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Saharanpur News: नदियों में फंसे ग्रामीण और बाइक सवार
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सिद्धपीठ शाकंभरी में सुबह के समय ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर मां के दर्शनों को जाते श्रद्धालु
- शिवालिक पहाड़ियों पर बारिश के बाद उफनी घाड़ की नदियां
- सुंदरपुर-शाकंभरी देवी मार्ग पांच घंटे रहा बंद, 40 से ज्यादा गांवों का संपर्क कटा
- पुराने दिल्ली- देहरादून हाईवे पर पहाड़ का मलबा आने से रास्ता हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
शाकंभरी/बिहारीगढ़/ छुटमलपुर। शिवालिक पहाड़ियों में तेज बारिश के बाद घाड़ की नदियां उफान पर आ गईं। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी की नदी में रात से ही पानी आने के चलते श्रद्धालु साढ़े पांच घंटे तक भूरादेव मंदिर पर खड़े रहे। शाम को तो दोबारा से पानी आने पर उन्हें वापस ही होना पड़ा। जानीपुर नदी में बाइक सवार और 10-12 लोग तथा सोलानी में चार लोगों के फंसने पर उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। शाकंभरी-सुंदरपुर मार्ग पांच घंटे बंद रहा जिससे चालीस गांवों का संपर्क कटा रहा। वहीं पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर पहाड़ से मलबा आने पर रास्ता अवरुद्ध हो गया है।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के चलते सुबह 6 बजे से ही श्रद्धालु सिद्धपीठ पहुंचने शुरू हो गए थे परंतु देर रात नदी का जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में श्रद्धालु भूरादेव मंदिर के पास 5.30 घंटे तक फंसे रहे। 11.30 बजे पानी कम होने के बाद उन्हे ट्रैक्टर ट्रॉली से मां के दर्शनों को भेजा गया। दोबारा शाम को 5.30 बजे शिवालिक पहाड़ियों में बारिश होने के बाद नदी में पानी का बहाव आ गया जिसके बाद पुलिस ने सभी को रोक दिया।
घाड़ की शाहपुर गाड़ा, बादशाही बाग नदी का जलस्तर भी बढ़ा रहा। गांव जानीपुर की नदी में पानी आने पर घंटों तक गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। इस दौरान करीब 10-12 ग्रामीण एवं एक बाइक सवार नदी के टापू पर फंस गए जिनको ग्रामीणों ने बमुश्किल बाहर निकाला। बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन नदी में उफान आने पर चालीस से ज्यादा गांवों का संपर्क सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक बाहरी दुनिया से कटा रहा। सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग पर दोनों तरफ लोग पानी कम होने का इंतजार करते रहे। वहीं सोलानी के पार घास लेने गए इस्माइलपुर गांव के भूप सिंह, जनेश्वर प्रसाद, ओमवीर, सुरेशना देवी वापस लौटते समय नदी के बीच में टापू पर फंस गए। शोर मचाने पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने उन्हें रस्सों की मदद से दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला।
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पुराने दिल्ली-देहरादून मार्ग पर भी सुबह के वक्त अचानक से पहाड़ का मलबा आने के बाद रास्ता बंद हो गया। हालांकि यह मार्ग वाहनों के लिए बंद किया हुआ है। इसका उपयोग केवल मोहंड और सोढीनगर के लोग ही देहरादून जाने के लिए करते हैं।
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- सुंदरपुर-शाकंभरी देवी मार्ग पांच घंटे रहा बंद, 40 से ज्यादा गांवों का संपर्क कटा
- पुराने दिल्ली- देहरादून हाईवे पर पहाड़ का मलबा आने से रास्ता हुआ बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
शाकंभरी/बिहारीगढ़/ छुटमलपुर। शिवालिक पहाड़ियों में तेज बारिश के बाद घाड़ की नदियां उफान पर आ गईं। सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी की नदी में रात से ही पानी आने के चलते श्रद्धालु साढ़े पांच घंटे तक भूरादेव मंदिर पर खड़े रहे। शाम को तो दोबारा से पानी आने पर उन्हें वापस ही होना पड़ा। जानीपुर नदी में बाइक सवार और 10-12 लोग तथा सोलानी में चार लोगों के फंसने पर उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। शाकंभरी-सुंदरपुर मार्ग पांच घंटे बंद रहा जिससे चालीस गांवों का संपर्क कटा रहा। वहीं पुराने दिल्ली-देहरादून हाईवे पर पहाड़ से मलबा आने पर रास्ता अवरुद्ध हो गया है।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के चलते सुबह 6 बजे से ही श्रद्धालु सिद्धपीठ पहुंचने शुरू हो गए थे परंतु देर रात नदी का जलस्तर बढ़ गया। ऐसे में श्रद्धालु भूरादेव मंदिर के पास 5.30 घंटे तक फंसे रहे। 11.30 बजे पानी कम होने के बाद उन्हे ट्रैक्टर ट्रॉली से मां के दर्शनों को भेजा गया। दोबारा शाम को 5.30 बजे शिवालिक पहाड़ियों में बारिश होने के बाद नदी में पानी का बहाव आ गया जिसके बाद पुलिस ने सभी को रोक दिया।
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घाड़ की शाहपुर गाड़ा, बादशाही बाग नदी का जलस्तर भी बढ़ा रहा। गांव जानीपुर की नदी में पानी आने पर घंटों तक गांव का तहसील मुख्यालय से संपर्क कटा रहा। इस दौरान करीब 10-12 ग्रामीण एवं एक बाइक सवार नदी के टापू पर फंस गए जिनको ग्रामीणों ने बमुश्किल बाहर निकाला। बिहारीगढ़ क्षेत्र में हिंडन नदी में उफान आने पर चालीस से ज्यादा गांवों का संपर्क सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे तक बाहरी दुनिया से कटा रहा। सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग पर दोनों तरफ लोग पानी कम होने का इंतजार करते रहे। वहीं सोलानी के पार घास लेने गए इस्माइलपुर गांव के भूप सिंह, जनेश्वर प्रसाद, ओमवीर, सुरेशना देवी वापस लौटते समय नदी के बीच में टापू पर फंस गए। शोर मचाने पर इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने उन्हें रस्सों की मदद से दो घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला।
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पुराने दिल्ली-देहरादून मार्ग पर भी सुबह के वक्त अचानक से पहाड़ का मलबा आने के बाद रास्ता बंद हो गया। हालांकि यह मार्ग वाहनों के लिए बंद किया हुआ है। इसका उपयोग केवल मोहंड और सोढीनगर के लोग ही देहरादून जाने के लिए करते हैं।

सिद्धपीठ शाकंभरी में सुबह के समय ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर मां के दर्शनों को जाते श्रद्धालु