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मदनी के बयान के बाद जिले में सतर्कता बढ़ाई
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सहारनपुर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में मंगलवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद की ओर से किए गए प्रदर्शन और मौलाना सैय्यद महमूद मदनी के बयान के बाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था के साथ सतर्कता और बढ़ा दी गई है। अधिकारियों से लेकर थानों और खुफिया विभाग की टीमें देवबंद से लेकर जिले के अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था का फीड बैक लेने में जुटी रहीं। वहीं, कुछ थानों में विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों को चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी है।
मदनी गुट की ओर से विरोध प्रदर्शन के बाद 313 लोगों ने गिरफ्तारियां भी दी थीं। इससे पहले पूर्व विधायक माविया अली जमीयत के साथ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी 313 लोगों ने ही पुलिस के समक्ष गिरफ्तारियां दी थीं। देवबंद के अलावा शहर में पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद से घंटाघर तक किए गए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है।
सीएए पर भ्रम दूर करने की चल रही कोशिश
- इस एहतियात के साथ ही शहर से देहात तक अधिक मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में थानों, तहसीलों के अफसरों से लेकर ग्राम प्रधानों, राशन डीलरों सहित सामाजिक संगठनों तक की मदद से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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विरोध और समर्थन में हो रहे आयोजनों को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट
- सीसीए और एनआरसी के मुद्दे को लेकर विरोध या समर्थन में किए जा रहे सभी तरह के आयोजनों को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। इन आयोजनों में शामिल लोग, भीड़ की स्थिति और विरोध या समर्थन के स्तर को आंका जा रहा है।
नागरिकता के आवेदनों पर भी रहेगी नजर
- नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले अल्पसंख्यकों की ओर से नागरिकता की जरूरत संबंधी आवेदनों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार सभी वर्गों से नागरिकता के लिए आवेदन करने के करीब 30 मामले अब तक शासन स्तर पर लंबित हैं। इनमें रहने की अवधि, नाम और पते के सत्यापन, चारित्रिक स्थिति से लेकर अन्य स्तर के वेरिफिकेशन में देरी लगती है।
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मदनी गुट की ओर से विरोध प्रदर्शन के बाद 313 लोगों ने गिरफ्तारियां भी दी थीं। इससे पहले पूर्व विधायक माविया अली जमीयत के साथ विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी 313 लोगों ने ही पुलिस के समक्ष गिरफ्तारियां दी थीं। देवबंद के अलावा शहर में पिछले शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद से घंटाघर तक किए गए विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है।
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सीएए पर भ्रम दूर करने की चल रही कोशिश
- इस एहतियात के साथ ही शहर से देहात तक अधिक मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में थानों, तहसीलों के अफसरों से लेकर ग्राम प्रधानों, राशन डीलरों सहित सामाजिक संगठनों तक की मदद से जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
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विरोध और समर्थन में हो रहे आयोजनों को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट
- सीसीए और एनआरसी के मुद्दे को लेकर विरोध या समर्थन में किए जा रहे सभी तरह के आयोजनों को लेकर खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। इन आयोजनों में शामिल लोग, भीड़ की स्थिति और विरोध या समर्थन के स्तर को आंका जा रहा है।
नागरिकता के आवेदनों पर भी रहेगी नजर
- नागरिकता संशोधन कानून के लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले अल्पसंख्यकों की ओर से नागरिकता की जरूरत संबंधी आवेदनों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार सभी वर्गों से नागरिकता के लिए आवेदन करने के करीब 30 मामले अब तक शासन स्तर पर लंबित हैं। इनमें रहने की अवधि, नाम और पते के सत्यापन, चारित्रिक स्थिति से लेकर अन्य स्तर के वेरिफिकेशन में देरी लगती है।