैलने लगा है। क्षेत्र के गांव पतेई कास्त के मुनेश ने बताया कि दो दिन से उसकी पांच वर्षीय बेटी छाया के शरीर पर लाल लाल दाने और खांसी जुकाम हो रहा था, लेकिन मंगलवार की सुबह ही अचानक उसने दम तोड़ दिया। उसे खसरे से पीड़ित बताया जा रहा है।
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इसी बीमारी के चलते गांव के ही रामगोपाल का इकलौटा बेटा सात वर्षीय पंकज भी खसरे की चपेट में आकर बुधवार दोपहर को काल के गाल में समा गया।
जिसके चलते गांव में खसरे के प्रकोप से ग्रामीणों में डर बैठ गया है। गांव के लोगों ने बताया कि अभी तक स्वास्थ्य विभाग की टीम हमारे गांव में नहीं पहुंची है।
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