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Saharanpur News: दूसरी शादी के बाद नहीं हुआ बच्चा, इसलिए महिला ने चोरी किया था नवजात, गिरफ्तार
Fri, 25 Sep 2026 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 25 Sep 2026 02:24 AM IST
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सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल से नवजात चोरी मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही नवजात की परिजनों से पहचान कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया। जांच में सामने आया कि दूसरी शादी करने के बाद महिला को बच्चा नहीं हो रहा था। इसलिए उसने नवजात को चोरी किया था। हालांकि महिला को पहली शादी से तीन बच्चे हैं, जिसमें दो की शादी हो चुकी है। पुलिस ने करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, तब आरोपी महिला तक पहुंची।
पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 20 सितंबर को देहात कोतवाली के गांव शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम ने पत्नी शबाना महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी रात शबाना को बेटा हुआ था। 21 सितंबर नाजिम अपने बेटे को टीका लगवाने के लिए ऑपरेशन थिएटर के पास पहुंचा था, जहां खुद को अस्पताल की स्टाफ बताते हुए महिला ने उससे नवजात को ले लिया था। उसे टीके का कार्ड लेने के लिए भेज दिया था। तभी महिला नवाज को लेकर वहां से निकल गई थी।
महिला को खोजने के लिए थाना जनकपुरी पुलिस और एसओजी की छह टीमें लगी हुई थीं। बुधवार रात टीम ने देहरादून हाईवे पर बड़कला मोड़ के पास से आरोपी महिला आशु निवासी बहादराबाद को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नवजात भी सुरक्षित मिला। इसके बाद पुलिस टीम नवजात को लेकर महिला अस्पताल पहुंची और नवजात की परिजनों से पहचान कराई और सुपुर्द कर दिया।
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पूछताछ में आया कि मूलरूप से तीतरों निवासी आशु की शादी फतेहपुर थाना क्षेत्र में मुजफ्फराबाद निवासी सोनू से करीब 23 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अविवाहित है। पांच साल पहले पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने भगवानपुर स्थित एक निजी कंपनी में 14,700 रुपये की नौकरी की। इसी दौरान उसकी मुलाकात अंकुर निवासी बहादराबाद से हुई और दोनों ने शादी कर ली, लेकिन कोई बच्चा नहीं हुआ। अंकुर ने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी। परेशान होकर आशु ने महिला अस्पताल से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई।
-- महिला अस्पताल में कई दिनों तक की रेकी
आरोपी ने बच्चा चोरी करने के लिए महिला अस्पताल में कई दिनों तक रेकी की। वहां की गतिविधियां देखी। इसके बाद ही उसने स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस ली। अस्पताल में खुद को स्टाफ का बताया। बच्चा चोरी करने के बाद महिला ने बस, टेंपो, बाइक, ई-रिक्शा और कई वाहन बदले, जिससे पकड़ी न जाए।
ऐसी पहुंची पुलिस
आरोपी महिला सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हुई। अस्पताल से बाहर आने पर महिला ई-रिक्शा से घंटाघर पहुंची। यहां से बस में सवार होकर छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर पहुंची। यहां पर बाइक सवार से लिफ्ट ली और इमलीखेड़ा तक गई। इसके बाद टेंपो में बैठकर धनौरी पहुंची। यहां से वह बस में बैठती दिखाई दी। इसके बाद एक टीम को हरिद्वार जिले के बहादराबाद भेजा गया। वहां पर एक अस्पताल के बाहर नवजात के साथ महिला सीसीटीवी में नजर आई। करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले गए।
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नवजात के लिए कपड़े और दूध की बोतल खरीदी
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने नवजात के लिए कपड़े और दूध की बोतल खरीदी। प्राइवेट अस्पताल में नवजात को दिखाया। इस बीच महिला ने फोन का इस्तेमाल नहीं किया। वह अपना मोबाइल घर पर ही रखकर आई थी। वहीं, स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस को भी बाद में जला दिया था।
