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चैत पूर्णिमा पर गंगा में स्नान कर कमाया पुण्य
Updated Sun, 01 Apr 2018 01:08 AM IST
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बबराला।
चैत पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पूजा अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान गंगा तट जयकारों से गूंज उठा।
राजघाट पर चैत पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार की सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था। दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ ने विकराल रुप ले लिया। वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। बबराला की भागीरथी मार्ग पर चल रहे कतार में श्रद्धालुओं के द्वारा जय गंगे मां के जयकारे भक्तिमय कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद धूप दीप आरती और मां गंगा की आराधना की। गंगा तट पर हवन पूजन करने के बाद मन्नत मांगी। गंगा तट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या शाम चार बजे बजे के बाद घटने लगी। दुपहिया वाहनों के अलावा निजी बसों के माध्यम से गंगा तक पहुंचे श्रद्धालुओं को जाम के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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चैत पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पूजा अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। इस दौरान गंगा तट जयकारों से गूंज उठा।
राजघाट पर चैत पूर्णिमा के अवसर पर शनिवार की सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था। दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ ने विकराल रुप ले लिया। वाहनों की लंबी-लंबी कतार लग गई। बबराला की भागीरथी मार्ग पर चल रहे कतार में श्रद्धालुओं के द्वारा जय गंगे मां के जयकारे भक्तिमय कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद धूप दीप आरती और मां गंगा की आराधना की। गंगा तट पर हवन पूजन करने के बाद मन्नत मांगी। गंगा तट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या शाम चार बजे बजे के बाद घटने लगी। दुपहिया वाहनों के अलावा निजी बसों के माध्यम से गंगा तक पहुंचे श्रद्धालुओं को जाम के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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