फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Whether the floor in the house is raw or concrete, whether there is a vehicle or not, tell the truth, do not give any document

Saharanpur News: घर में फर्श कच्चा या पक्का, वाहन है या नहीं.. बताएं सही, न दें कोई दस्तावेज

Mon, 01 Jun 2026 12:37 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2026 12:37 AM IST
विज्ञापन
Whether the floor in the house is raw or concrete, whether there is a vehicle or not, tell the truth, do not give any document
जनगणना के पहले चरण के दौरान जानकारी लेते प्रगणक। स्रोत विभाग
- प्रगणकों को सही जानकारी देने में आनाकानी कर रहे लोग
विज्ञापन

- जिले में अभी तक 30 फीसदी गणना का काम हुआ पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। घर में फर्श कच्चा है या पक्का। कितने वाहन हैं। रसोई एक है या दो। घर में कितने दंपती हैं। कितने लोगों के पास स्मार्ट फोन है। इस तरह के 33 प्रश्नों के सवाल प्रगणक मकानों की गणना के दौरान पूछ रहे हैं। प्रगणकों और सुपरवाइजरों के सामने परेशानी है कि आमजन सही जानकारी देने से झिझक रहे हैं।
जिले में 22 मई से जनगणना के पहले चरण का काम शुरू हो गया है। मकानों की गणना 20 जून तक होगी। अभी तक जिले में करीब 30 फीसदी मकानों की गणना पूरी हो चुकी है। पहले चरण में 6317 प्रगणक लगाए गए हैं। साथ ही एक हजार के करीब सुपरवाइजर हैं। जनगणना में लगे कर्मियों को कई बार काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रगणक बताते हैं कि महानगर में गणना के दौरान कई लोग घरों के गेट तक नहीं खोल रहे हैं। कोई बोलता है कि अभी घर में कोई नहीं है, शाम को आना।
विज्ञापन

दिल्ली रोड स्थित एक कॉलोनी में गणना के लिए गए प्रगणक ने बताया कि जब उन्होंने एक घर में वाहन और रसोई के विषय में प्रश्न किया तो उन्हें सामने से जवाब आया कि क्या सरकार हमें कोई छूट देगी। घर में केवल दोपहिया वाहन, चार पहिया नहीं होने पर क्या सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा रसोई गैस के सवाल देने में लोगों को सबसे अधिक झिझक हो रही है। वह सही-सही जवाब नहीं दे रहे हैं, तो वहीं कई ऐसे भी क्षेत्र रहे जहां लोगों ने प्रगणकों को सही जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन




मोबाइल नंबर देने में सबसे अधिक झिझक

गणना के दौरान प्रगणक सवालों के साथ मोबाइल नंबर भी मांग रहे हैं। कई लोगों ने मोबाइल नंबर मांगने पर रोष भी जताया। उन्होंने कहा कि यदि हमारे साथ ठगी हो गई तो कौन जिम्मेदार होगा। प्रगणक से लेकर सुपरवाइजरों को लोगों को समझाने में पसीने छूट रहे हैं।



-- सही जानकारी देना है जरूरी

जेवी जैन डिग्री कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. हरवीर चौधरी बताते हैं कि जनगणना से जुड़े सवालों का सही और सटीक जवाब देना जरूरी है। इससे देश की आर्थिक स्थिति और लोगों के रहन-सहन की सटीक स्थिति के विषय में सरकार को जानकारी मिलती हैं। इन्हीं आंकड़ों के हिसाब से सरकार लोगों के लिए नीति बनाती है कि किस क्षेत्र में किस योजना की अधिक आवश्यकता है। यदि सरकार के पास ही सटीक आंकड़े नहीं होंगे, तो योजना बनाने और उसे धरातल पर उतारने में परेशानी होगी।




- नहीं देना है कोई दस्तावेज

जिले में जनगणना के नोडल अधिकारी आशुतोष बताते हैं कि घर-घर आने वाले प्रगणकों को सवालों के दौरान कोई भी दस्तावेज नहीं देना है। यदि कोई दस्तावेज मांगता भी है तो साफ मना कर दें। कहा कि आमजन प्रगणकों को गणना कार्य में सहयोग करें और सटीक जानकारी जरूर दें। यह कार्य बिना आमजन के सहयोग के पूरा नहीं हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed