{"_id":"60d61a958ebc3e32ba173730","slug":"will-build-a-wedding-ceremony-for-the-villagers-on-their-land-saharanpur-news-mrt544471871","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी जमीन पर बनवाएंगी ग्रामीणों के लिए बरातघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी जमीन पर बनवाएंगी ग्रामीणों के लिए बरातघर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवबंद (सहारनपुर)। ग्राम पंचायत गंगदासपुर जट में सिमरन ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई हैं। उनका कहना है कि गांव में बरात घर का निर्माण कराने के साथ-साथ पानी निकासी की व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और इंटर कॉलेज की स्थापना करवाना उनकी प्राथमिकता है।
तल्हेडी बुजुर्ग से लगभग चार किलोमीटर दूर बसे गंगदासपुर जट की ग्राम प्रधान सिमरन ने बताया कि गांव में बरात घर नहीं है। इसके लिए यदि उन्हें अपनी जमीन भी दान करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगी, लेकिन बरातघर का निर्माण कराकर रहेंगी। गांव में पानी की निकासी नहीं होने से सड़कों व गलियों में पानी भरा रहता है। उसके लिए नाले का निर्माण करवाना है। जिससे गांव का पानी नाले के माध्यम से नदी में जा सके। गांव में 15 से ज्यादा का हैंडपंपों का पानी दूषित हो चुका है जो पीने लायक नहीं रहा। इसलिए गांव में टंकी का निर्माण भी कराया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया हो सके। गंगदासपुर जट में सिर्फ पांचवीं तक स्कूल है, इससे आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को चार किमी दूर तलहेड़ी बुजुर्ग जाना पड़ता है। इसलिए गांव में इंटर कॉलेज की स्थापना करवाने का प्रयास रहेगा। टूटी सड़कों की मरम्मत व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रधान का प्रोफाइल
ग्राम प्रधान सिमरन बीए पास है।
सिमरन के पति तरुण चौधरी खेती करते हैं।
पानी की निकासी न होने से गांव में होता है जलभराव
करीब पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत गंगदासपुर जट के ग्रामीणों की प्रमुख समस्या गंदे पानी की निकासी न होना है। क्योंकि गांव में नाला तो बना है, लेकिन उसकी लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। दूसरे वह टूटा पड़ा है। इस कारण बरसात में गांव में जलभराव होने पर ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कुछ नहीं है। ग्रामीणों को इलाज के लिए तलहेड़ी बुजुर्ग आना पड़ता है। हालांकि प्रधान का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना करवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तल्हेडी बुजुर्ग से लगभग चार किलोमीटर दूर बसे गंगदासपुर जट की ग्राम प्रधान सिमरन ने बताया कि गांव में बरात घर नहीं है। इसके लिए यदि उन्हें अपनी जमीन भी दान करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगी, लेकिन बरातघर का निर्माण कराकर रहेंगी। गांव में पानी की निकासी नहीं होने से सड़कों व गलियों में पानी भरा रहता है। उसके लिए नाले का निर्माण करवाना है। जिससे गांव का पानी नाले के माध्यम से नदी में जा सके। गांव में 15 से ज्यादा का हैंडपंपों का पानी दूषित हो चुका है जो पीने लायक नहीं रहा। इसलिए गांव में टंकी का निर्माण भी कराया जाएगा। ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया हो सके। गंगदासपुर जट में सिर्फ पांचवीं तक स्कूल है, इससे आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को चार किमी दूर तलहेड़ी बुजुर्ग जाना पड़ता है। इसलिए गांव में इंटर कॉलेज की स्थापना करवाने का प्रयास रहेगा। टूटी सड़कों की मरम्मत व साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
विज्ञापन
प्रधान का प्रोफाइल
ग्राम प्रधान सिमरन बीए पास है।
सिमरन के पति तरुण चौधरी खेती करते हैं।
पानी की निकासी न होने से गांव में होता है जलभराव
करीब पांच हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत गंगदासपुर जट के ग्रामीणों की प्रमुख समस्या गंदे पानी की निकासी न होना है। क्योंकि गांव में नाला तो बना है, लेकिन उसकी लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। दूसरे वह टूटा पड़ा है। इस कारण बरसात में गांव में जलभराव होने पर ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कुछ नहीं है। ग्रामीणों को इलाज के लिए तलहेड़ी बुजुर्ग आना पड़ता है। हालांकि प्रधान का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना करवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन