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Saharanpur News: होटल की 14वीं मंजिल पर थे...हवा में हिल रही थी बिल्डिंग, देखा भयावह मंजर
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सहारनपुर। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए सहारनपुर निवासी नीरज गुप्ता ने वहां आए भूकंप की डरावनी कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। हर कोई चीख रहा था। भगदड़ जैसी स्थिति थी। वह होटल में 14वीं मंजिल पर ठहरे हुए थे, उससे डेढ़ से दो किलोमीटर भरभराकर गिरी बिल्डिंग को हवा में हिलते हुए देखा। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था।
दरअसल, महानगर में सम्राट विक्रम कॉलोनी निवासी नीरज गुप्ता 27 मार्च को पत्नी रुचिका गुप्ता, बेटी परिधि गुप्ता और बेटे अर्णव गुप्ता को साथ लेकर बैंकॉक घूमने के लिए गए हुए हैं। वह सर्जिकल होलसेल का काम करते हैं। उनकी दुकान सुपर मार्केट में है। अमर उजाला से व्हाट्सएप कॉल के जरिए नीरज गुप्ता ने बताया कि जिस समय भूकंप आया था, वह पत्नी, बेटी और बेटे के साथ होटल प्रिंस पेस की 14वीं मंजिल पर ठहरे हुए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप के झटके लगे।
उन्होंने अपनी आंखों से होटल के स्विमिंग पूल से पानी झरने की तरह बहते हुए देखा। इसके अलावा होटल के पास स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग भी भरभराकर गिरती देखी। यह सब देखकर उनका पूरा परिवार डर गया था। शुरुआत में काफी परेशानी बढ़ गई थी, लेकिन कुछ देर बाद बैंकाॅक प्रशासन ने लोगों को रेस्क्यू शुरू किया, जो लोग डरे सहमे थे, उनकी मदद शुरू की।
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-- दो बार आया भूकंप, पहले की रही अधिक तीव्रता
नीरज ने यह भी बताया कि बैंकॉक में दो बार भूकंप आया। पहली पहली बार आए भूकंप की तीव्रता अधिक रही, जो करीब 30 सेकेंड का था। दूसरी बार आए भूकंप की तीव्रता कम रही। भूकंप के बाद उन्होंने सहारनपुर फोन कर अपने माता-पिता को फोन कर जानकारी दी कि वह सुरक्षित है।
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-- हर कोई चिल्ला और भाग रहा था
नीरज ने बताया कि अचानक फर्श हिलने लगी। इतने में ही घबराहट होने लगी। हर कोई घबरा गया। वह भी सड़कों पर आ गए थे। सभी लोग डरे थे। चिल्ला और भाग रहे थे। इमारत से बाहर निकलने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। हालांकि, जिस होटल में वह रुके थे, वहां कुछ ज्यादा नहीं हुआ। अब धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो रहा। वह दो अप्रैल को घर लौटेंगे।
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सहारनपुर। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए सहारनपुर निवासी नीरज गुप्ता ने वहां आए भूकंप की डरावनी कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। हर कोई चीख रहा था। भगदड़ जैसी स्थिति थी। वह होटल में 14वीं मंजिल पर ठहरे हुए थे, उससे डेढ़ से दो किलोमीटर भरभराकर गिरी बिल्डिंग को हवा में हिलते हुए देखा। हर कोई अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था।
दरअसल, महानगर में सम्राट विक्रम कॉलोनी निवासी नीरज गुप्ता 27 मार्च को पत्नी रुचिका गुप्ता, बेटी परिधि गुप्ता और बेटे अर्णव गुप्ता को साथ लेकर बैंकॉक घूमने के लिए गए हुए हैं। वह सर्जिकल होलसेल का काम करते हैं। उनकी दुकान सुपर मार्केट में है। अमर उजाला से व्हाट्सएप कॉल के जरिए नीरज गुप्ता ने बताया कि जिस समय भूकंप आया था, वह पत्नी, बेटी और बेटे के साथ होटल प्रिंस पेस की 14वीं मंजिल पर ठहरे हुए थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे भूकंप के झटके लगे।
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उन्होंने अपनी आंखों से होटल के स्विमिंग पूल से पानी झरने की तरह बहते हुए देखा। इसके अलावा होटल के पास स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग भी भरभराकर गिरती देखी। यह सब देखकर उनका पूरा परिवार डर गया था। शुरुआत में काफी परेशानी बढ़ गई थी, लेकिन कुछ देर बाद बैंकाॅक प्रशासन ने लोगों को रेस्क्यू शुरू किया, जो लोग डरे सहमे थे, उनकी मदद शुरू की।
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नीरज ने यह भी बताया कि बैंकॉक में दो बार भूकंप आया। पहली पहली बार आए भूकंप की तीव्रता अधिक रही, जो करीब 30 सेकेंड का था। दूसरी बार आए भूकंप की तीव्रता कम रही। भूकंप के बाद उन्होंने सहारनपुर फोन कर अपने माता-पिता को फोन कर जानकारी दी कि वह सुरक्षित है।
नीरज ने बताया कि अचानक फर्श हिलने लगी। इतने में ही घबराहट होने लगी। हर कोई घबरा गया। वह भी सड़कों पर आ गए थे। सभी लोग डरे थे। चिल्ला और भाग रहे थे। इमारत से बाहर निकलने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। हालांकि, जिस होटल में वह रुके थे, वहां कुछ ज्यादा नहीं हुआ। अब धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो रहा। वह दो अप्रैल को घर लौटेंगे।