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‘हमारे मुर्गों का क्या होगा, उन्हें भी देख लीजिए’
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-- रूबी ने पुलिस को दी मुर्गों के बारे में जानकारी
-- इनमें चार तो बिक गए, बाकी को पाला जा रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद तीन बच्चे तो रूबी के साथ ही आ गए, लेकिन सिंभालकी जुनारदार में किराए के कमरे में पाले जा रहे मुर्गों को लेकर रूबी टेंशन में रही। उसने पुलिस से पूछा-‘हमारे मुर्गों का क्या होगा, उन्हें भी देख लीजिए।’ रूबी ने बताया कि उसके चार मुर्गे तो बिक गए, लेकिन बाकी को पाला जा रहा था। इनमें 11 चूजे बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी 12 मुर्गे बड़े हैं। ये देेेशी मुर्गे हैं।
पुलिस टीम ने बताया कि इन मुर्गों के बारे में फिलहाल गांव के प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उन्हें बेचकर पैसे रूबी तक पहुंचाया जा सके। रूबी गांव सिंभालकी जुनारदार में फुरकान के मकान पर किराए पर रह रही थी। इसी मकान में वह तीन बच्चों के साथ इन मुर्गों की भी देखभाल कर रही थी। वहीं, रूबी को ले जाते समय तीन बच्चों में रुखसार पूछती रही कि अम्मी कहां जा रहे हैं। थाने पर लाए जाने के बाद इन बच्चों को संभालने में महिला पुलिसकर्मी मदद करती रहीं।
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बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी से ग्रामीण रहे बेचैन
- बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी के बाद सिंभालकी जुनारदार गांव में उसके पड़ोसियों से लेकर अन्य ग्रामीणों में बेचैनी बनी रही। उन्हें आशंका रही कि रूबी के पकड़े जाने के बाद एटीएस या पुलिस की टीम उनसे किसी तरह की पूछताछ न करे। इसलिए कार्रवाई के दौरान अधिकतर ग्रामीण अपनी ओर से पुलिस को कुछ भी बताने से बचते रहे।
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-- इनमें चार तो बिक गए, बाकी को पाला जा रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद तीन बच्चे तो रूबी के साथ ही आ गए, लेकिन सिंभालकी जुनारदार में किराए के कमरे में पाले जा रहे मुर्गों को लेकर रूबी टेंशन में रही। उसने पुलिस से पूछा-‘हमारे मुर्गों का क्या होगा, उन्हें भी देख लीजिए।’ रूबी ने बताया कि उसके चार मुर्गे तो बिक गए, लेकिन बाकी को पाला जा रहा था। इनमें 11 चूजे बताए जा रहे हैं, जबकि बाकी 12 मुर्गे बड़े हैं। ये देेेशी मुर्गे हैं।
पुलिस टीम ने बताया कि इन मुर्गों के बारे में फिलहाल गांव के प्रधान से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उन्हें बेचकर पैसे रूबी तक पहुंचाया जा सके। रूबी गांव सिंभालकी जुनारदार में फुरकान के मकान पर किराए पर रह रही थी। इसी मकान में वह तीन बच्चों के साथ इन मुर्गों की भी देखभाल कर रही थी। वहीं, रूबी को ले जाते समय तीन बच्चों में रुखसार पूछती रही कि अम्मी कहां जा रहे हैं। थाने पर लाए जाने के बाद इन बच्चों को संभालने में महिला पुलिसकर्मी मदद करती रहीं।
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बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी से ग्रामीण रहे बेचैन
- बांग्लादेशी महिला की गिरफ्तारी के बाद सिंभालकी जुनारदार गांव में उसके पड़ोसियों से लेकर अन्य ग्रामीणों में बेचैनी बनी रही। उन्हें आशंका रही कि रूबी के पकड़े जाने के बाद एटीएस या पुलिस की टीम उनसे किसी तरह की पूछताछ न करे। इसलिए कार्रवाई के दौरान अधिकतर ग्रामीण अपनी ओर से पुलिस को कुछ भी बताने से बचते रहे।
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