सियासत: 'हम गठबंधन के लिए भीख नहीं मांग रहे', सपा सांसद इकरा हसन पर इमरान मसूद का पलटवार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इमरान मसूद ने इकरा हसन की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए गठबंधन के लिए भीख न मांगने की बात कही।
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इकरा हसन की टिप्पणी पर मसूद का जवाब
खबरों के अनुसार, इकरा हसन ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को हराने में सपा प्रमुख अखिलेश यादव सक्षम हैं और कांग्रेस के अकेले चुनाव लड़ने से विशेष असर नहीं पड़ेगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, ''तो गठबंधन मत कीजिए। कौन मांग रहा है? क्या हम किसी से भीख मांग रहे हैं?''
राहुल गांधी को लेकर भी दिया बयान
इमरान मसूद ने इससे पहले भी कहा था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ही ऐसे विपक्षी नेता हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच है और जो भाजपा को चुनौती देने में सक्षम हैं।
सपा विधायक शिवपाल यादव के उस कथित बयान पर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि इटावा, मैनपुरी और सैफई जैसे सपा के गढ़ों में कांग्रेस को कोई वोट नहीं मिलेगा।
मसूद ने कहा कि यह शिवपाल यादव की राय हो सकती है और कांग्रेस अपने काम पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, ''शिवपाल यादव जो कह रहे हैं, वह उनकी अपनी पार्टी में ही अप्रासंगिक हो गया है।'' मसूद ने आगे कहा कि बहुत से लोग बहुत सी बातें कहते रहते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने इमरान मसूद का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयान आगामी विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और भाजपा को फायदा हो सकता है।
राजभर ने कहा कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन का फैसला राहुल गांधी और अखिलेश यादव करेंगे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयानों को गठबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार में कांग्रेस की राजनीतिक ताकत पर भी सवाल उठाया।