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Saharanpur News: वेंटिलेटर की सुविधा, फिर भी चार माह में 1563 मरीज रेफर
Fri, 26 Jul 2024 03:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 26 Jul 2024 03:48 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए पीएम केयर फंड से वेंटिलेटर मुहैया कराए गए। वेंटिलेटर की सुविधा होने के बावजूद चार महीने में 1563 मरीज हायर सेंटर रेफर किए गए। तीन में से एक वेंटिलेटर बंद पड़ा है, जबकि दो चल रहे। साथ ही स्टाफ की कमी भी खल रही है।
साल 2020 में कोरोना संक्रमण आया था। मरीजों को भर्ती करने के लिए कोविड अस्पताल बनाए गए थे। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए प्रधानमंत्री केयर फंड से वेंटिलेटर मंगाए गए। एसबीडी जिला अस्पताल को पीएम केयर फंड से दो वेंटिलेटर आए। 10 बेड के आईसीसीयू वार्ड में तीन वेंटिलेटर हैं, जिनमें से दो पीएम केयर फंड और एक अस्पताल का है। इनमें से एक वेंटिलेटर बंद पड़ा है। वेंटिलेटर की सुविधा होने पर भी जिला अस्पताल मरीजों को रेफर किया जा रहा है। मरीज इमरजेंसी, आईसीसीयू, ट्रामा सेंटर और वार्डों से रेफर किए गए हैं।
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-- किस महीने कितने मरीज हुए रेफर
अप्रैल - 417
मई - 398
जून - 435
जुलाई - 313
(नोट: जुलाई में रेफर का आंकड़ा 24 जुलाई तक का है।)
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-- अस्पताल में सिर्फ नाम के वेंटिलेटर
कपिल विहार कॉलोनी निवासी सुनील राणा बताते हैं कि जिला अस्पताल के आईसीसीयू वार्ड में सिर्फ नाम के वेंटिलेटर है। गंभीर तो दूर की बात यहां तो थोड़ी सी दिक्कत होने पर ही मरीज को रेफर कर दिया जाता है। सुविधाओं का मरीजों को लाभ मिलना चाहिए।
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-- मरीजों को मिले बेहतर उपचार
बृजेश नगर निवासी ललित दीक्षित का कहना है कि सरकार मरीजों के इलाज में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही। जिला अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर की तरह बनकर रह गया है। बेहतर उपचार मिले तो रेफर का आंकड़ा कम हो जाएगा।
-- -- -- -कोरोना काल के दौरान जिला अस्पताल को पीएम केयर फंड से दो वेंटिलेटर मिले थे, जो आईसीसीयू वार्ड में लगे हुए हैं। एक वेंटिलेटर अभी रिपेयर में है, जिसे जल्द ठीक करा लिया जाएगा। हमारी कोशिश यहीं रहती है कि मरीजों को बेहतर उपचार मिले।
- डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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साल 2020 में कोरोना संक्रमण आया था। मरीजों को भर्ती करने के लिए कोविड अस्पताल बनाए गए थे। अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए प्रधानमंत्री केयर फंड से वेंटिलेटर मंगाए गए। एसबीडी जिला अस्पताल को पीएम केयर फंड से दो वेंटिलेटर आए। 10 बेड के आईसीसीयू वार्ड में तीन वेंटिलेटर हैं, जिनमें से दो पीएम केयर फंड और एक अस्पताल का है। इनमें से एक वेंटिलेटर बंद पड़ा है। वेंटिलेटर की सुविधा होने पर भी जिला अस्पताल मरीजों को रेफर किया जा रहा है। मरीज इमरजेंसी, आईसीसीयू, ट्रामा सेंटर और वार्डों से रेफर किए गए हैं।
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अप्रैल - 417
मई - 398
जून - 435
जुलाई - 313
(नोट: जुलाई में रेफर का आंकड़ा 24 जुलाई तक का है।)
कपिल विहार कॉलोनी निवासी सुनील राणा बताते हैं कि जिला अस्पताल के आईसीसीयू वार्ड में सिर्फ नाम के वेंटिलेटर है। गंभीर तो दूर की बात यहां तो थोड़ी सी दिक्कत होने पर ही मरीज को रेफर कर दिया जाता है। सुविधाओं का मरीजों को लाभ मिलना चाहिए।
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बृजेश नगर निवासी ललित दीक्षित का कहना है कि सरकार मरीजों के इलाज में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही। जिला अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर की तरह बनकर रह गया है। बेहतर उपचार मिले तो रेफर का आंकड़ा कम हो जाएगा।
- डॉ. रामानंद, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल