Saharanpur: दूषित पानी उगल रहा हैंडपंप, टंकी में एक माह से नहीं आया पानी, महिलाओं ने किया प्रदर्शन
सहारनपुर जनपद के छुटमलपुर में पिछले एक माह से नगर पंचायत छुटमलपुर की खेड़ा काॅलोनी में पेयजल आपूर्ति बंद होने से खफा महिलाओं ने बाल्टियां लेकर जल निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि हैंडपंप दूषित पानी उगल रहा है, ऐसे में उनके सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है।
सोमवार दोपहर बाद मोहल्ले की महिलाएं बबीता सैनी, कमलेश वर्मा, मनीषा धीमान, पूजा, विनिता साध, संगीता, ज्योति, रचना सैनी, ओमप्लेस सैनी, अनिता धीमान, कोमल वर्मा, पिंकी सैनी, मिथलेश, गुड्डी आदि खेडे़ के पास लगी टंकी पर इकट्ठा हुई। जहां उन्होंने जल निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
इनका कहना था कि पिछले माह 23 तारीख को आखिरी बार पानी आया था। इसके बाद टंकी नहीं आई। उन्हें सुबह स्कूल के वक्त बच्चों को तैयार करने के साथ ही दैनिक दिनचर्या में दिक्कत आ रही है।
मोहल्ले में दो हैंडपंप है जिनसे दूषित पानी आता है। नहाने आदि के लिए पानी लाने में भी वहां लाइनों में लगना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि जल निगम कार्यालय पर कई बार शिकायत के बाद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करने की मांग की है।
बता दें कि छुटमलपुर के गत वर्ष नगर पंचायत बनने के बाद जल निगम की छुटमलपुर पेयजल योजना का अभी तक अधिगृहण नहीं हो सका है। जल निगम सहारनपुर के भी शहरी और ग्रामीण में विभक्त होने के बाद कोई भी डिवीजन इस पेयजल योजना की जिम्मेदारी उठाने को तैयार नहीं है। फिलहाल भी पिछले 20 दिन से योजना के एक नलकूप की मोटर खराब पड़ी है।
उधर, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी आलोक रंजन का कहना है कि अभी उन्हें पेयजल योजना हैंडओवर नहीं हुई है। इस योजना से छह गांवों को भी पानी जाता है। पहले उन गांवों के लिए पेयजल की व्यवस्था होगी, उसके बाद ही उन्हें पेयजल योजना स्थानांतरित हो सकेगी।