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घरों में रह कर ही होगी मां जगदंबा की अराधना

Tue, 24 Mar 2020 09:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2020 09:51 PM IST
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Worship mother by staying in homes
आचार्य रोहित वशिष्ठ - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। पहला नवरात्र आज से शुरू हो गया है। श्रद्धालु घरों में रह कर ही पूजा अर्चना करेंगे। इसकी तैयारियां लोगों ने पूरी कर ली हैं। हालांकि, पूजा सामग्री का सामान खरीदने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंदिरों में वहां के अधिष्ठाता ही ज्योत जलाएंगे, साथ ही सुबह-शाम मां की आराधना करेंगे।
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सुबह के समय थोड़ी देर के लिए प्रशासन की ओर से दी गई छूट से लोगों ने पूजन सामग्री खरीदी। शहर में मोरगंज बाजार, चौकी सराय, दालमंडी पुल, कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, हकीकतनगर, नुमाइश कैंप, चिलकाना रोड, गोविंदनगर आदि क्षेत्रों में पूजन सामग्री की दुकानें कुछ देर के लिए खोली गई।
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मंदिर के कपाट बंद
सहारनपुर। लॉकडाउन की वजह से महानगर के श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर, श्री दुर्गा मंदिर, श्री पातालेश्वर मंदिर, श्री वैष्णवी मातेश्वरी धाम, श्री हरि मंदिर, श्री तहसील शिव मंदिर, श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर, श्री बालाजी धाम, श्री साईंधाम, मां काली मंदिर सहित सभी मंदिरों के कपाट बंद हैं। मंदिरों में होने वाले कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
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बोले आचार्य, घर में रहकर ही करें पूजा-अर्चना
सहारनपुर। तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय और श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज ने श्रद्धालुओं से घरों में ही पूजा करने की अपील की है। ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ व पुरानी अनाज मंडी स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य पंडित प्रगीत कौशिक ने भी श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की अपील की।
ऐसे करें मां की आराधना
सहारनपुर। आचार्य रोहित वशिष्ठ और संजीव शास्त्री ने बताया कि कि पूरे वर्ष में चार बार नवरात्रि का आगमन होता है। नवरात्र मां जगदंबा की नौ रात्रियों से संबंधित है। मां का प्रथम रूप देवी शैलपुत्री है। द्वितीय रूप देवी ब्रह्मचारिणी हैं, तीसरा देवी चंद्रघंटा है। चौथा देवी कुष्मांडा है। पांचवां देवी स्कंदमाता है। छठा देवी कात्यायनी है। सातवां देवी कालरात्रि है। आठवां देवी महागौरी है और नौवां देवी सिद्धिदात्री माता है। नौ दिनों में भगवती के नौ रूपों की पूजा कर भक्त अपने जीवन में सुख शांति एवं आनंद की प्राप्ति करते हैं।
विधिपूर्वक पूजा करने से मिलेगा मनवांछित फल
सहारनपुर। आचार्य रोहित वशिष्ठ के मुताबिक सर्वप्रथम पूजा के लिए स्थान का चयन करें। वह स्थान पवित्र होना चाहिए। पूर्व दिशा पूजा के लिए शुभ माना जाता है। भगवती की पूजा में उपयोग की जाने वाली सामग्री का संग्रह सावधानीपूर्वक करना चाहिए। शुभ स्थान और सच्चे भाव से पवित्र वस्तुओं विधिपूर्वक की गई पूजा मनोवांछित फल प्रदान करती है। सबसे पहले पूजा की सामग्री अपने सम्मुख रखकर पूजा घर में पूरब और उत्तर के कोने में रेत या मिट्टी में जौ बोएं और फिर उसके ऊपर जल से भरा हुआ कलश रखें। कलश में एक सुपारी, दो लौंग, दो इलायची, दूर्वा, एक जायफल, एक पान का पत्ता, एक आम की टहनी, हल्दी, रोली व गंगाजल डालें। आम के पत्ते कलश के ऊपर रखे। पत्तों की संख्या पांच, सात, नौ या 11 होनी चाहियें। एक पात्र में चावल भरकर कलश के ऊपर रखें। नारियल के ऊपर लाल चुनरी लपेटकर उसमें कुछ दक्षिणा रखे। नारियल कलश के ऊपर इस प्रकार रखे कि नुकीला भाग पूरब की ओर हो। भगवती की पूजा करने से पहले गणेश जी की पूजा, नवग्रह की पूजा, कलश की पूजा एवं ज्योति की पूजा करनी आवश्यक है। इसके बाद ही मां जगदंबा की पूजा की जाती है। एक पुष्प श्री गणेश जी को अर्पण कर गणेश जी को नमस्कार करें। एक पुष्प नवग्रह का ध्यान करते हुए अर्पण करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उसके ऊपर मां भगवती की मूर्ति या फोटो इस प्रकार स्थापित करें कि भगवती का मुख पश्चिम की ओर हो। मां को एक चुनरी अर्पण करें। यदि संभव हो नौ दिन के लिए अखंड ज्योत रखें। घर में मां जगदंबा की ज्योति स्थापन करने के बाद घर को खाली नहीं छोड़ें। घर में किसी ना किसी व्यक्ति का होना आवश्यक है। यदि ऐसा संभव नहीं है तो अखंड ज्योत न जलाकर केवल पूजा के समय ही ज्योत जलाएं।
इन मंत्रों का करें जाप, संकट से मिलेगी मुक्ति
सहारनपुर। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक प्रार्थना करते समय या देवी सर्वभूतेषु, मातृरुपेण संस्थिता:। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:। यदि संभव हो तो मां के सम्मुख बैठकर के 108 बार मां के प्रिय मंत्र ओम ऐम् ह्री क्लीं चामुण्डायै विच्चै या जयंती मंगला काली, भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवाधात्री, स्वाहा स्वधा नमोस्तुते का जाप करें। शाम के समय उपले को जलाकर लोबान गुग्गल, जटामासी व कपूर को डालकर इस धूनी को अपने घर में दे, ऐसा करने से घर की शुद्धि होगी और कोरोना वायरस के संक्रमण से भी निजात मिलेगी।

