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समायोजन रद होने से शिक्षामित्र सड़क पर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:46 AM IST
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कलक्ट्रेट तिराहे पर मानव शृंखला बना कर जाम लगाते शिक्षामित्र
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समयोजन रद्द किए जाने से हताश शिक्षामित्रों ने शहर में जुलूस निकाला, नारेबाजी की और घंटाघर तथा कलक्ट्रेट चौराहे पर जाम लगाया। शिक्षामित्रों ने राज्य सरकार से सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की।
बुधवार को शिक्षामित्र शहर के गांधी पार्क में एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा मित्र गांधी पार्क से जुलूस के रूप में घंटाघर पहुंचे और मानव श्रंखला बनाते हुए चौराहे पर जाम लगा दिया।
घंटाघर पर पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए शिक्षा मित्रों को हटाने का प्रयास किया। जिस पर शिक्षा मित्रों एवं पुलिस की जमकर नोकझोंक हुई। उसके बाद शिक्षा मित्र जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तिराहा पहुंचे और यहां भी जाम लगा दिया।
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उसके बाद शिक्षा मित्रों ने एसडीएम को मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त कर दिए जाने से एक लाख सत्तर हजार शिक्षामित्र व उनके परिवार पर रोजी-रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। समायोजन रद होने से कई शिक्षामित्रों का पारिवारिक जीवन प्रभावित हो जाएगा।
इस फैसले से प्राथमिक शिक्षा पर भी गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। शिक्षामित्रों ने मांग की कि राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका शीघ्र दाखिल कराया जाए तथा राज्य सरकार समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के बारे में निर्णय ले।
ज्ञापन देने वालों में अंजू कश्यप, नौशाद, संजय शर्मा, शराफ्त अली, संजीव कुमार शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संयुक्त सचिव मंसूर अहमद ने कहा कि राज्य सरकार को शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लेने की आवश्यकता है तथा सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए।
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बुधवार को शिक्षामित्र शहर के गांधी पार्क में एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिक्षा मित्र गांधी पार्क से जुलूस के रूप में घंटाघर पहुंचे और मानव श्रंखला बनाते हुए चौराहे पर जाम लगा दिया।
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घंटाघर पर पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए शिक्षा मित्रों को हटाने का प्रयास किया। जिस पर शिक्षा मित्रों एवं पुलिस की जमकर नोकझोंक हुई। उसके बाद शिक्षा मित्र जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट तिराहा पहुंचे और यहां भी जाम लगा दिया।
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उसके बाद शिक्षा मित्रों ने एसडीएम को मांगों के संबंध में ज्ञापन सौंपा। शिक्षामित्रों ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा मित्रों का समायोजन निरस्त कर दिए जाने से एक लाख सत्तर हजार शिक्षामित्र व उनके परिवार पर रोजी-रोटी का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। समायोजन रद होने से कई शिक्षामित्रों का पारिवारिक जीवन प्रभावित हो जाएगा।
इस फैसले से प्राथमिक शिक्षा पर भी गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। शिक्षामित्रों ने मांग की कि राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका शीघ्र दाखिल कराया जाए तथा राज्य सरकार समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के बारे में निर्णय ले।
ज्ञापन देने वालों में अंजू कश्यप, नौशाद, संजय शर्मा, शराफ्त अली, संजीव कुमार शामिल रहे। उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संयुक्त सचिव मंसूर अहमद ने कहा कि राज्य सरकार को शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए उचित निर्णय लेने की आवश्यकता है तथा सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए।