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Saharanpur News: भूजल स्तर बढ़ाने को 3.10 करोड़ रुपये से बनेंगे वाटर शेड
Sun, 30 Mar 2025 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 30 Mar 2025 12:14 AM IST
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सहारनपुर। भूमि संरक्षण विभाग जनपद के नानौता और नागल विकासखंड क्षेत्र में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से 16 वाटर शेड बनाएगा। यह वाटर शेड भूजल स्तर बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।
भूमि संरक्षण विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने एक साल का एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत नानौता ब्लॉक में दस और नागल ब्लाक के पांच गांवों में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग गिरते भूजल स्तर में सुधार लाने आदि के लिए वाटरशेड बनवा रहा है। चयनित गांवों में बागवानी, नालियां, तालाब सुंदरीकरण आदि कार्य भी कराए जाएंगे।
नानौता ब्लॉक के बड़गांव, दल्हेड़ी, शिमलाना, खुदाबक्शपुर, लुकादडी, सिसौना जमालपुर, जड़ौदा पांडा, अंबेहटा मोहन, उमरी मजबता में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इन दस गांव में इस परियोजना पर दो करोड़ आठ लाख पचास हजार रुपये की धनराशि खर्च होगी। नागल ब्लाॅक क्षेत्र के गांव पनियाली कासिमपुर, गांगनौली, शीतलाखेड़ा, नैनसोब, चहलौली, ताजपुर, सढौली हरिया में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इन पर एक करोड़ दो लाख रुपये की धनराशि का बजट रखा गया है।
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वर्जन
इस परियोजना का उद्देश्य बारिश के बहते पानी को सीधे नदी में जाने से रोककर एकत्र करना है। इससे न सिर्फ भूमि कटाव रुकेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी इजाफा होगा।
- उमराव सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी
भूमि संरक्षण विभाग ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने एक साल का एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत नानौता ब्लॉक में दस और नागल ब्लाक के पांच गांवों में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग गिरते भूजल स्तर में सुधार लाने आदि के लिए वाटरशेड बनवा रहा है। चयनित गांवों में बागवानी, नालियां, तालाब सुंदरीकरण आदि कार्य भी कराए जाएंगे।
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नानौता ब्लॉक के बड़गांव, दल्हेड़ी, शिमलाना, खुदाबक्शपुर, लुकादडी, सिसौना जमालपुर, जड़ौदा पांडा, अंबेहटा मोहन, उमरी मजबता में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इन दस गांव में इस परियोजना पर दो करोड़ आठ लाख पचास हजार रुपये की धनराशि खर्च होगी। नागल ब्लाॅक क्षेत्र के गांव पनियाली कासिमपुर, गांगनौली, शीतलाखेड़ा, नैनसोब, चहलौली, ताजपुर, सढौली हरिया में वाटर शेड बनाए जाएंगे। इन पर एक करोड़ दो लाख रुपये की धनराशि का बजट रखा गया है।
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इस परियोजना का उद्देश्य बारिश के बहते पानी को सीधे नदी में जाने से रोककर एकत्र करना है। इससे न सिर्फ भूमि कटाव रुकेगा, बल्कि भूजल स्तर में भी इजाफा होगा।
- उमराव सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी