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बेटियों को बढ़ाओ, फिर वोट पाओ
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:20 AM IST
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चुनावी चर्चा करती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में देश विदेश में नाम चमकाने वाले सहारनपुर की बेटियां असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत कर रही है। कहती है कि आगे बढ़ने की बात तो दूर, वह सुरक्षित तक नहीं है।
अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के महाराज सिंह कॉलेज का रुख किया। छात्राएं कैंपस में चुुनाव पर मंथन करती नजर आई। ज्यादातर छात्राओं का कहना था कि प्रत्याशियों की ओर चुनाव जीतने से पहले वायदे तो बहुत किये गए, लेकिन सुविधा एक भी नहीं मिल सकी।
वह बोली कि कुछ न मिल, बस सुरक्षा मिल जाएं इतना ही काफी है। छात्रा रेशमा का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। समय समय पर जनप्रतिनिधियों ने पूरा करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन समस्या जस की तस बनीं है।
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छात्रा शमां कहती है कि छात्राओं के लिए शहर में एक मात्र डिग्री कॉलेज है। इसमें बढ़ोत्तरी की जाए। आरती कहती है कि वह घर से कॉलेज पहुंचने तक सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा मिल जाएं तो काफी है। ऐसे में विभिन्न छात्राएं एक सुर में कहती नजर आई कि बेटियों को आगे बढ़ाने के बाद ही वोट मिल सकेेगा।
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अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के महाराज सिंह कॉलेज का रुख किया। छात्राएं कैंपस में चुुनाव पर मंथन करती नजर आई। ज्यादातर छात्राओं का कहना था कि प्रत्याशियों की ओर चुनाव जीतने से पहले वायदे तो बहुत किये गए, लेकिन सुविधा एक भी नहीं मिल सकी।
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वह बोली कि कुछ न मिल, बस सुरक्षा मिल जाएं इतना ही काफी है। छात्रा रेशमा का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। समय समय पर जनप्रतिनिधियों ने पूरा करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन समस्या जस की तस बनीं है।
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छात्रा शमां कहती है कि छात्राओं के लिए शहर में एक मात्र डिग्री कॉलेज है। इसमें बढ़ोत्तरी की जाए। आरती कहती है कि वह घर से कॉलेज पहुंचने तक सुरक्षित नहीं है। सुरक्षा मिल जाएं तो काफी है। ऐसे में विभिन्न छात्राएं एक सुर में कहती नजर आई कि बेटियों को आगे बढ़ाने के बाद ही वोट मिल सकेेगा।