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-- परिवार के ग्रुप में लिखा-बेटा हुआ है, घर सजाया, खुशी मनाई
आरोपी आशु नवजात को चोरी करने के बाद बहादराबाद पहुंची। वहां पर अपने मोबाइल पर परिवार के ग्रुप में बेटा होने की बात कही। इसके लिए घर सजाया और खुशी मनाई। पड़ोसियों को बताया था कि बेटा हुआ है। इससे पहले तक वह अपने रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों को भ्रमित करती रही कि वह मां बनने वाली है।
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पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 20 सितंबर को देहात कोतवाली के गांव शेखपुरा कदीम निवासी नाजिम ने पत्नी शबाना महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसी रात शबाना को बेटा हुआ था। 21 सितंबर नाजिम अपने बेटे को टीका लगवाने के लिए ऑपरेशन थिएटर के पास पहुंचा था, जहां खुद को अस्पताल की स्टाफ बताते हुए महिला ने उससे नवजात को ले लिया था। उसे टीके का कार्ड लेने के लिए भेज दिया था। तभी महिला नवाज को लेकर वहां से निकल गई थी।
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महिला को खोजने के लिए थाना जनकपुरी पुलिस और एसओजी की छह टीमें लगी हुई थीं। बुधवार रात टीम ने देहरादून हाईवे पर बड़कला मोड़ के पास से आरोपी महिला आशु निवासी बहादराबाद को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नवजात भी सुरक्षित मिला। इसके बाद पुलिस टीम नवजात को लेकर महिला अस्पताल पहुंची और नवजात की परिजनों से पहचान कराई और सुपुर्द कर दिया।
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पूछताछ में आया कि मूलरूप से तीतरों निवासी आशु की शादी फतेहपुर थाना क्षेत्र में मुजफ्फराबाद निवासी सोनू से करीब 23 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। इनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अविवाहित है। पांच साल पहले पति ने उसे साथ रखने से मना कर दिया था। इसके बाद उसने भगवानपुर स्थित एक निजी कंपनी में 14,700 रुपये की नौकरी की। इसी दौरान उसकी मुलाकात अंकुर निवासी बहादराबाद से हुई और दोनों ने शादी कर ली, लेकिन कोई बच्चा नहीं हुआ। अंकुर ने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी। परेशान होकर आशु ने महिला अस्पताल से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई।
आरोपी ने बच्चा चोरी करने के लिए महिला अस्पताल में कई दिनों तक रेकी की। वहां की गतिविधियां देखी। इसके बाद ही उसने स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस ली। अस्पताल में खुद को स्टाफ का बताया। बच्चा चोरी करने के बाद महिला ने बस, टेंपो, बाइक, ई-रिक्शा और कई वाहन बदले, जिससे पकड़ी न जाए।
ऐसी पहुंची पुलिस
आरोपी महिला सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी में कैद हुई। अस्पताल से बाहर आने पर महिला ई-रिक्शा से घंटाघर पहुंची। यहां से बस में सवार होकर छुटमलपुर होते हुए भगवानपुर पहुंची। यहां पर बाइक सवार से लिफ्ट ली और इमलीखेड़ा तक गई। इसके बाद टेंपो में बैठकर धनौरी पहुंची। यहां से वह बस में बैठती दिखाई दी। इसके बाद एक टीम को हरिद्वार जिले के बहादराबाद भेजा गया। वहां पर एक अस्पताल के बाहर नवजात के साथ महिला सीसीटीवी में नजर आई। करीब 500 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले गए।
नवजात के लिए कपड़े और दूध की बोतल खरीदी
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने नवजात के लिए कपड़े और दूध की बोतल खरीदी। प्राइवेट अस्पताल में नवजात को दिखाया। इस बीच महिला ने फोन का इस्तेमाल नहीं किया। वह अपना मोबाइल घर पर ही रखकर आई थी। वहीं, स्टाफ से मिलती-जुलती ड्रेस को भी बाद में जला दिया था।
आरोपी आशु नवजात को चोरी करने के बाद बहादराबाद पहुंची। वहां पर अपने मोबाइल पर परिवार के ग्रुप में बेटा होने की बात कही। इसके लिए घर सजाया और खुशी मनाई। पड़ोसियों को बताया था कि बेटा हुआ है। इससे पहले तक वह अपने रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोगों को भ्रमित करती रही कि वह मां बनने वाली है।