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पॉजिटिव खबर -- कोरोना को हराया और फिर जिम्मेदारी शुरू
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सहारनपुर। एक तरफ बढ़ता कोरोना संक्रमण डर पैदा कर रहा है और लोगों की जान तक ले रहा है तो, कोरोना को हराने वाले भी कम नहीं हैं, जो नियमित उपचार के साथ सावधानी बरतते हुए ठीक हुए और फिर से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे ही लोगों में नगर निगम के महापौर संजीव वालिया और उनके सहायक संजीव जोशी भी शामिल हैं।
महापौर संजीव वालिया और उनके सहायक संजीव जोशी की कोविड -19 जांच रिपोर्ट 30 मार्च को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद इन्होंने खुद को पंतविहार स्थित आवास में आइसोलेट कर लिया। बाहरी लोगों से खुद को दूर कर लिया और चिकित्सक की सलाह के साथ उपचार शुरू किया और ठीक होने पर फिर से अपनी जिम्मेदारी निभाने निकल पड़े। नगर निगम की तरफ से सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कराने से लेकर लोगों की समस्याएं सुनने तक सब कार्य पहले की तरह से ही कर रहे हैं।
अनुलोम-विलोम से मिली बड़ी मदद
महापौर संजीव वालिया का कहना है कि संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने होम आइसोलेशन में रहते समय अपने पास ऑक्सीमीटर रखा। रोजाना ही हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन स्तर चेक करते रहे। घर के परिसर में सुबह और शाम को आधा आधा घंटे तक टहलने का क्रम बनाया। जब भी समय मिला तो अनुलोम विलोम किया, उससे बड़ा फायदा मिला, साथ ही खाने में पूरी सावधानी बरती। शरीर को कमजोरी नहीं आने दी। फल, नारियल पानी, विटामिन सी के लिए संतरा आदि लेते रहे। डॉ. प्रवीण की सलाह पर उचित उपचार के लिए दवाएं भी लेते रहे। किताबों और टीवी के जरिये खुद को व्यस्त रखा। इसके बाद 14 अप्रैल को उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ गई।
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मन में कभी घबराहट नहीं होने दी
महापौर के सहायक संजीव जोशी का कहना है कि संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद परिवार के सदस्यों से फोन पर बात करने, किताबें और समाचार पत्र पढ़कर समय बिताया और किसी तरह की घबराहट नहीं होने दी। बाकी नियमित रूप से योग आदि भी किया और खानपान का ख्याल रखा। संक्रमित होने और फिर ठीक होने पर उनका यही अनुभव है कि आत्मबल मजबूत रखना चाहिए, बीमारी कोई भी हो, नियमों का पालन करने और नियमित उपचार से बीमारी को हराया जा सकता है।
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महापौर संजीव वालिया और उनके सहायक संजीव जोशी की कोविड -19 जांच रिपोर्ट 30 मार्च को पॉजिटिव आई थी। इसके बाद इन्होंने खुद को पंतविहार स्थित आवास में आइसोलेट कर लिया। बाहरी लोगों से खुद को दूर कर लिया और चिकित्सक की सलाह के साथ उपचार शुरू किया और ठीक होने पर फिर से अपनी जिम्मेदारी निभाने निकल पड़े। नगर निगम की तरफ से सैनिटाइजेशन अभियान शुरू कराने से लेकर लोगों की समस्याएं सुनने तक सब कार्य पहले की तरह से ही कर रहे हैं।
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अनुलोम-विलोम से मिली बड़ी मदद
महापौर संजीव वालिया का कहना है कि संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने होम आइसोलेशन में रहते समय अपने पास ऑक्सीमीटर रखा। रोजाना ही हर दो घंटे बाद ऑक्सीजन स्तर चेक करते रहे। घर के परिसर में सुबह और शाम को आधा आधा घंटे तक टहलने का क्रम बनाया। जब भी समय मिला तो अनुलोम विलोम किया, उससे बड़ा फायदा मिला, साथ ही खाने में पूरी सावधानी बरती। शरीर को कमजोरी नहीं आने दी। फल, नारियल पानी, विटामिन सी के लिए संतरा आदि लेते रहे। डॉ. प्रवीण की सलाह पर उचित उपचार के लिए दवाएं भी लेते रहे। किताबों और टीवी के जरिये खुद को व्यस्त रखा। इसके बाद 14 अप्रैल को उनकी जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ गई।
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मन में कभी घबराहट नहीं होने दी
महापौर के सहायक संजीव जोशी का कहना है कि संक्रमित रिपोर्ट आने के बाद परिवार के सदस्यों से फोन पर बात करने, किताबें और समाचार पत्र पढ़कर समय बिताया और किसी तरह की घबराहट नहीं होने दी। बाकी नियमित रूप से योग आदि भी किया और खानपान का ख्याल रखा। संक्रमित होने और फिर ठीक होने पर उनका यही अनुभव है कि आत्मबल मजबूत रखना चाहिए, बीमारी कोई भी हो, नियमों का पालन करने और नियमित उपचार से बीमारी को हराया जा सकता है।