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प्रेम से ही विश्व कल्याण संभव
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:44 PM IST
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पंजाब के राज्यपाल को पुष्प गुच्छ भेंट करते अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनोर ने कहा कि प्रेम एक ऐसी अनुभूति है जिसमें व्यक्ति एक अदृश्य बंधन में बंध जाता है। प्रेम से ही समाज, देश और विश्व का कल्याण संभव है।
रविवार को स्वामी रामतीर्थ केंद्र में आयोजित विश्व प्रेम महोत्सव में बदनोर ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रेम की संस्कृति है जो संपूर्ण विश्व को एक परिवार में बांधने का प्रयास करती है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि खुदा का नूर न हिंदू होता है और न मुसलमान होता है। उन्होंने मीरा की भक्ति पर भी व्याख्यान दिया। साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यों के लिए रामतीर्थ केंद्र को पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया।
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देहरादून से आई डा. ममता सिंह ने संगीतमय प्रस्तुति दी। रामतीर्थ अध्यात्म अध्ययन मंडल द्वारा आयोजित 41वें वार्षिक समारोह में राज्यपाल बदनोर का स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन भी किया गया।
समारोह में आशीष राज, डा. पीडी गर्ग, गुरु अमरदास, रोशन आर्य, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, गय्यूर आलम एडवोकेट त्रिलोक चंद गुप्ता, अखिलेश मिश्र प्रभाकर, महेंद्र तनेजा, अखिलेश मित्तल, उमेश शर्मा, उषा व्यास आदि मौजूद रहे।
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रविवार को स्वामी रामतीर्थ केंद्र में आयोजित विश्व प्रेम महोत्सव में बदनोर ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रेम की संस्कृति है जो संपूर्ण विश्व को एक परिवार में बांधने का प्रयास करती है।
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हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि खुदा का नूर न हिंदू होता है और न मुसलमान होता है। उन्होंने मीरा की भक्ति पर भी व्याख्यान दिया। साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यों के लिए रामतीर्थ केंद्र को पांच लाख रुपये देने का ऐलान किया।
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देहरादून से आई डा. ममता सिंह ने संगीतमय प्रस्तुति दी। रामतीर्थ अध्यात्म अध्ययन मंडल द्वारा आयोजित 41वें वार्षिक समारोह में राज्यपाल बदनोर का स्मृति चिह्न देकर अभिनंदन भी किया गया।
समारोह में आशीष राज, डा. पीडी गर्ग, गुरु अमरदास, रोशन आर्य, पूर्व विधायक राजीव गुंबर, गय्यूर आलम एडवोकेट त्रिलोक चंद गुप्ता, अखिलेश मिश्र प्रभाकर, महेंद्र तनेजा, अखिलेश मित्तल, उमेश शर्मा, उषा व्यास आदि मौजूद रहे।