{"_id":"5af34b0e4f1c1b330a8b926b","slug":"12-crore-due-on-consumer","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्युत विभाग का 12 करोड़ का बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्युत विभाग का 12 करोड़ का बकाया
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Thu, 10 May 2018 12:55 AM IST
विज्ञापन
light shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी सरकार में संभल की बिजली व्यवस्था कुछ बदलाव हुआ, लेकिन उपभोक्ता अभी पुराने ढर्रे पर हैं। जी हां, यह हम नहीं कह रहे बल्कि विद्युत विभाग के आंकड़े ही बयां करते हैं। वर्तमान में उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग का 12 करोड़ बकाया है।
हालांकि मार्च के महीने में अभियान चलाकर वसूली की गई, लेकिन बकाये का आंकड़ा कम नहीं हो सका। इसे लेकर विभागीय अधिकारी भी चिंतित हैं।
सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल सहित अन्य शहरों को 24 घंटे बिजली देने का फैसला लिया। बिजली विभाग मुख्यमंत्री के आदेश को अमलीजामा पहनाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी परेशान हैं। क्योंकि, वे बकाया वसूल नहीं कर पा रहे हैं।
शहर में 31 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर उपभोक्ता बिजली विभाग के कर्जदार हैं। 5000 रुपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या काफी है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि एक लाख रुपये से ऊपर के 87 उपभोक्ताओं ने 3 करोड़ से ज्यादा की रकम दबा रखी है।
विज्ञापन
25 से 50 हजार रुपये के बकायेदारों की संख्या भी 400 से ज्यादा है। 10 से 25 हजार रुपये के उपभोक्ताओं की संख्या एक हजार से अधिक है। जबकि सबसे ज्यादा बकायेदार उपभोक्ता पांच हजार से 10 हजार रुपये तक हैं। डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी है।
इस हालात से वाकिफ स्थानीय अधिकारी जहां परेशान हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें पड़ गईं हैं। हालांकि अब विभाग फिर से ऐसे उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने का मन बना रहा है, जो बकाया जमा नहीं कर रहे। उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
हालांकि मार्च के महीने में अभियान चलाकर वसूली की गई, लेकिन बकाये का आंकड़ा कम नहीं हो सका। इसे लेकर विभागीय अधिकारी भी चिंतित हैं।
सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल सहित अन्य शहरों को 24 घंटे बिजली देने का फैसला लिया। बिजली विभाग मुख्यमंत्री के आदेश को अमलीजामा पहनाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी परेशान हैं। क्योंकि, वे बकाया वसूल नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन
शहर में 31 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। खास बात यह है कि ज्यादातर उपभोक्ता बिजली विभाग के कर्जदार हैं। 5000 रुपये तक के बकायेदार उपभोक्ताओं की संख्या काफी है। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि एक लाख रुपये से ऊपर के 87 उपभोक्ताओं ने 3 करोड़ से ज्यादा की रकम दबा रखी है।
विज्ञापन
25 से 50 हजार रुपये के बकायेदारों की संख्या भी 400 से ज्यादा है। 10 से 25 हजार रुपये के उपभोक्ताओं की संख्या एक हजार से अधिक है। जबकि सबसे ज्यादा बकायेदार उपभोक्ता पांच हजार से 10 हजार रुपये तक हैं। डेढ़ हजार से अधिक उपभोक्ताओं पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम फंसी है।
इस हालात से वाकिफ स्थानीय अधिकारी जहां परेशान हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के माथे पर भी चिंता की लकीरें पड़ गईं हैं। हालांकि अब विभाग फिर से ऐसे उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसने का मन बना रहा है, जो बकाया जमा नहीं कर रहे। उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।