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सिरातुल की जिंदगी में बदलेंगे हालात, झोपड़ी हटेगी बनेगा पक्का मकान
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संभल। लंबे संघर्ष के बाद संभल जिले के नरेटा मोहम्मदपुर गांव निवासी सिरातुल को आखिरकार 70 लाख रुपये मिल गए हैं। सिरातुल ने मंगलवार को बताया कि वह अभी बैंक नहीं गई है लेकिन जैसे ही उसके हाथ में रुपये आएंगे वह अपने बच्चों को ठीक से पढ़ाएगी। उनकी परवरिश अच्छे तरीके से करेगी। झोपड़ी के स्थान पर अपना पक्का घर भी बनाएगी। साथ ही उन लोगों के कर्ज चुकाएगी जिनसे उसने पति की मौत के बाद आर्थिक मदद ली थी।
सिरातुल के पति की हत्या सऊदी अरब में अक्टूबर 2014 में हो गई थी। सिरातुल ने सऊदी अरब के अधिवक्ता के जरिए अदालत में केस लड़ा और इसमें उसे आरोपी पक्ष ने अदालत के जरिए हुए समझौते में मदद की राशि दी वह जो 69,72,112 रुपये थी।
यह धनराशि 8 दिसंबर 2018 को सऊदी अरब दूतावास के जरिए जिलाधिकारी संभल के पास चेक के जरिए आ गई। लेकिन चेक की राशि सत्यापन में फंस गई। इस राशि को पाने के लिए सिरातुल को भागदौड़ करनी पड़ी। बमुश्किल 27 मई को पंजाब नेशनल बैंक बहजोई से यह धनराशि उसके खाते में भेजी गई है।
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सिरातुल ने मंगलवार की दोपहर बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि वह अभी बैंक नहीं गई है लेकिन उसे पता लगा है कि धनराशि उसके खाते में भेजी गई है। वह तबीयत ठीक होने पर बैंक खाता देखने जाएगी।
धनराशि मिलने पर वह अपने बच्चों को पढ़ाएगी। कर्ज चुकाएगी। सिरातुल ने बताया कि जिन लोगों ने आर्थिक तंगी के वक्त उसे तिरस्कार दिया था। अब उनका व्यवहार भी बदलने की उम्मीद है। उसने बताया कि वह कितनी भी तंगी में रही हो पर उसके भाई ने उसका साथ कभी नहीं छोड़ा। अभी तबीयत खराब है तो भी उसके भाई का ही उसे सहयोग मिल रहा है।
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सिरातुल के पति की हत्या सऊदी अरब में अक्टूबर 2014 में हो गई थी। सिरातुल ने सऊदी अरब के अधिवक्ता के जरिए अदालत में केस लड़ा और इसमें उसे आरोपी पक्ष ने अदालत के जरिए हुए समझौते में मदद की राशि दी वह जो 69,72,112 रुपये थी।
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यह धनराशि 8 दिसंबर 2018 को सऊदी अरब दूतावास के जरिए जिलाधिकारी संभल के पास चेक के जरिए आ गई। लेकिन चेक की राशि सत्यापन में फंस गई। इस राशि को पाने के लिए सिरातुल को भागदौड़ करनी पड़ी। बमुश्किल 27 मई को पंजाब नेशनल बैंक बहजोई से यह धनराशि उसके खाते में भेजी गई है।
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सिरातुल ने मंगलवार की दोपहर बाद अमर उजाला से हुई बातचीत में बताया कि वह अभी बैंक नहीं गई है लेकिन उसे पता लगा है कि धनराशि उसके खाते में भेजी गई है। वह तबीयत ठीक होने पर बैंक खाता देखने जाएगी।
धनराशि मिलने पर वह अपने बच्चों को पढ़ाएगी। कर्ज चुकाएगी। सिरातुल ने बताया कि जिन लोगों ने आर्थिक तंगी के वक्त उसे तिरस्कार दिया था। अब उनका व्यवहार भी बदलने की उम्मीद है। उसने बताया कि वह कितनी भी तंगी में रही हो पर उसके भाई ने उसका साथ कभी नहीं छोड़ा। अभी तबीयत खराब है तो भी उसके भाई का ही उसे सहयोग मिल रहा है।