कल स्थापना का शुभ मुहूर्त
सहारनपुर। बुधवार को कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त प्रात: 6:19 से 9:22 तक, उसके पश्चात प्रात: 10:54 से 12:25 तक है। मध्याह्न में 12:26 से 01: 58 तक राहु काल रहेगा। अत: इस बीच कलश स्थापन न करें।

पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय

पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय- फोटो : SAHARANPUR

तोता चौक स्थित अपने आवास पर नवरात्र को लेकर मंदिर में तैयारी करती शलिनी दीक्षित

तोता चौक स्थित अपने आवास पर नवरात्र को लेकर मंदिर में तैयारी करती शलिनी दीक्षित- फोटो : SAHARANPUR

शिव विहार स्थित अपने आवास पर नवरात्र को लेकर मंदिर में तैयारी करती रेनू वर्मा व उनकी बेटी वंशिका

शिव विहार स्थित अपने आवास पर नवरात्र को लेकर मंदिर में तैयारी करती रेनू वर्मा व उनकी बेटी वंशिका- फोटो : SAHARANPUR

आवास-विकास में बंद पड़े श्री हरि मंदिर के कपाट।

आवास-विकास में बंद पड़े श्री हरि मंदिर के कपाट।- फोटो : SAHARANPUR

पुलिस लाइन के निकट बंद पड़े तहसील श्री शिव मंदिर के कपाट।

पुलिस लाइन के निकट बंद पड़े तहसील श्री शिव मंदिर के कपाट।- फोटो : SAHARANPUR

हकीकतनगर नगर में बंद पड़़े श्री मातेश्वरी धाम जगदंबा मंदिर के कपाट।

हकीकतनगर नगर में बंद पड़़े श्री मातेश्वरी धाम जगदंबा मंदिर के कपाट।- फोटो : SAHARANPUR

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