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ग्रामीणों ने किया खनन पट्टों का विरोध

Mon, 19 Oct 2020 10:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2020 10:51 PM IST
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Villagers protest against mining leases
बेहट में खनन पट्टों को लेकर जन सुनवाई के दौरान आपत्ति दर्ज कराते रामू चौधरी। - फोटो : SAHARANPUR
बेहट। बरथा कोरसी एवं शेरपुर पेलो में आवंटित खनन पट्टों को लेकर डीएम अखिलेश सिंह ने सोमवार को जन सुनवाई की। इस दौरान ग्रामीणों ने अवैध खनन, खनन कार्य एवं खनिज के परिवहन के दौरान उठने वाली धूल से स्वास्थ्य, फसलों एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और स्थानीय लोगों को रोजगार न देने की आपत्तियां दर्ज कराई। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि खनन कार्य नियम एवं शर्तों के अनुसार होगा।
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तहसील सभागार में जन सुनवाई के दौरान डीएम ने बताया कि बरथा कोरसी में 36 हेक्टेयर का खनन पट्टा किया गया है। परियोजना की कुल लागत 1.33 करोड़ है। खनन कार्य दिन के समय होगा और इसमें स्थानीय लोगों को रोजगार देने की प्राथमिकता रहेगी। बरथा कोरसी के गोविंद चौधरी ने कहा कि जिस क्षेत्र में पट्टा किया है, वह फ्लड जोन है। 1978, 1988, 1995 एवं 1998 में बाढ़ आने पर यहां सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ से बचाव एवं राहत कार्य कराए गए हैं। यहां पहले कभी खनन पट्टा नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनका गांव यमुना के तट बंध से सटा है, इसलिए खनन कार्य एवं खनिज के परिवहन के दौरान उड़ने वाली धूल के गुब्बार से उनके स्वास्थ्य, मवेशियों, फसलों और पर्यावरण को नुकसान होगा।
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पूर्व प्रधान चौधरी राम चरण सिंह ने यमुना नदी पर बने तट बंध के किनारे पेड़ लगाने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की। असलमपुर बरथा निवासी रामू चौधरी ने कहा कि पट्टाधारक स्थानीय लोगों को रोजगार न देकर आधुनिक मशीनों से यमुना में खनन करते हैं। पंकज कुमार, ग्राम प्रधान रणबीर चौधरी ने भी आपत्ति दर्ज कराई।
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डीएम ने शेरपुर पेलो में आवंटित सात हेक्टेयर के खनन पट्टे की जनसुनवाई की। ग्रामीण राजेश कुमार, मुनव्वर और जुनैद ने कहा कि खनन पट्टा आरक्षित वन क्षेत्र से सटा है। वर्ष 2006 में भी यह खनन पट्टा इन्हीं कारणों से निरस्त किया। डीएम ने कहा कि सभी की मौखिक एवं लिखित आपत्ति दर्ज कर ली है, जिस पर गहनता से विचार किया जाएगा। एसडीएम दीप्ति देव, जिला खान अधिकारी आशीष कुमार, निरीक्षक एजाज अहमद एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसआर मौर्य आदि रहे।
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