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Saharanpur News: 7400 मरीजों की जान से खिलवाड़ का जिम्मेदार कौन, जांच शुरू

Sun, 23 Jun 2024 03:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 23 Jun 2024 03:34 AM IST
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Who is responsible for playing with the lives of 7400 patients, investigation started
सहारनपुर। जनपदीय ड्रग वेयर हाउस से लिए गए सैंपल को लेकर बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि जो एंटीबायोटिक इंजेक्शन फेल हुआ है उसकी 7400 डोज मरीजों को भी लगा दी गई। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि इन मरीजों को कुछ होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। वहीं, सैंपल फेल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। जांच शुरू कर दी गई है कि किस अस्पताल में कितने इंजेक्शन गए हैं। इन इंजेक्शनों की खेप ड्रग वेयर हाउस में काॅरपोरेशन की ओर से भेजी गई थी।
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जनपदीय ड्रग वेयर हाउस से दवाओं की सप्लाई राजकीय मेडिकल कॉलेज, एसबीडी जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होती है। मांग के अनुसार, ड्रग वेयर हाउस से सरकारी अस्पतालों को दवा भेजी जाती है, ताकि मरीजों को समय पर दवा मिल सके। ड्रग काॅरपोरेशन की ओर से वेयर हाउस में 22,800 खांसी के सिरप और 8700 एंटीबायोटिक इंजेक्शन भेजे गए थे। अप्रैल माह में औषधि निरीक्षक ने जिन दवाओं के ड्रग वेयर हाउस से सैंपल लिए थे, उनमें से एंटीबायोटिक इंजेक्शन और खांसी सिरप फेल मिला है। हैरत की बात यह है कि ड्रग वेयर हाउस प्रबंधन ने सैंपलों की रिपोर्ट आने का इंतजार नहीं किया और 7400 एंटीबायोटिक इंजेक्शन की सप्लाई सरकारी अस्पतालों में कर दी। इंजेक्शन मरीजों को लगाए जा चुके हैं। अब वेयर हाउस के स्टॉक में 1300 इंजेक्शन बचे हैं। इनके अलावा 22,800 खांसी सिरप को भी सरकारी अस्पतालों में नहीं भेजा गया। जिनकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। किस अस्पताल को कितने इंजेक्शनों का वितरण हुआ। इसकी जांच शुरू हो गई है।
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-- असर नहीं करेंगी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. कलीम अहमद का कहना है कि जांच में फेल निकली दवाई काम नहीं करेगी। इससे मरीज को लाभ नहीं मिलता। हालांकि मरीज के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है।
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-- वर्जन
जनपदीय ड्रग वेयर हाउस को काॅरपोरेशन से ही दवाओं की सप्लाई होती है। फेल हुई दवा की सप्लाई पर रोक लगाई जाएगी। इसके लिए पत्र भी लिखेंगे, ताकि मरीजों को दवाओं का वितरण न हो सके।

डॉ. संजीव मांगलिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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