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Saharanpur News: विश्व मलेरिया दिवसः-चार साल में मलेरिया के 220 मरीज मिले
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- जिले में साल दर साल घट रहे मलेरिया के केस
- 2025 तक जिले को मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मलेरिया नियंत्रण और इसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। जिले में यह अच्छी बात है कि साल दर साल मलेरिया के केस घट रहे हैं। वर्ष 2019 से अब तक मलेरिया के 220 मामले सामने आए हैं। साल 2025 तक जिले को मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोत को नष्ट करने के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर हो रही है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आशाएं घर-घर जा रही।
चिकित्सकों का कहना है कि मलेरिया के मच्छरों के लिए बारिश का मौसम मुफीद है। जुलाई व अगस्त में मच्छर तेजी से पनपते हैं। मलेरिया के केस भी इसी महीने में अधिक सामने आते हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि पिछले साल 2022 में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया था।
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कीट विशेषज्ञ का नहीं है पद
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि जिले में कीट विशेषज्ञ का कोई पद ही नहीं है। पांच पद मलेरिया निरीक्षक, एक सीनियर मलेरिया निरीक्षक का पद है, जो भरे हुए हैं। स्लाइडें की जांच के लिए हर ब्लॉक में लैब टेक्नीनिशन नियुक्त हैं। हालांकि जिले में सहायक मलेरिया अधिकारी का एक पद है, जिस पर अभी कोई नियुक्त नहीं है। अगर बात करें फील्ड वर्कर की तो आशाएं घर-घर जाती है। उन्हें एक स्लाइड बनाने पर 10 रुपये मिलते हैं।
46 गांव व 19 कालोनियां संवेदनशील
मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में मलेरिया को लेकर 46 गांव और 19 कालोनियां संवेदनशील की श्रेणी में हैं। इन पर विभाग की विशेष नजर हैं। कालोनियों में शहर के अलावा कस्बों की भी शामिल हैं। टीमें समय-समय पर इन गांव व कालोनियों में जाती हैं।
किस वर्ष मलेरिया की कितनी हुई जांच
वर्ष कुल जांच मिले पॉजिटिव
2019 2,48,220 198
2020 77,147 13
2021 2,48,778 09
2022 2,36,374 00
2023 42,546 00
(नोटः- 2023 के आंकड़े जनवरी से मार्च तक के हैं, जो मलेरिया विभाग ने जारी किए।)
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- 2025 तक जिले को मलेरिया मुक्त करने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। मलेरिया नियंत्रण और इसके प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। जिले में यह अच्छी बात है कि साल दर साल मलेरिया के केस घट रहे हैं। वर्ष 2019 से अब तक मलेरिया के 220 मामले सामने आए हैं। साल 2025 तक जिले को मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाकर मच्छर पनपने वाले स्रोत को नष्ट करने के साथ ही एंटी लार्वा का छिड़काव व फॉगिंग कराई जाती है। समय से मलेरिया की जांच कर संबंधित मरीज को तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए अब लोगों की जांच उनके घर पर हो रही है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आशाएं घर-घर जा रही।
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चिकित्सकों का कहना है कि मलेरिया के मच्छरों के लिए बारिश का मौसम मुफीद है। जुलाई व अगस्त में मच्छर तेजी से पनपते हैं। मलेरिया के केस भी इसी महीने में अधिक सामने आते हैं। लेकिन राहत की बात यह है कि पिछले साल 2022 में मलेरिया का एक भी मामला सामने नहीं आया था।
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कीट विशेषज्ञ का नहीं है पद
जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ ने बताया कि जिले में कीट विशेषज्ञ का कोई पद ही नहीं है। पांच पद मलेरिया निरीक्षक, एक सीनियर मलेरिया निरीक्षक का पद है, जो भरे हुए हैं। स्लाइडें की जांच के लिए हर ब्लॉक में लैब टेक्नीनिशन नियुक्त हैं। हालांकि जिले में सहायक मलेरिया अधिकारी का एक पद है, जिस पर अभी कोई नियुक्त नहीं है। अगर बात करें फील्ड वर्कर की तो आशाएं घर-घर जाती है। उन्हें एक स्लाइड बनाने पर 10 रुपये मिलते हैं।
46 गांव व 19 कालोनियां संवेदनशील
मलेरिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में मलेरिया को लेकर 46 गांव और 19 कालोनियां संवेदनशील की श्रेणी में हैं। इन पर विभाग की विशेष नजर हैं। कालोनियों में शहर के अलावा कस्बों की भी शामिल हैं। टीमें समय-समय पर इन गांव व कालोनियों में जाती हैं।
किस वर्ष मलेरिया की कितनी हुई जांच
वर्ष कुल जांच मिले पॉजिटिव
2019 2,48,220 198
2020 77,147 13
2021 2,48,778 09
2022 2,36,374 00
2023 42,546 00
(नोटः- 2023 के आंकड़े जनवरी से मार्च तक के हैं, जो मलेरिया विभाग ने जारी किए।)