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Saharanpur News: घर में गाड़ी, एसी, फिर भी ले रहे राशन, 7,853 राशन कार्ड कटे
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- अप्रैल से लेकर जुलाई तक पूर्ति विभाग ने कराई राशन कार्डों की जांच
- पूर्ति विभाग में हैं करीब 5.80 लाख राशन कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू की गई राशन योजना में जनपद में हजारों अपात्र भी चोरी से पात्र बन गए। घर में गाड़ी, एसी अन्य सुविधाएं होने के बाद भी सात हजार से अधिक लोग राशन के लिए सरकार पर निर्भर हो गए। पूर्ति विभाग ने जांच के बाद इन सभी के राशनकार्ड काट दिए हैं।
निशुल्क खाद्यान्न वितरण के तहत सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड धारक और पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारकों को हर माह राशन दिया जाता है। नियमानुसार शहरी क्षेत्र में 65 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 80 फीसदी लोगों के राशन कार्ड बनाए जा सकते हैं। जिले में लक्ष्य पूरा होने के बाद भी पूर्ति विभाग में लगातार लोग नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए पहुंचते रहे। इसके बाद पूर्ति विभाग ने अप्रैल में जांच शुरू की। गांव से लेकर शहर में मोहल्ला स्तर पर टीमों को गठित कर राशनकार्डों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
महानगर से लेकर नगर निकाय क्षेत्र में अपात्र भी राशन ले रहे थे। सत्यापन के बाद 7,853 लोगों के कार्ड काटे गए हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल रहे, जिनके पास गाड़ी से लेकर एसी समेत अन्य सुविधाएं हैं। राशन कार्ड के निरस्त होने के बाद से जिले में नए लोगों के राशनकार्ड भी बनाए गए हैं। विभाग ने जांच पड़ताल के बाद नए 9211 राशन कार्ड बनाए हैं। जिलेभर में करीब 5.80 लाख राशनकार्ड धारक है। इनमें 24 लाख से अधिक यूनिट दर्ज है। 1234 कोटेदारों द्वारा हर माह खाद्यान्न का वितरण किया जाता है।
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- यह है अपात्रता की शर्तें
शहरी क्षेत्र में ऐसे लोग जो आयकर दाता है। वह राशनकार्ड के लिए अपात्र है। इसके साथ ही जिनके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन, एसी, पांच केवी या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो। ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक व्यावसायिक स्थान हो। जिनके पास एक या एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हो। ऐसे परिवार जिनके सदस्यों की आय तीन लाख रुपये से अधिक हो। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आयकर दाता पात्रता की श्रेणी से बाहर हैं। साथ ही ऐसे परिवार जिसके किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी आदि है। किसी सदस्य या अन्य सदस्य के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक संचित भूमि हो, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस।
- वर्जन
विभाग ने अपात्र राशनकार्ड धारकों की जांच कर उन्हें निरस्त किया है। इसी दौरान नौ हजार से अधिक पात्रों के राशनकार्ड भी बनाए गए हैं। - नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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- पूर्ति विभाग में हैं करीब 5.80 लाख राशन कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। गरीबों और जरूरतमंद लोगों के लिए शुरू की गई राशन योजना में जनपद में हजारों अपात्र भी चोरी से पात्र बन गए। घर में गाड़ी, एसी अन्य सुविधाएं होने के बाद भी सात हजार से अधिक लोग राशन के लिए सरकार पर निर्भर हो गए। पूर्ति विभाग ने जांच के बाद इन सभी के राशनकार्ड काट दिए हैं।
निशुल्क खाद्यान्न वितरण के तहत सरकार द्वारा अंत्योदय कार्ड धारक और पात्र गृहस्थी राशनकार्ड धारकों को हर माह राशन दिया जाता है। नियमानुसार शहरी क्षेत्र में 65 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 80 फीसदी लोगों के राशन कार्ड बनाए जा सकते हैं। जिले में लक्ष्य पूरा होने के बाद भी पूर्ति विभाग में लगातार लोग नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए पहुंचते रहे। इसके बाद पूर्ति विभाग ने अप्रैल में जांच शुरू की। गांव से लेकर शहर में मोहल्ला स्तर पर टीमों को गठित कर राशनकार्डों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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महानगर से लेकर नगर निकाय क्षेत्र में अपात्र भी राशन ले रहे थे। सत्यापन के बाद 7,853 लोगों के कार्ड काटे गए हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल रहे, जिनके पास गाड़ी से लेकर एसी समेत अन्य सुविधाएं हैं। राशन कार्ड के निरस्त होने के बाद से जिले में नए लोगों के राशनकार्ड भी बनाए गए हैं। विभाग ने जांच पड़ताल के बाद नए 9211 राशन कार्ड बनाए हैं। जिलेभर में करीब 5.80 लाख राशनकार्ड धारक है। इनमें 24 लाख से अधिक यूनिट दर्ज है। 1234 कोटेदारों द्वारा हर माह खाद्यान्न का वितरण किया जाता है।
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- यह है अपात्रता की शर्तें
शहरी क्षेत्र में ऐसे लोग जो आयकर दाता है। वह राशनकार्ड के लिए अपात्र है। इसके साथ ही जिनके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन, एसी, पांच केवी या उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो। ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 80 वर्ग मीटर या उससे अधिक व्यावसायिक स्थान हो। जिनके पास एक या एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हो। ऐसे परिवार जिनके सदस्यों की आय तीन लाख रुपये से अधिक हो। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आयकर दाता पात्रता की श्रेणी से बाहर हैं। साथ ही ऐसे परिवार जिसके किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी आदि है। किसी सदस्य या अन्य सदस्य के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक संचित भूमि हो, एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस।
- वर्जन
विभाग ने अपात्र राशनकार्ड धारकों की जांच कर उन्हें निरस्त किया है। इसी दौरान नौ हजार से अधिक पात्रों के राशनकार्ड भी बनाए गए हैं। - नीरज सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी