{"_id":"5c3a4653bdec22738335d969","slug":"11547322963-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौ आश्रय स्थल के लिए काम शुरू, सीडीओ ने किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौ आश्रय स्थल के लिए काम शुरू, सीडीओ ने किया निरीक्षण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। आवारा घूमने वाले गोवंशीय पशुओं को आश्रय देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई गाइड लाइन के बाद अब जिले में अलग-अलग स्थानों पर अस्थाई गो आश्रय स्थलों का निर्माण हो रहा है। मुख्य विकास अधिकारी ने भी निर्माणाधीन गो आश्रय स्थल का निरीक्षण कर खंड विकास अधिकारियों को सक्रियता बरतने के निर्देश दिए हैं।
असमोली विकासखंड के गांव घंसूरपुर में बन रहे गो आश्रय स्थल पर पहुंचे जिले के मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी ने निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि बेसहारा गायों को संरक्षित करने के लिए सबसे पहले सरकारी जमीन पर एक चारदीवारी वाला स्थान तैयार किया जा रहा है। जिसमें सुरक्षा खाई, टीन शेड, चारे के लिए गोदाम, पानी के लिए हौज, तालाब, कंपाउंडर खाद के लिए गड्ढे और चारा खाने के लिए चरहई का निर्माण हो रहा है।
ग्राम पंचायत की ओर से सरकारी जमीन पर चरी की खेती होगी। जिसके चारे को गायों को खिलाया जाएगा। अस्थाई तौर पर बन रहे गो आश्रय स्थल महज तीन दिन के अंदर बनकर तैयार हो जाएंगे। जिनके निर्माण के लिए श्रम का कार्य मनरेगा के मजदूर करेंगे और सामग्री राज्य वित्त आयोग से ली जाएगी। सीडीओ ने असमोली क्षेत्र के शरीफपुर पवांसा के सिहावली गांव में बन रहे को आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। रविवार को गुन्नौर के बाघऊ और रजपुरा के न्यौरा-ब्यौरा में बन रहे को आश्रय स्थल का निरीक्षण होगा।
विज्ञापन
--------------------
बेसहारा गायों को आश्रय देने के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप हमने सबसे पहले प्रत्येक ब्लॉक में गायों की संख्या को जुटाया है। अब उसी हिसाब से ग्राम पंचायतों में अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निर्माण करा रहे हैं। जल्द से जल्द काम पूरा कराने के लिए मैं स्वयं निरीक्षण कर काम में तेजी लाने के निर्देश दे रहा हूं।- शंभुनाथ तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी, संभल।
विज्ञापन
असमोली विकासखंड के गांव घंसूरपुर में बन रहे गो आश्रय स्थल पर पहुंचे जिले के मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी ने निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि बेसहारा गायों को संरक्षित करने के लिए सबसे पहले सरकारी जमीन पर एक चारदीवारी वाला स्थान तैयार किया जा रहा है। जिसमें सुरक्षा खाई, टीन शेड, चारे के लिए गोदाम, पानी के लिए हौज, तालाब, कंपाउंडर खाद के लिए गड्ढे और चारा खाने के लिए चरहई का निर्माण हो रहा है।
विज्ञापन
ग्राम पंचायत की ओर से सरकारी जमीन पर चरी की खेती होगी। जिसके चारे को गायों को खिलाया जाएगा। अस्थाई तौर पर बन रहे गो आश्रय स्थल महज तीन दिन के अंदर बनकर तैयार हो जाएंगे। जिनके निर्माण के लिए श्रम का कार्य मनरेगा के मजदूर करेंगे और सामग्री राज्य वित्त आयोग से ली जाएगी। सीडीओ ने असमोली क्षेत्र के शरीफपुर पवांसा के सिहावली गांव में बन रहे को आश्रय स्थल का भी निरीक्षण किया। रविवार को गुन्नौर के बाघऊ और रजपुरा के न्यौरा-ब्यौरा में बन रहे को आश्रय स्थल का निरीक्षण होगा।
विज्ञापन
--------------------
बेसहारा गायों को आश्रय देने के लिए सरकार की मंशा के अनुरूप हमने सबसे पहले प्रत्येक ब्लॉक में गायों की संख्या को जुटाया है। अब उसी हिसाब से ग्राम पंचायतों में अस्थाई गौ आश्रय स्थल का निर्माण करा रहे हैं। जल्द से जल्द काम पूरा कराने के लिए मैं स्वयं निरीक्षण कर काम में तेजी लाने के निर्देश दे रहा हूं।- शंभुनाथ तिवारी, मुख्य विकास अधिकारी, संभल।